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Ujjain की निकिता का विश्व मंच पर जलवा

Madhya Pradesh के उज्जैन की रहने वाली निकिता पोरवाल अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 का खिताब अपने नाम करने के बाद निकिता 73वीं मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भारत की दावेदारी पेश करेंगी। वियतनाम में होने वाली इस प्रतियोगिता में करीब 120 देशों की प्रतिभागियों के बीच मुकाबला होगा। निकिता के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह उज्जैन से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के बाद अब विश्व मंच तक पहुंची हैं। वर्ष 2024 में मुंबई में आयोजित फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड प्रतियोगिता जीतकर उन्होंने मध्य प्रदेश की पहली मिस इंडिया बनने का गौरव हासिल किया था। इसके बाद से ही उनकी नजर मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता की तैयारी पर रही है। निकिता का परिचय सिर्फ एक ब्यूटी पेजेंट विजेता के तौर पर नहीं है। वह अभिनय, लेखन और थिएटर से भी लंबे समय से जुड़ी हुई हैं। कम उम्र से ही उन्हें कला और रचनात्मक कार्यों में रुचि रही है। थिएटर के अनुभव ने उनके व्यक्तित्व और मंच पर आत्मविश्वास को मजबूत किया है, जिसका फायदा उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी मिल सकता है। सामाजिक मुद्दों को लेकर भी निकिता की सक्रियता चर्चा में रही है। वह आदिवासी महिलाओं और बच्चों से जुड़े विषयों पर काम करने में रुचि रखती हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छ पेयजल जैसे मुद्दों को लेकर उनकी सोच ने उन्हें ‘ब्यूटी विद ए पर्पज’ की भावना से जोड़ने में मदद की है। मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भी सामाजिक सरोकारों को काफी महत्व दिया जाता है। अब वियतनाम में निकिता के सामने अलग-अलग देशों से आई प्रतिभाशाली प्रतिभागियों की चुनौती होगी। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों को कई चरणों से गुजरना होगा, जहां उनके व्यक्तित्व, प्रतिभा, संवाद कौशल और सामाजिक सोच को भी परखा जाएगा। निकिता की तैयारी भी इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की गई है। 5 सितंबर 2026 को होने वाले ग्रैंड फिनाले पर देशभर की निगाहें टिकी हैं। भारत का मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में शानदार इतिहास रहा है और कई भारतीय सुंदरियां इस प्रतिष्ठित खिताब को जीत चुकी हैं। अब उज्जैन की निकिता पोरवाल के सामने इस विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती है। मध्य प्रदेश और देश के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि वह विश्व मंच पर शानदार प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन करेंगी|

निकिता ने महज आठ साल की उम्र में लिखी थी पहली किताब

निकिता पोरवाल का सफर सिर्फ ब्यूटी पेजेंट तक सीमित नहीं है। वह अभिनय, लेखन और थिएटर के क्षेत्र में भी सक्रिय रही हैं। परफॉर्मिंग आर्ट्स की पढ़ाई करने वाली निकिता ने छोटी उम्र से ही रचनात्मक गतिविधियों में दिलचस्पी लेना शुरू कर दिया था। यही वजह है कि आज उनके व्यक्तित्व में मंचीय कला और साहित्य की मजबूत झलक देखने को मिलती है। निकिता की लेखन प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने महज आठ साल की उम्र में अपनी पहली किताब लिखी थी। बचपन से ही कहानियों और किरदारों के प्रति उनकी रुचि आगे चलकर थिएटर से जुड़ाव में बदल गई। उन्होंने बाद में करीब 350 पन्नों का नाटक ‘कृष्णा लीला’ भी लिखा, जिसमें पौराणिक कथाओं को नाटकीय अंदाज में प्रस्तुत करने की कोशिश की गई। अभिनय के क्षेत्र में भी निकिता का अनुभव काफी व्यापक है। वह अब तक 60 से ज्यादा नाटकों में अभिनय कर चुकी हैं। लंबे समय तक थिएटर से जुड़े रहने के कारण उन्हें अलग-अलग तरह के किरदार निभाने और मंच पर दर्शकों के सामने अपनी भावनाएं प्रभावी ढंग से पेश करने का अनुभव मिला है। निकिता सिर्फ खुद मंच पर प्रस्तुति देने तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में भी काम करती हैं। रंगरेज थिएटर कंपनी में क्रिएटिव डायरेक्टर के तौर पर वह युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती हैं। उनका मानना है कि थिएटर नए कलाकारों को सीखने और खुद को बेहतर बनाने के लिए मजबूत मंच प्रदान करता है। कला के अन्य क्षेत्रों में भी निकिता की रुचि देखने को मिलती है। वह शास्त्रीय नृत्य, कविता और संगीत से जुड़ी हुई हैं और हार्मोनियम तथा बांसुरी बजाने में भी रुचि रखती हैं। बड़े मंच पर प्रस्तुति देने का उनका अनुभव भी खास रहा है। वह करीब 10 हजार दर्शकों के सामने रामलीला में माता सीता का किरदार निभा चुकी हैं। निकिता की यही बहुआयामी प्रतिभा उन्हें बाकी प्रतिभागियों से अलग पहचान देती है। अभिनय, लेखन, संगीत और थिएटर का अनुभव उनके व्यक्तित्व में आत्मविश्वास और मंचीय समझ को मजबूत करता है। अब जब वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं, तो उनके प्रशंसकों को उम्मीद है कि उनकी यही कलात्मक पहचान उन्हें मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भी मजबूती देगी।

आदिवासी महिलाओं के लिए काम

निकिता पोरवाल की पहचान सिर्फ एक ब्यूटी पेजेंट विजेता या कलाकार के रूप में नहीं है। सामाजिक मुद्दों को लेकर उनकी रुचि भी उनके व्यक्तित्व का अहम हिस्सा है। खास तौर पर आदिवासी महिलाओं और बच्चों से जुड़े विषयों पर काम करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। उनका मानना है कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब विकास का लाभ उन लोगों तक भी पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। आदिवासी समुदायों में शिक्षा से जुड़े अवसरों को बढ़ाना निकिता के सामाजिक प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलने से उनके लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। इसी सोच के साथ वह शिक्षा के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाने और बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में काम करने पर जोर देती हैं। स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं भी उनके सामाजिक सरोकारों में शामिल हैं। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच कई बार चुनौती बनी रहती है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर आवाज उठाना उनके काम का हिस्सा रहा है। स्वच्छ पेयजल को लेकर भी निकिता की सोच स्पष्ट है। साफ पानी केवल स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि बेहतर जीवन की बुनियादी जरूरत है। आदिवासी इलाकों में स्वच्छ पेयजल की सुविधा को मजबूत करने और लोगों में इसके महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में काम करना उनके सामाजिक उद्देश्य से जुड़ा हुआ है। निकिता आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने पर भी जोर देती हैं। आधुनिक विकास के साथ स्थानीय संस्कृति, कला और परंपराओं को बचाए रखना जरूरी है। वह चाहती हैं कि विकास की प्रक्रिया में आदिवासी समुदायों की पहचान और उनकी विरासत पीछे न छूटे। मिस वर्ल्ड जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचने के बाद निकिता के लिए सामाजिक कार्यों को दुनिया के सामने रखने का अवसर भी बढ़ गया है। उनकी कोशिश है कि सुंदरता को केवल बाहरी रूप तक सीमित न माना जाए, बल्कि समाज के लिए सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता से भी जोड़ा जाए। यही सोच उनके ‘ब्यूटी विद ए पर्पज’ के सफर को खास बनाती है।

वायरल हुआ ओम शांति ओमडांस

मिस वर्ल्ड की तैयारियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें निकिता ग्वाटेमाला, कोलंबिया, मलेशिया, वेनेजुएला, वियतनाम और डोमिनिकन गणराज्य की प्रतिभागियों के साथ बॉलीवुड गाने ‘ओम शांति ओम’ पर डांस करती दिख रही हैं। अलग-अलग देशों की सुंदरियों का बॉलीवुड स्टेप लोगों को खूब पसंद आ रहा है। 9 अगस्त से वियतनाम में प्रतियोगिता का सफर शुरू हो चुका है। रजिस्ट्रेशन, ओरिएंटेशन और ट्रेनिंग के बाद अब फाइनल राउंड की तैयारी है।

भारत को निकिता से हैं उम्मीदें

मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के लिए निकिता पोरवाल की तैयारी सिर्फ बाहरी व्यक्तित्व तक सीमित नहीं है। मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखना, अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को प्रस्तुत करना और भारत की संस्कृति को प्रभावी तरीके से सामने रखना उनकी तैयारी का अहम हिस्सा है। कई महीनों से उनके व्यक्तित्व और कम्युनिकेशन स्किल्स पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रंगमंच से जुड़ाव ने निकिता को कैमरे और बड़े मंच के सामने सहज रहने में काफी मदद दी है। अभिनय के दौरान अलग-अलग किरदारों को समझने और उन्हें प्रस्तुत करने का अनुभव उनके व्यक्तित्व में दिखाई देता है। यही अनुभव मिस वर्ल्ड जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। निकिता की खासियतों में कला के साथ सामाजिक सरोकार भी शामिल हैं। आदिवासी महिलाओं और बच्चों से जुड़े विषयों पर काम करने की उनकी रुचि ने उनके सफर को एक अलग पहचान दी है। शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छ पानी जैसे बुनियादी मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में उनकी सोच ‘ब्यूटी विद अ पर्पज’ की भावना से जुड़ती है। वियतनाम में प्रतियोगिता से जुड़ी गतिविधियों के दौरान निकिता अन्य देशों की प्रतिभागियों के साथ भी समय बिता रही हैं। अलग-अलग संस्कृतियों से आई प्रतिभागियों के साथ संवाद और साझा गतिविधियां इस प्रतियोगिता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसी दौरान भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय गीत पर निकिता का अन्य प्रतिभागियों के साथ डांस भी लोगों का ध्यान खींच चुका है। भारत का मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में शानदार इतिहास रहा है। रीता फारिया से लेकर ऐश्वर्या राय, प्रियंका चोपड़ा और मानुषी छिल्लर तक कई भारतीय महिलाओं ने इस मंच पर देश का नाम रोशन किया है। अब निकिता पोरवाल के सामने इसी विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती है। उनकी कोशिश होगी कि वह अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और सामाजिक सोच के जरिए जजों पर मजबूत प्रभाव छोड़ें। उज्जैन से शुरू हुआ निकिता का सफर अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है। उनके लिए यह प्रतियोगिता केवल ताज जीतने का मौका नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, कला और सामाजिक सोच को दुनिया के सामने रखने का अवसर भी है। अब प्रतियोगिता के ग्रैंड फिनाले पर देशभर की निगाहें टिकी हैं और हर कोई निकिता के प्रदर्शन का इंतजार कर रहा है।

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