Mohali के कुंभड़ा इलाके में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर गुरसेवक सिंह की हत्या के मामले में पुलिस जांच अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। मामले में स्कूल की पूर्व शिक्षिका हरप्रीत कौर और उसके पति सरताज सिंह को नामजद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आए CCTV फुटेज के आधार पर दोनों की भूमिका को लेकर पड़ताल आगे बढ़ाई गई है। खरड़ के डीएसपी ईशान सिंगला ने बताया कि पुलिस इस मामले में उपलब्ध CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। दोनों नामजद आरोपियों के बारे में बताया गया है कि वे फिलहाल मोहाली में रह रहे थे, जबकि उनका स्थायी पता चंडीगढ़ के सेक्टर-22 से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर तलाश शुरू कर दी है। ह.त्या के बाद से ही गुरसेवक सिंह के परिवार ने शिक्षिका के साथ पुराने विवाद की बात कही थी। परिजनों के अनुसार, स्कूल में कामकाज और विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़े मुद्दों को लेकर दोनों के बीच मतभेद थे। परिवार का दावा है कि शिक्षिका के काम से संबंधित शिकायत शिक्षा विभाग तक भी पहुंचाई गई थी, जिसके बाद उनका तबादला कर दिया गया था। परिवार ने आरोप लगाया था कि तबादले के बाद शिक्षिका और गुरसेवक सिंह के बीच संबंध और खराब हो गए थे। इसी कथित रंजिश को परिजनों ने हत्या की संभावित वजह बताते हुए पुलिस से मामले की गहराई से जांच करने की मांग की थी। अब पुलिस द्वारा शिक्षिका और उनके पति को केस में नामजद किए जाने के बाद जांचकर्ताओं का ध्यान इस पुराने विवाद की कड़ी को भी समझने पर है। पुलिस ने अभी हत्या की पूरी साजिश या इसके पीछे की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। शिक्षिका और उनके पति की भूमिका क्या रही, क्या उनका हमलावरों से कोई संपर्क था और वारदात को अंजाम देने के पीछे कौन लोग थे, इन सवालों के जवाब जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
5 अगस्त को घर पहुंचते ही हमला
मोहाली के सनी एन्क्लेव में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर गुरसेवक सिंह पर हुए जानलेवा हमले ने इलाके में सनसनी फैला दी। बताया जा रहा है कि 5 अगस्त को वह स्कूल की ड्यूटी पूरी करने के बाद अपनी कार से घर लौटे थे। घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद उन पर हमला कर दिया गया। गुरसेवक सिंह जैसे ही अपनी कार से बाहर निकले, एक i20 कार में सवार कुछ युवक वहां पहुंचे। हमलावरों ने उन्हें संभलने का मौका दिए बिना घेर लिया और तेजधार हथियारों से हमला शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से आसपास के इलाके में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हमले में गुरसेवक सिंह को गंभीर चोटें आईं। बताया गया है कि हमलावरों ने कुल्हाड़ी और अन्य धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया था। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि घायल गुरसेवक को इलाज के लिए तुरंत मोहाली के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार शुरू किया गया, लेकिन उनकी हालत बेहद गंभीर बनी रही। परिवार और परिचित लगातार उनके ठीक होने की उम्मीद लगाए हुए थे। हालांकि, इलाज के दौरान रविवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। मौत के बाद गुरसेवक सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिवार के सदस्यों, परिचितों और उनके साथ काम कर चुके लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और हमले के पीछे की वजह तथा इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए अलग-अलग पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस अब वारदात से जुड़े CCTV फुटेज, घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद से हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना भी है कि हमलावर किस मकसद से गुरसेवक सिंह को निशाना बनाने पहुंचे थे और इस हमले के पीछे किसी बड़ी साजिश का हाथ था या नहीं।

1 मई को भी हमले की कोशिश का दावा
मोहाली हेडमास्टर हत्याकांड की जांच के बीच एक पुरानी घटना भी सामने आई है। परिवार का दावा है कि गुरसेवक सिंह को इससे पहले भी निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। परिजनों के अनुसार, यह घटना 1 मई की है, जब वह अपने एक साथी शिक्षक की रिटायरमेंट पार्टी में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान एक i20 कार वहां आकर रुकी थी। उसमें सवार कुछ युवक गुरसेवक सिंह के आसपास पहुंचे थे। उस समय मौजूद अन्य शिक्षकों को स्थिति कुछ संदिग्ध लगी और उनकी सतर्कता के कारण कथित तौर पर कोई बड़ा हमला नहीं हो सका। उस घटना के बाद भी उन्हें खतरे की आशंका थी। उस समय मामला उतना गंभीर रूप नहीं ले सका और गुरसेवक सिंह सुरक्षित वापस लौट आए थे। अब उनकी हत्या के बाद परिवार द्वारा बताई गई यह पुरानी घटना जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 1 मई को सामने आई घटना और 5 अगस्त को हुए जानलेवा हमले के बीच कोई संबंध था या नहीं। जांचकर्ताओं की नजर इस बात पर भी है कि दोनों घटनाओं में इस्तेमाल बताई जा रही i20 कार एक ही थी या अलग-अलग वाहन थे। जांच के दौरान पुलिस पुराने घटनाक्रम से जुड़े लोगों से जानकारी जुटा सकती है और उस समय मौजूद शिक्षकों के बयान भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसके अलावा उपलब्ध CCTV फुटेज या अन्य साक्ष्यों की मदद से दोनों घटनाओं की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने इस पुराने हमले को मौजूदा हत्याकांड से जोड़कर जांच शुरू की है, लेकिन दोनों घटनाओं के बीच संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस का फोकस हमले के पीछे की वजह, आरोपियों की पहचान और पूरी साजिश का पता लगाने पर है।
पति-पत्नी दोनों पुलिस की रडार पर
मोहाली हेडमास्टर हत्याकांड में पुलिस ने शिक्षिका हरप्रीत कौर और उनके पति सरताज सिंह को केस में नामजद किया है। दोनों की गिरफ्तारी अभी नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और उन्हें पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और दोनों से जुड़े लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांचकर्ताओं की कोशिश है कि आरोपियों को जल्द से जल्द हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए, जिससे वारदात की पूरी कड़ी को समझने में मदद मिल सके। मामले में नाम सामने आने के बावजूद हत्या के पीछे का वास्तविक मकसद अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस पुराने विवाद, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और CCTV फुटेज समेत कई पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वारदात से पहले आरोपियों और मृतक के बीच कोई संपर्क या विवाद हुआ था या नहीं। जांच का गुरसेवक सिंह पर हमला करने वाले लोग कौन थे और उनका नामजद आरोपियों से क्या संबंध था। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि हमला अचानक हुआ था या पहले से इसकी योजना बनाई गई थी। हमलावरों तक पहुंचने के लिए पुलिस तकनीकी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद ले रही है। पुलिस ने मामले में किसी एक कारण को हत्या की अंतिम वजह नहीं माना है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही कई अहम सवालों के जवाब मिल सकते हैं। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय कार्रवाई की तलवार भी लटकी
मोहाली हेडमास्टर हत्याकांड में शिक्षिका का नाम सामने आने के बाद अब शिक्षा विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। हत्या के मामले में नामजद होने से पहले ही शिक्षिका से जुड़े स्कूल के कामकाज को लेकर शिकायत का मामला सामने आया था। इसी शिकायत के बाद उनके तबादले की कार्रवाई किए जाने की जानकारी है। स्कूल में कार्यप्रणाली और विद्यार्थियों से जुड़े कुछ मामलों को लेकर शिक्षिका के खिलाफ शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर मामले को देखा गया और शिक्षिका का स्थानांतरण कर दिया गया था। अब पुलिस की जांच में उनका नाम आने के बाद पुराना विभागीय रिकॉर्ड भी चर्चा में आ गया है। हत्या के मामले में नामजद किए जाने के बाद शिक्षा विभाग पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार कर सकता है। विभाग यह देखेगा कि पुलिस की जांच में शिक्षिका की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या उनके खिलाफ विभागीय नियमों के तहत कोई कार्रवाई बनती है। अगर जांच में आरोपों से जुड़े ठोस तथ्य सामने आते हैं, तो विभाग अपने स्तर पर भी नियमानुसार कदम उठा सकता है। इसमें विभागीय जांच या अन्य प्रशासनिक कार्रवाई जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी कार्रवाई का फैसला जांच और संबंधित नियमों के आधार पर ही होगा। पुलिस की जांच प्राथमिक स्तर पर चल रही है और शिक्षिका तथा उनके पति की गिरफ्तारी भी बाकी है। ऐसे में हत्या के मामले में उनकी वास्तविक भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की तस्वीर आगे की जांच के बाद ही साफ होगी। शिक्षा विभाग की ओर से भी मामले पर नजर रखे जाने की संभावना है। पुलिस जांच में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर विभाग आगे का निर्णय ले सकता है। फिलहाल पूरा मामला पुलिस की जांच और आगामी कार्रवाई पर निर्भर है।
पत्नी भी शिक्षिका, छोटा बेटा साथ रहता था
मोहाली के कुंभड़ा इलाके में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर गुरसेवक सिंह की हत्या के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में स्कूल की पूर्व शिक्षिका हरप्रीत कौर और उनके पति सरताज सिंह को नामजद किए जाने के बाद जांच का फोकस उनके कथित संबंधों और वारदात से जुड़ी कड़ियों पर है। पुलिस उपलब्ध CCTV फुटेज और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है। दोनों नामजद आरोपी फिलहाल मोहाली में रह रहे थे, जबकि उनका स्थायी पता चंडीगढ़ के सेक्टर-22 से जुड़ा बताया गया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या की घटना से पहले दोनों की गतिविधियां क्या थीं और उनका मृतक से किस तरह का संपर्क था। गुरसेवक सिंह के परिवार ने हत्या के बाद शिक्षिका के साथ पुराने विवाद का जिक्र किया था। परिजनों के अनुसार, स्कूल में कामकाज और विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़े मुद्दों को लेकर दोनों के बीच मतभेद हुए थे। परिवार का कहना था कि शिक्षिका के काम को लेकर विभाग के समक्ष शिकायत भी की गई थी, जिसके बाद उनका तबादला हुआ था। परिवार ने यह भी आरोप लगाया था कि तबादले के बाद गुरसेवक सिंह को लेकर शिक्षिका की नाराजगी बढ़ गई थी। इसी पुराने विवाद को परिजनों ने हत्या के पीछे संभावित वजह बताते हुए पुलिस से गहन जांच की मांग की थी। अब पुलिस की ओर से शिक्षिका और उनके पति को नामजद किए जाने के बाद इस पहलू की जांच और महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। इस पूरे मामले का सबसे संवेदनशील पहलू गुरसेवक सिंह का परिवार है। वह अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी भी शिक्षिका हैं, जबकि बड़ा बेटा पढ़ाई के लिए कनाडा में रह रहा है। छोटा बेटा गजलप्रीत सिंह परिवार के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था और पिता के अंतिम संस्कार के दौरान उसी ने उन्हें मुखाग्नि दी। पुलिस हत्या के कारण और पूरी साजिश को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। जांच में CCTV फुटेज, पुराने विवाद और आरोपियों की संभावित भूमिका समेत कई पहलुओं को शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही मामले से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।










