हरियाणा में CBSC परीक्षा के कमजोर प्रदर्शन को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नारायणगढ़ के मॉडल स्कूल में 10वीं कक्षा के 39 विद्यार्थियों को गणित और विज्ञान विषय में कंपार्टमेंट आई है। आरोप है कि परीक्षा परिणाम के बाद इन विद्यार्थियों को स्कूल से ही बाहर कर दिया गया और अब उन्हें कई किलोमीटर दूर हिंदी माध्यम के स्कूलों में पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
मामला नारायणगढ़ के मॉडल स्कूल से जुड़ा है, जहां वर्ष 2025-26 में 10वीं कक्षा के 104 विद्यार्थियों ने सीबीएसई की परीक्षा दी थी। इनमें से 39 विद्यार्थियों की गणित और विज्ञान विषय में कंपार्टमेंट आई। परीक्षा परिणाम आने के बाद अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच विवाद की स्थिति बन गई। मिली जानकारी के मुताबिक, इन विद्यार्थियों को स्कूल में दोबारा दाखिला नहीं दिया गया और कई छात्रों के स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट भी जारी कर दिए गए। बताया गया है कि करीब 42 दिन बाद कंपार्टमेंट परीक्षा हुई, जिसमें 9 विद्यार्थी पास हो गए। इसके बाद बाकी विद्यार्थियों को दोबारा दाखिला देने के बजाय दूसरे स्कूलों में जाने की बात कही गई। अभिभावकों का आरोप है कि इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उन्हें अपने घर से करीब 5 से 7 किलोमीटर दूर हरियाणा बोर्ड के हिंदी माध्यम स्कूलों में दाखिला लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं, स्कूल प्रबंधन की ओर से सीबीएसई के नियमों का हवाला दिया जा रहा है।

स्कूल का कहना है कि कंपार्टमेंट वाले विद्यार्थियों को अगली कक्षा में पढ़ने के लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार ही दाखिला दिया जा सकता है। मामले को लेकर जिला शिक्षा विभाग ने भी संज्ञान लिया है। अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न होने देने और नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि कंपार्टमेंट वाले इन विद्यार्थियों की पढ़ाई का रास्ता कैसे साफ होगा और क्या उन्हें उसी स्कूल में आगे पढ़ने का मौका मिलेगा? फिलहाल अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। मामला शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन के बीच नियमों की व्याख्या से भी जुड़ गया है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में क्या समाधान निकालता है और विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए क्या राहत मिलती है। I










