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Refugee Claim के बाद 7 बार मूल देश गया, अब Deportation का खतरा!

कनाडा से इस वक्त एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने उन लोगों की चिंता बढ़ा दी है जो Refugee Claim जीतने के बाद अपने मूल देश की यात्रा कर चुके हैं।करीब 30 साल तक कनाडा में रहने वाले Roman नाम के एक व्यक्ति को अब Deportation का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि वह 1997 में कनाडा पहुंचा था। 1998 में उसे Refugee Protection मिली और 1999 में वह कनाडा का Permanent Resident बन गया।
यानी करीब तीन दशक तक वह कनाडा में रहा, अपना कारोबार खड़ा किया और यहीं अपनी जिंदगी बसाई। लेकिन कहानी तब बदल गई जब उसने अपने मूल देश की कई बार यात्रा की।
जानकारी के मुताबिक, Roman करीब सात बार अपने मूल देश जा चुका था। परिवार में बीमारी या दूसरे निजी कारणों से वह वहां जाता रहा। लेकिन सातवीं यात्रा के बाद कनाडाई इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसकी यात्राओं और उसके Refugee Status को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
कनाडाई अधिकारियों का कहना था कि अगर कोई व्यक्ति उस देश में बार-बार लौट रहा है, जहां से उसने खतरे का हवाला देकर Refugee Protection मांगी थी, तो यह सवाल उठ सकता है कि क्या अब उसे उस देश से वास्तव में खतरा है या नहीं।

इसी आधार पर अधिकारियों ने माना कि Roman ने अपने मूल देश का संरक्षण दोबारा हासिल कर लिया है। ऐसे में उसकी कनाडा की Refugee Protection और Permanent Resident Status पर भी असर पड़ सकता है।
अब 11 अगस्त 2026 को Federal Court of Appeal से भी Roman को बड़ा झटका लगा। MANNIYE अदालत ने Deportation रोकने के लिए दायर उसकी तत्काल Stay Application को खारिज कर दिया। हालांकि उसकी मुख्य कानूनी अपील अभी जारी है, लेकिन फिलहाल उसके ऊपर कनाडा से बाहर भेजे जाने का खतरा बना हुआ है।
यह मामला सिर्फ Roman तक सीमित नहीं है। इससे उन सभी Refugees के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, जो कनाडा में Refugee Claim जीतने के बाद अपने मूल देश की यात्रा करते हैं।
खासकर पंजाबियों के लिए यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है। सवाल यह है कि अगर किसी व्यक्ति ने कनाडा में Refugee Claim जीत लिया है और बाद में वह भारत या अपने मूल देश वापस गया है, तो क्या उसकी यात्रा भविष्य में उसके Refugee Status या PR पर सवाल खड़े कर सकती है?
याद रखिए, हर मामले के तथ्य अलग होते हैं और किसी व्यक्ति की यात्रा अपने आप Deportation का कारण बन जाए, ऐसा जरूरी नहीं है। लेकिन Roman का मामला यह जरूर दिखाता है कि Refugee Protection मिलने के बाद अपने मूल देश की यात्रा करने से पहले कानूनी स्थिति को समझना कितना जरूरी है।
अब देखना होगा कि Roman की आगे की कानूनी अपील में क्या फैसला आता है और क्या यह मामला भविष्य में कनाडा के Refugee मामलों के लिए कोई बड़ी मिसाल बनता है

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