भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में CBI ने 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट में घटना से पहले त्विषा की मानसिक स्थिति, उनके आखिरी संदेश और घटना की रात का घटनाक्रम दर्ज है। हालांकि, चार्जशीट के बाद भी परिजनों की ओर से जांच को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं।
CCTV फुटेज को लेकर सवाल
परिजनों का सवाल है कि 12 मई की सुबह जिस ब्यूटी पार्लर में त्विषा गई थीं, वहां का CCTV फुटेज किसने निकलवाया और किसके निर्देश पर लिया गया? परिवार का कहना है कि अगर यह फुटेज मामले में अहम साक्ष्य था, तो इसे सुरक्षित रखने की प्रक्रिया स्पष्ट होनी चाहिए। हालांकि, फुटेज किसने गायब किया, यह फिलहाल साबित तथ्य नहीं बल्कि परिजनों की ओर से उठाया गया सवाल है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों का अंतर
परिजनों के अनुसार भोपाल एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर समेत शरीर पर करीब आधा दर्जन चोटों का उल्लेख था। वहीं 24 मई को दिल्ली एम्स के मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए दोबारा पोस्टमार्टम में मारपीट के निशान नहीं मिलने की बात सामने आई। दोनों रिपोर्टों के बीच अंतर को लेकर परिवार जवाब मांग रहा है।
फंदे की बेल्ट डॉक्टरों को क्यों नहीं दी गई?
पुलिस अधिकारी के बयान के मुताबिक, घटनास्थल से लोहे के पाइप पर नायलान की दो काली बेल्टनुमा पट्टियां मिली थीं। सीबीआई ने पूछताछ में सवाल किया कि फंदे में इस्तेमाल बेल्ट पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों को क्यों नहीं सौंपी गई। अधिकारी ने इस संबंध में जानकारी नहीं होने की बात कही।
अब आगे क्या?
चार्जशीट में दर्ज घटनाक्रम के मुताबिक, 12 मई की रात करीब 9:36 बजे त्विषा ने अपनी मां को संदेश भेजा था। इसके बाद करीब 10:55 बजे एम्स में उन्हें मृत घोषित किया गया। अब परिवार CCTV, मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल की जांच और फंदे की बेल्ट से जुड़े सवाल अदालत के सामने रखने की तैयारी में है।फिलहाल इन सवालों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही तय होगा।











