वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर ने हाल ही में अपने नाटक ‘कुछ भी हो सकता है’ को लेकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कई मुश्किलों के बावजूद रविवार रात उनका यह नाटक सफल रहा और दर्शकों से उन्हें भरपूर प्यार मिला।अनुपम खेर ने कहा कि थिएटर में नाटक करना एक अलग तरह की खुशी देता है, जो किसी और माध्यम से नहीं मिलती। मंच पर परफॉर्म करते समय कलाकार को पूरी तरह उसी पल में मौजूद रहना पड़ता है, क्योंकि वहां कमियां छिप नहीं सकतीं। यही थिएटर का असली जादू है।

मंच पर अपनी जिंदगी की कहानी सुनाना सुकून देता है
अनुपम खेर ने मंच पर अपने निजी अनुभव साझा करने को थेरेपी जैसा बताया। उन्होंने कहा,
“मेरे लिए स्टेज पर अपनी जिंदगी के अनुभव, असफलताओं और ठुकराए जाने के पलों के बारे में बात करना बहुत सुकून देता है। इससे मुझे अंदर से शांति मिलती है।”
उन्होंने आगे कहा कि थिएटर करना उनके अभिनय को जिंदा रखता है और उन्हें हर बार कुछ नया सीखने का मौका देता है।
थिएटर से मिलता है आत्मविश्वास और ऊर्जा
अनुपम खेर के अनुसार, मंच पर अभिनय करने से नई ऊर्जा और आत्मविश्वास मिलता है। यह कलाकार को खुद से जुड़ने और दर्शकों से सीधा संवाद करने का अवसर देता है, जो किसी और माध्यम में संभव नहीं होता।