जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारतीय सेना ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। सेना की व्हाइट नाइट कोर (16 कोर) ने करीब 326 दिनों तक चले हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन में 7 खतरनाक आतंकवादियों को मार गिराया है। यह ऑपरेशन बेहद कठिन पहाड़ी इलाकों और खराब मौसम में चलाया गया।
सेना ने बताया कि इस दौरान जवानों ने बर्फीले, ठंडे और दुर्गम क्षेत्रों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। कई बार मुठभेड़ हुई और आखिरकार चटरू इलाके में सभी आतंकियों का सफाया कर दिया गया। इस अभियान में भारतीय सेना के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ भी शामिल थी।

10 लाख का इनामी आतंकी कमांडर सैफुल्लाह ढेर होने का शक
मारे गए आतंकवादियों में जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर सैफुल्लाह के शामिल होने की आशंका है, जिस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अगर इसकी पुष्टि होती है तो यह जैश आतंकी संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
हाईटेक तकनीक से मिली बड़ी सफलता
सेना ने इस ऑपरेशन में ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी, यूएवी और आधुनिक संचार तकनीक का इस्तेमाल किया, जिससे आतंकियों की सही लोकेशन पता लगाने में मदद मिली। सेना ने कहा कि जवानों के साहस, धैर्य और मजबूत खुफिया तंत्र के चलते यह बड़ी सफलता मिली है।
आतंकी नेटवर्क पर करारा प्रहार
भारतीय सेना ने कहा कि यह आतंकी नेटवर्क पर बड़ा हमला है और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को कहीं भी छिपने नहीं दिया जाएगा। ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के हथियार और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं।
पिछले एक साल में दर्जनों मुठभेड़
पिछले एक साल के दौरान किश्तवाड़, डोडा, कठुआ और उधमपुर जिलों के जंगलों में जैश आतंकियों के साथ एक दर्जन से ज्यादा मुठभेड़ हुईं। सुरक्षा बल लगातार आतंकियों का पीछा करते रहे और अंततः उन्हें खत्म करने में सफलता मिली।