टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में भारत की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। अहमदाबाद में खेले गए मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रन से करारी शिकस्त दी। इस हार के बाद भारत सुपर-8 ग्रुप-1 में आखिरी स्थान पर पहुंच गया है और उसका नेट रन रेट -3.800 हो गया है।
अब भारत के लिए सेमीफाइनल में पहुंचने की राह काफी मुश्किल हो गई है। टीम इंडिया को वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के खिलाफ दोनों मैच हर हाल में जीतने होंगे, वह भी बड़े अंतर से।
सुपर-8 ग्रुप-1 की स्थिति
- दक्षिण अफ्रीका: 2 अंक, नेट रन रेट +3.800
- वेस्टइंडीज: 0 अंक
- जिम्बाब्वे: 0 अंक
- भारत: 0 अंक, नेट रन रेट -3.800

भारत को कैसे मिली हार?
दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 187 रन बनाए। डेविड मिलर (63 रन) और डेवाल्ड ब्रेविस (45 रन) की शानदार बल्लेबाजी से टीम मजबूत स्कोर तक पहुंची। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने 3 विकेट लेकर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन बाकी गेंदबाज असरदार साबित नहीं हुए।
188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम पूरी तरह बिखर गई और 111 रन पर सिमट गई। मार्को यानसेन ने चार विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।
अब सेमीफाइनल में कैसे पहुंचेगा भारत?
भारत को अब 26 फरवरी को जिम्बाब्वे और 1 मार्च को वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच खेलने हैं। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत के सामने ये मुख्य समीकरण हैं:
दोनों मैच जीतना जरूरी
भारत को हर हाल में दोनों मुकाबले जीतने होंगे। अगर दक्षिण अफ्रीका अपने बाकी मैच जीत लेता है और भारत भी दोनों मैच जीतता है, तो भारत के 4 अंक हो जाएंगे और सेमीफाइनल का रास्ता आसान हो जाएगा।
नेट रन रेट सबसे बड़ा फैक्टर
अगर तीन टीमें 4-4 अंकों पर पहुंचती हैं, तो फैसला नेट रन रेट से होगा। भारत का मौजूदा नेट रन रेट काफी कमजोर है, इसलिए उसे बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।अगर भारत एक भी मैच हारता है, तो उसका सेमीफाइनल में पहुंचना बहुत मुश्किल हो जाएगा और पूरी तरह दूसरी टीमों के नतीजों पर निर्भर करेगा।
भारत के बचे हुए मैच
26 फरवरी: भारत बनाम जिम्बाब्वे – चेन्नई 1 मार्च: भारत बनाम वेस्टइंडीज – कोलकाता
भारत के सामने बड़ी चुनौतियां
अब टीम इंडिया के सामने ये बड़ी चुनौतियां हैं:
दोनों मैच जीतना नेट रन रेट सुधारना बल्लेबाजी में मजबूती लाना गेंदबाजी में अनुशासन दिखाना सही प्लेइंग-11 का चयन करना
कुल मिलाकर, भारत के लिए अब हर मैच फाइनल जैसा है। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत जरूरी है। 76 रन की भारी हार ने भारत की राह मुश्किल बना दी है, लेकिन अगर टीम दमदार वापसी करती है तो अभी भी उम्मीद बाकी है।