पंजाब में बंदी सिखों की रिहाई समेत कई मांगों को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के पंजाब बंद के आह्वान का अलग-अलग शहरों में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। कई जगह बाजार बंद हैं और प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर धरना देकर यातायात प्रभावित किया है, जबकि कुछ इलाकों में जनजीवन सामान्य नजर आया। बंदी सिखों की रिहाई, जगतार सिंह हवारा की पैरोल और 15 अगस्त को चंडीगढ़ में हुई कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई समेत कई मांगों को लेकर यह बंद बुलाया गया है।
कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई की मांग कर रहा है। इसके अलावा जेल में बंद जगतार सिंह हवारा के लिए पैरोल और विभिन्न मामलों में हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग भी उठाई जा रही है। कई सिख संगठनों ने पंजाब बंद को अपना समर्थन दिया है।
मोहाली में बस सेवा प्रभावित, सड़क पर प्रदर्शन
मोहाली में पंजाब बंद का असर साफ दिखाई दिया। मोहाली बस अड्डे पर सरकारी और निजी बसों का संचालन प्रभावित रहा। बस अड्डे पर यात्रियों की संख्या भी काफी कम नजर आई। बस सेवा प्रभावित होने के कारण अपने गंतव्य तक पहुंचने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।वहीं, फेज-7 और फेज-8 के मेन लाइट प्वाइंट पर मोर्चा समर्थकों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से बंद में सहयोग करने की अपील की गई।






बंद को देखते हुए मोहाली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। डीएसपी हरसिमरन सिंह बाल के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिले के अलग-अलग स्थानों पर करीब 1500 पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई है। पुलिस की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।पुलिस प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जालंधर में कई जगह धरना, बाजारों पर भी असर
जालंधर में भी पंजाब बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सिख संगठनों के सदस्यों ने गुरु नानक मिशन चौक समेत कई इलाकों में धरना प्रदर्शन किया। कई प्रमुख बाजार और मार्ग बंद नजर आए।
स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने प्रमुख चौराहों और बाजारों में सुरक्षा बल तैनात किए हैं। पुलिस की ओर से संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
मुक्तसर में बाजार, स्कूल-कॉलेज और बस सेवा बंद
मुक्तसर में पंजाब बंद का काफी व्यापक असर दिखाई दिया। यहां बाजार, स्कूल, कॉलेज और कई व्यावसायिक संस्थान बंद रहे। हाईवे पर भी यातायात प्रभावित हुआ।
बस सेवा पर भी बंद का असर देखने को मिला। बस स्टैंड से किसी भी रूट पर बसें रवाना नहीं हुईं, जिसके चलते यात्रियों को काफी परेशानी हुई। हालांकि, जरूरी सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया। मेडिकल स्टोर, अस्पताल, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाएं जारी रहीं।मुक्तसर में सड़क यातायात प्रभावित होने के बावजूद रेल सेवा सुचारू रूप से चलती रही। यानी बंद का असर रेलवे सेवाओं पर नहीं पड़ा।
कोटकपूरा में भी मिला-जुला असर
कोटकपूरा में पंजाब बंद का असर मिला-जुला रहा। शहर के अधिकांश बाजार बंद नजर आए, जबकि कुछ सड़कों पर वाहनों की आवाजाही जारी रही। ट्रांसपोर्ट सेवाएं प्रभावित होने के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।बत्तियां वाला चौक पर सिख संगठनों की ओर से प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर नारेबाजी की।इस दौरान अकाली दल वारिस पंजाब के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मोर्चे की प्रमुख मांगों में जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने, सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों को रिहा करने और सिख नेताओं पर दर्ज मामलों को वापस लेने जैसी मांगें शामिल हैं।
चंडीगढ़ में बंद का खास असर नहीं
वहीं, चंडीगढ़ में पंजाब बंद का कोई खास असर देखने को नहीं मिला। हालांकि जीरकपुर और मोहाली की तरफ कई जगह दुकानें बंद रहीं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्रभावित हुआ, लेकिन चंडीगढ़ शहर में जनजीवन काफी हद तक सामान्य रहा।सुरक्षा के लिहाज से चंडीगढ़ पुलिस ने जीरकपुर से चंडीगढ़ आने वाले एंट्री प्वाइंट पर नाकाबंदी की और वाहनों की निगरानी की गई।
लुधियाना में कहीं बाजार बंद, कहीं दुकानें खुलीं
लुधियाना में भी बंद का असर एक जैसा नहीं रहा। कई इलाकों में दुकानें बंद नजर आईं, जबकि कुछ जगह दुकानें खुली रहीं। कई बाजारों में आधे शटर खुले दिखाई दिए तो कुछ इलाकों में पूरी तरह बंद का असर रहा।
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कई निजी स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर दी, जबकि कुछ स्कूल और कॉलेज सामान्य रूप से खुले रहे। सरकारी स्कूलों में भी विद्यार्थियों की उपस्थिति सामान्य दिनों की तुलना में कम दिखाई दी। कई अभिभावकों ने एहतियात के तौर पर बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।
सरकार के रुख पर नजर
फिलहाल पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से सामने आ रही तस्वीरों में कहीं पंजाब बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है तो कहीं जनजीवन सामान्य है। पुलिस प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि कौमी इंसाफ मोर्चा की मांगों को लेकर सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है। खास तौर पर सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई और जगतार सिंह हवारा की पैरोल की मांग पर आगे क्या फैसला होता है, यह देखने वाली बात होगी।









