पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित एक इमारत में देर रात भीषण आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के वक्त इमारत में कई होटल संचालित हो रहे थे और ज्यादातर लोग अपने कमरों में सो रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, रात करीब 1:45 बजे इमारत में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते धुआं कमरों और ऊपरी मंजिलों तक फैल गया। धुआं इतना घना था कि लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया और कई लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
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आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 5 गाड़ियां, पुलिस और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव अभियान के दौरान करीब 80 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, इस हादसे में 9 लोगों की जान चली गई। मृतकों में भारतीय नागरिकों के अलावा बांग्लादेशी नागरिकों के शामिल होने की भी बात सामने आई है।
शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग के वास्तविक कारणों की पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
हादसे के बाद इमारत की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण नियमों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि सुरक्षा और निर्माण से जुड़े नियमों की अनदेखी की गई। वहीं, बिल्डिंग मालिक के फरार होने की बात सामने आई है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर भीड़भाड़ वाले इलाकों में होटल और व्यावसायिक इमारतों की फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यही है कि आखिर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की कीमत लोगों को अपनी जान देकर कब तक चुकानी पड़ेगी?









