भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई टेलीफोनिक बातचीत के बाद दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement-FTA) को अंतिम रूप देने की घोषणा कर दी है। इस समझौते को दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक, महत्वाकांक्षी और आपसी रूप से लाभकारी बताया है।

95% सामानों पर टैरिफ खत्म या कम
FTA के तहत भारत को होने वाले न्यूजीलैंड के करीब 95 प्रतिशत निर्यात पर टैरिफ या तो पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है या उसमें भारी कटौती की गई है। समझौते के पहले ही दिन से 57% उत्पाद पूरी तरह ड्यूटी-फ्री हो जाएंगे, जबकि समझौते के पूरी तरह लागू होने पर यह आंकड़ा 82% तक पहुंच जाएगा। बाकी उत्पादों पर भी टैरिफ में बड़ी राहत मिलेगी।
9 महीनों में पूरा हुआ समझौता
इस FTA को रिकॉर्ड समय में अंतिम रूप दिया गया है। मार्च 2025 में पीएम लक्सन की भारत यात्रा के दौरान बातचीत शुरू हुई थी और महज 9 महीनों के भीतर समझौता पूरा कर लिया गया। गौरतलब है कि भारत-न्यूजीलैंड FTA पर बातचीत 2010 में शुरू हुई थी, 9 दौर के बाद 2015 में रुक गई थी और इस साल मई में दोबारा शुरू हुई।
द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होने की उम्मीद
दोनों नेताओं को भरोसा है कि अगले 5 वर्षों में भारत-न्यूजीलैंड का द्विपक्षीय व्यापार दोगुना हो सकता है।वित्त वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार लगभग 1.3 अरब डॉलर रहा।भारत का निर्यात 711.1 मिलियन डॉलर रहा वहीं भारत का आयात 587.1 मिलियन डॉलर रहा।
भारत के निर्यातकों को बड़ा फायदा
भारत का निर्यात मुख्य रूप से विमानन टरबाइन ईंधन (ATF),वस्त्र और घरेलू टेक्सटाइल फार्मास्यूटिकल्स,ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टील, झींगा, बासमती चावल और ज्वेलरी क्षेत्रों पर आधारित है।FTA से MSME, किसान और नए उद्यमियों को न्यूजीलैंड के बाजार में बड़ी पहुंच मिलेगी।
न्यूजीलैंड से भारत को क्या मिलेगा सस्ता?
न्यूजीलैंड से भारत आने वाले प्रमुख उत्पाद जैसे कि लकड़ी और लकड़ी उत्पाद,कोकिंग कोयला, ऊन और डेयरी उत्पाद व सेब और कीवी फल और स्टील-एल्यूमिनियम स्क्रैप शामिल है। इन पर टैरिफ घटने से भारतीय बाजार में कीमतों पर असर पड़ सकता है।
सेवाओं और निवेश पर खास फोकस
FTA की एक बड़ी खासियत सेवाओं और प्रोफेशनल मोबिलिटी पर जोर है।भारत को न्यूजीलैंड में 118 सर्विस सेक्टरों में मार्केट एक्सेस मिला।139 सेक्टरों में MFN (Most Favoured Nation) का दर्जा मिला।आईटी, हेल्थकेयर, फाइनेंस और टेलीकॉम सेवाओं को बढ़ावा मिला।

20 अरब डॉलर निवेश का वादा
न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश का भरोसा दिया है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।यह समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है। दोनों देशों ने शिक्षा, खेल, रक्षा और लोगों के बीच संपर्क (People-to-People Ties) को मजबूत करने पर भी सहमति जताई है।न्यूजीलैंड के सेवा निर्यात में शिक्षा सबसे बड़ा क्षेत्र है, जिसमें भारतीय छात्रों की अहम भूमिका है।
भारत का 7वां बड़ा FTA
न्यूजीलैंड के साथ यह समझौता भारत का 7वां बड़ा मुक्त व्यापार समझौता है। इससे पहले भारत यूएई, ऑस्ट्रेलिया, ईएफटीए देशों, मॉरीशस और यूके जैसे देशों के साथ FTA कर चुका है।
पीएम लक्सन का बयान
पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि “भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। यह समझौता न्यूजीलैंड के कारोबार को 1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंच देगा और कीवी लोगों के लिए ज्यादा नौकरियां और बेहतर वेतन सुनिश्चित करेगा।”









