नगला क्षेत्र में पिछले करीब एक महीने से सड़कों पर बह रहे सीवरेज और जगह-जगह जमा गंदे पानी को लेकर भाजपा के हलका डेराबस्सी इंचार्ज संजीव खन्ना ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर करने की बात कही है।
सड़कों पर जमा गंदे पानी से लोग परेशान
संजीव खन्ना ने कहा कि नगला क्षेत्र में कई जगहों पर सीवरेज का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। लंबे समय से बनी इस स्थिति के कारण स्थानीय लोगों को बदबू और गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि लंबे समय तक जलभराव और गंदगी रहने से डेंगू, मलेरिया समेत कई बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।उन्होंने कहा कि सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधा से जुड़ी समस्या का करीब एक महीने तक दूर न होना नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जैनटेक कंपनी को हर महीने करीब 40 लाख रुपये के भुगतान पर सवाल
भाजपा नेता ने सीवरेज व्यवस्था की देखरेख के लिए जैनटेक कंपनी को किए जा रहे भुगतान पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि कंपनी को हर महीने करीब 40 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है। ऐसे में उन्होंने सवाल किया कि यदि सीवरेज की समस्या लगातार बनी हुई है तो इतनी बड़ी राशि किस काम के लिए खर्च की जा रही है।खन्ना ने कहा कि जनता टैक्स के रूप में पैसा देती है और उस पैसे के इस्तेमाल की पूरी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
टेंडर की शर्तें और कंपनी की जिम्मेदारियां सार्वजनिक करने की मांग
संजीव खन्ना ने सीवरेज की सफाई और रखरखाव से जुड़े टेंडर दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह जानने का अधिकार है कि टेंडर में कंपनी के लिए क्या शर्तें तय की गई हैं।उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कंपनी के लिए कितनी मशीनरी और कितने कर्मचारियों की तैनाती अनिवार्य है और सीवरेज व्यवस्था से जुड़े कौन-कौन से काम कंपनी की जिम्मेदारी में शामिल हैं।
बिलों के भुगतान से पहले जांच पर भी सवाल
भाजपा नेता ने काम के सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि मौके पर किए गए काम की जांच किस स्तर पर होती है और कंपनी के बिलों का भुगतान करने से पहले नियमित रूप से काम का सत्यापन किया जाता है या नहीं।उन्होंने कहा कि यदि सड़कों पर सीवरेज बहने के बावजूद कंपनी के बिल लगातार पास हो रहे हैं तो पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
पहले भी उठ चुका है सीवरेज और सफाई व्यवस्था का मुद्दा
संजीव खन्ना ने कहा कि नगला क्षेत्र की समस्या को लेकर पहले भी आवाज उठाई जा चुकी है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने बताया कि इससे पहले पूर्व विधायक एन.के. शर्मा भी जीरकपुर में सीवरेज और सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठा चुके हैं।उनके मुताबिक लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होना स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।
PIL दायर करने की तैयारी
संजीव खन्ना ने कहा कि जैनटेक कंपनी को किए गए भुगतान, टेंडर की शर्तों, तैनात मशीनरी और कर्मचारियों, प्राप्त शिकायतों और उन पर हुई कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं लाई गई और समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर करने की तैयारी की जाएगी।
स्वास्थ्य और सरकारी धन की जवाबदेही का मुद्दा
खन्ना ने कहा कि यह मामला अब सिर्फ सड़कों पर बहते सीवरेज या गंदगी तक सीमित नहीं है। यह स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य, सरकारी धन के इस्तेमाल और सीवरेज प्रबंधन में पारदर्शिता से जुड़ा सार्वजनिक मुद्दा बन चुका है।नगला की सड़कों पर बहता सीवरेज अब नगर व्यवस्था की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर रहा है।









