Russia की राजधानी मॉस्को में काम कर रहे उत्तर प्रदेश के इंजीनियर चंदन गुप्ता को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। चंदन की पत्नी स्नेहा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर भारत सरकार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की अपील की है। स्नेहा का आरोप है कि उनके पति को हिरासत में लेने के बाद रूसी सेना में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि, पत्नी के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। चंदन गुप्ता कानपुर के रहने वाले हैं और पेशे से इंजीनियर हैं। वह नोएडा सेक्टर-62 की एक कंपनी से जुड़े हुए हैं और काम के सिलसिले में वर्क वीजा पर रूस गए थे। स्नेहा भी अपने 10 साल के बच्चे के साथ मॉस्को में रह रही हैं। उनका कहना है कि पति के हिरासत में लिए जाने के बाद परिवार मुश्किल स्थिति में है और उन्हें स्थानीय भाषा की जानकारी भी नहीं है। पत्नी ने अपने वीडियो में दावा किया कि मॉस्को पुलिस उनके पति को रात के समय अपने साथ ले गई। स्नेहा का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि चंदन को किस वजह से हिरासत में रखा गया है। उन्होंने भारत में मौजूद अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप करने और पति की सुरक्षित रिहाई के लिए प्रयास करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने अपनी बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने की गुहार लगाई है। स्नेहा ने सबसे गंभीर आरोप रूसी सेना में जबरन भेजे जाने को लेकर लगाया है। उनका दावा है कि उनके पति को रूसी सेना में शामिल होने के लिए दबाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि रूस में सैन्य जरूरतों के चलते विदेशी नागरिकों को भी सेना में शामिल करने की कोशिश की जा रही है। रूसी अधिकारियों की ओर से इस आरोप की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब रूस में भारतीय नागरिकों के कथित तौर पर नौकरी के नाम पर भर्ती होने और बाद में रूसी सैन्य गतिविधियों में शामिल किए जाने को लेकर पहले भी चिंता जताई गई है। भारत सरकार ने ऐसे मामलों में रूसी अधिकारियों के साथ संपर्क कर भारतीय नागरिकों की रिहाई और स्वदेश वापसी के प्रयास किए हैं। ताजा मामले में भी यही सवाल अहम है कि चंदन की हिरासत की वास्तविक वजह क्या है और क्या उन्हें सैन्य सेवा में शामिल करने की कोई प्रक्रिया वास्तव में शुरू की गई है। चंदन गुप्ता की हिरासत और उनके खिलाफ लगाए गए किसी आरोप को लेकर पूरी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक भारतीय दूतावास मामले पर नजर रख रहा है और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। ऐसे में आने वाले समय में रूसी प्रशासन या भारतीय अधिकारियों की ओर से मिलने वाली जानकारी से मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
रात को पुलिस ले गई
रूस की राजधानी मॉस्को में रह रहे भारतीय इंजीनियर चंदन गुप्ता की पत्नी स्नेहा गुप्ता ने अपने पति की गिरफ्तारी को लेकर भारत सरकार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की अपील की है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में स्नेहा ने बताया कि उनके पति काम के सिलसिले में वर्क वीजा पर रूस में रह रहे हैं और वहीं एक कंपनी के जरिए इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे हैं। चंदन अपनी नौकरी के कारण मॉस्को में रह रहे थे और उनका परिवार भी वहीं उनके साथ है। उन्होंने बताया कि उनके पति उच्च योग्यता वाले वर्क वीजा के तहत रूस गए थे। स्नेहा ने अपने वीडियो में पति की नौकरी और रूस में उनके रहने की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए भारतीय अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। वीडियो में स्नेहा ने दावा किया कि पुलिस रात करीब साढ़े 12 बजे उनके पति को अपने साथ लेकर गई। उनका कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि चंदन को किस आधार पर हिरासत में लिया गया है। स्नेहा ने कहा कि अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद वह काफी परेशान हैं और अपने पति की स्थिति को लेकर चिंतित हैं। स्नेहा ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें रूसी भाषा की जानकारी नहीं है और उनके साथ उनका 10 साल का बच्चा भी है। ऐसे में पति के हिरासत में लिए जाने के बाद परिवार के सामने मुश्किल स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों के जरिए उनके पति की मदद की जाए। मामले को लेकर स्नेहा ने यह भी आशंका जताई है कि उनके पति को रूसी सेना में भेजा जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि रूस में कुछ लोगों को कथित तौर पर सेना में शामिल करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि, यह दावा फिलहाल स्नेहा के आरोपों पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। चंदन की गिरफ्तारी से जुड़े मामले में अब उनकी पत्नी की अपील के बाद भारतीय अधिकारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। इस तरह के मामलों में संबंधित भारतीय मिशन स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर हिरासत में लिए गए नागरिक की स्थिति की जानकारी लेने और आवश्यक कांसुलर सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अपनाता है। ताजा मामले में भी परिवार को उम्मीद है कि जल्द स्थिति स्पष्ट होगी और चंदन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि चंदन गुप्ता को किन परिस्थितियों में हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ स्थानीय स्तर पर क्या कार्रवाई की जा रही है। उनकी पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों और रूसी प्रशासन की ओर से सामने आने वाली जानकारी के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

रश्यिन आर्मी में डाल देंगे
रूस की राजधानी मॉस्को में भारतीय इंजीनियर चंदन गुप्ता की हिरासत का मामला सामने आने के बाद उनकी पत्नी स्नेहा गुप्ता ने भारत सरकार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की अपील की है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में स्नेहा ने दावा किया कि उनके पति को मॉस्को पुलिस हिरासत में लेकर चली गई और इसके बाद से परिवार को उनकी स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है। मामले में लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। स्नेहा ने वीडियो में कहा कि मॉस्को डे के दौरान उनके पति को कथित तौर पर परेशान किया गया और बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उनका दावा है कि चंदन को जेल से बाहर नहीं आने दिया जा रहा है और परिवार को इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने भारतीय अधिकारियों से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। पत्नी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वह मॉस्को में अपने 10 साल के बच्चे के साथ हैं और उन्हें रूसी भाषा की जानकारी नहीं है। ऐसे में पति के हिरासत में होने के कारण उन्हें स्थानीय स्तर पर कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया समझने में भी मुश्किल हो रही है। स्नेहा ने लोगों से अपील की कि उनका वीडियो सरकार तक पहुंचाया जाए, ताकि उनके पति की मदद हो सके। स्नेहा ने सबसे बड़ी चिंता चंदन को रूसी सेना में भेजे जाने को लेकर जताई है। उनका आरोप है कि रूस में सेना के लिए लोगों की कमी के चलते विदेशी नागरिकों को भी सैन्य सेवा में शामिल करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि उनके पति के साथ भी ऐसा हो सकता है। हालांकि, रूसी अधिकारियों की ओर से इस दावे की कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार चंदन गुप्ता कानपुर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और मॉस्को में नौकरी के सिलसिले में रह रहे थे। उनकी पत्नी के मुताबिक, वह एक भारतीय कंपनी के माध्यम से वर्क वीजा पर रूस गए थे। चंदन के हिरासत में लिए जाने के बाद उनकी पत्नी लगातार भारतीय अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कर रही हैं और पति की सुरक्षित वापसी की मांग कर रही हैं। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब रूस में भारतीय नागरिकों को नौकरी के नाम पर ले जाने और बाद में उन्हें सैन्य गतिविधियों से जोड़ने की घटनाओं को लेकर पहले भी चिंता सामने आती रही है। भारत सरकार ने ऐसे मामलों में रूसी अधिकारियों के साथ राजनयिक स्तर पर मुद्दा उठाया है। इसी वजह से चंदन गुप्ता का मामला सामने आने के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है। चंदन की हिरासत की परिस्थितियों और उनकी पत्नी द्वारा लगाए गए रूसी सेना में भेजे जाने के आरोपों को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। अब आगे की आधिकारिक जानकारी से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चंदन को किन परिस्थितियों में हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ स्थानीय स्तर पर क्या कार्रवाई की जा रही है।
एम्बुलेंस के शीशे तोड़े
रूस की राजधानी मॉस्को में भारतीय इंजीनियर चंदन गुप्ता और उनके दोस्त आशीष को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, दोनों को शनिवार 5 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे मॉस्को के प्रसिद्ध रेड स्क्वायर इलाके से पकड़ा गया। घटना के बाद दोनों को स्थानीय पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ सार्वजनिक स्थान पर नशे की हालत में होने और वहां खड़ी एक एम्बुलेंस को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि एम्बुलेंस के शीशे तोड़े गए। इन आरोपों को लेकर फिलहाल विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच और स्थानीय अधिकारियों की आगे की कार्रवाई के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है। मौजूदा जानकारी के अनुसार चंदन गुप्ता और आशीष को मॉस्को के बाउमानस्काया पुलिस स्टेशन में रखा गया है। हिरासत में लिए जाने के बाद उनके परिवार और परिचितों की चिंता बढ़ गई है। चंदन की पत्नी स्नेहा गुप्ता पहले ही सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पति की मदद की अपील कर चुकी हैं और भारत सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग कर रही हैं। इस मामले में भारतीय दूतावास ने भी स्थानीय प्रशासन के सामने मुद्दा उठाया है। दूतावास की ओर से दोनों भारतीय नागरिकों की स्थिति को लेकर जानकारी लेने और उनकी रिहाई का अनुरोध किए जाने की बात सामने आई है। इसके साथ ही चंदन गुप्ता से मुलाकात के लिए कांसुलर एक्सेस की मांग भी की गई है, ताकि भारतीय अधिकारी उनसे सीधे संपर्क कर सकें और उनकी स्थिति का जायजा ले सकें। दूतावास चंदन की पत्नी स्नेहा गुप्ता के संपर्क में भी बताया जा रहा है। ऐसे मामलों में कांसुलर सहायता के जरिए भारतीय मिशन स्थानीय कानूनी प्रक्रिया की जानकारी हासिल करने और जरूरत पड़ने पर संबंधित नागरिक को आवश्यक मदद उपलब्ध कराने का प्रयास करता है। फिलहाल परिवार की प्राथमिकता चंदन और उनके दोस्त की सुरक्षा तथा मामले की स्थिति स्पष्ट होना है। चंदन की पत्नी ने इससे पहले अपने वीडियो में यह आशंका भी जताई थी कि उनके पति को रूस की सेना में भेजे जाने का दबाव बनाया जा सकता है। उन्होंने भारत सरकार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की अपील की थी। रूसी सेना में भेजे जाने से जुड़े इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इस पूरे मामले में दो पहलू सामने हैं। एक ओर स्थानीय स्तर पर हिरासत और एम्बुलेंस को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं, जबकि दूसरी ओर चंदन की पत्नी ने अपने पति की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। अब स्थानीय अधिकारियों की जांच और भारतीय दूतावास की कांसुलर कार्रवाई से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि घटना की पूरी स्थिति क्या है और चंदन व आशीष के खिलाफ आगे क्या कदम उठाया जाता है।
मॉस्को में भारतीय इंजीनियर हिरासत में, पत्नी ने रूसी सेना में भेजने के दबाव का लगाया आरोप
रूस की राजधानी मॉस्को में नौकरी कर रहे उत्तर प्रदेश के इंजीनियर चंदन गुप्ता को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। चंदन की पत्नी स्नेहा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर भारत सरकार से मदद की अपील की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। उनके पति काम के सिलसिले में रूस गए थे और वहां वर्क वीजा पर रह रहे हैं। उनका कहना है कि चंदन पेशे से इंजीनियर हैं और एक भारतीय कंपनी के माध्यम से मॉस्को पहुंचे थे। पति के अचानक हिरासत में लिए जाने के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई है और स्नेहा लगातार अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कर रही हैं। वीडियो में स्नेहा ने दावा किया कि उनके पति को पुलिस रात के समय अपने साथ ले गई। उनका कहना है कि चंदन को किस वजह से हिरासत में रखा गया है, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने भारतीय अधिकारियों से अपील की है कि मामले की जानकारी जुटाकर उनके पति को आवश्यक कानूनी और कांसुलर सहायता उपलब्ध कराई जाए। स्नेहा ने अपने पति की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर आशंका भी जताई है। उनका आरोप है कि हिरासत में लिए जाने के बाद चंदन पर रूसी सेना में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि रूस में सैन्य जरूरतों के चलते लोगों को सेना में भेजे जाने की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, रूसी अधिकारियों की ओर से इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है। चंदन की पत्नी ने बताया कि वह मॉस्को में अपने 10 साल के बच्चे के साथ रह रही हैं। स्थानीय भाषा की जानकारी नहीं होने के कारण उन्हें मौजूदा परिस्थितियों से निपटने में परेशानी हो रही है। ऐसे में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष तौर पर अपील करते हुए कहा कि भारतीय अधिकारियों के जरिए उनके पति की स्थिति की जानकारी ली जाए और उनकी मदद की जाए। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब रूस में काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कुछ भारतीय नागरिकों के रूसी सैन्य तंत्र से जुड़े मामलों की खबरें सामने आ चुकी हैं। इसी वजह से चंदन की पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों ने परिवार और परिचितों की चिंता बढ़ा दी है। चंदन गुप्ता की हिरासत और उनकी पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़ी पूरी तस्वीर सामने आना बाकी है। मामले में स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई और भारतीय अधिकारियों की ओर से मिलने वाली जानकारी महत्वपूर्ण होगी। आधिकारिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चंदन को किन परिस्थितियों में हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है।
वर्क वीजा पर मॉस्को में रह रहे थे चंदन
उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी इंजीनियर चंदन गुप्ता काम के सिलसिले में रूस की राजधानी मॉस्को में रह रहे थे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चंदन एक भारतीय कंपनी से जुड़े हुए हैं और कंपनी के पेशेवर काम के तहत उन्हें रूस में तैनाती मिली थी। वह वर्क वीजा के जरिए मॉस्को में अपनी नौकरी कर रहे थे। चंदन का संबंध कानपुर से बताया जा रहा है। उनकी पत्नी स्नेहा गुप्ता भी उनके साथ मॉस्को में रह रही थीं। परिवार में उनका 10 साल का बेटा भी है। चंदन के हिरासत में लिए जाने के बाद पत्नी और बच्चे की स्थिति को लेकर परिवार की चिंता बढ़ गई है। स्नेहा ने सोशल मीडिया के जरिए भारतीय अधिकारियों से मदद की अपील की है। चंदन नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एक कंपनी से जुड़े हैं और इसी कंपनी के काम के सिलसिले में रूस पहुंचे थे। उनके परिवार के मुताबिक, रूस में उनकी तैनाती सामान्य नौकरी के उद्देश्य से हुई थी। पत्नी ने अपने वीडियो में भी उनके पेशे और रूस में काम करने की परिस्थितियों का जिक्र किया है। मॉस्को में रहते हुए चंदन के परिवार का रोजमर्रा का जीवन भी वहीं चल रहा था। पत्नी और बेटे के उनके साथ रहने की वजह से अचानक हुई हिरासत की घटना ने परिवार को मुश्किल स्थिति में डाल दिया। स्नेहा ने बताया है कि उन्हें रूसी भाषा की जानकारी नहीं है, जिसके कारण स्थानीय प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया को समझना उनके लिए आसान नहीं है। चंदन की पत्नी ने अपने पति की हिरासत को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका आरोप है कि पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद चंदन पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव बनाया जा सकता है। हालांकि, रूसी सेना में भेजे जाने के इस दावे की फिलहाल स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले के सामने आने के बाद चंदन की नौकरी, रूस में उनकी तैनाती और मौजूदा स्थिति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनके हिरासत में लिए जाने की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और स्थानीय प्रशासन उनके मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है। आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
पत्नी ने वीडियो जारी कर मांगी मदद
मॉस्को में अपने पति चंदन गुप्ता की हिरासत के बाद उनकी पत्नी स्नेहा गुप्ता ने मदद के लिए भारत सरकार से गुहार लगाई है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में स्नेहा ने बताया कि रात के समय पुलिस उनके पति को अपने साथ ले गई। उनका कहना है कि इसके बाद से वह अपने 10 साल के बेटे के साथ बेहद परेशान हैं और उन्हें पति की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है। रूस में रहते हुए उन्हें स्थानीय भाषा की पर्याप्त जानकारी नहीं है। ऐसे में पुलिस और स्थानीय अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने में उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि भाषा की परेशानी के कारण वह यह भी ठीक से समझ नहीं पा रही हैं कि उनके पति को किस वजह से हिरासत में रखा गया है और आगे की प्रक्रिया क्या है। अपने वीडियो में स्नेहा ने भारतीय अधिकारियों से पूरे मामले में तत्काल ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वह विदेशी जमीन पर अकेले अपने बच्चे के साथ स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही हैं। पति के हिरासत में होने के कारण परिवार पर मानसिक दबाव बढ़ गया है और उन्हें जल्द से जल्द मदद की जरूरत है।स्नेहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उनकी अपील है कि भारतीय अधिकारी रूसी प्रशासन से संपर्क कर उनके पति की स्थिति की जानकारी लें और उनकी सुरक्षित रिहाई तथा भारत वापसी के लिए आवश्यक कदम उठाएं। स्नेहा ने अपने संदेश के जरिए लोगों से भी मामले को अधिक से अधिक सामने लाने की अपील की है। उनका कहना है कि विदेश में भाषा और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण उनके लिए अकेले स्थिति को संभालना मुश्किल हो रहा है। इसी वजह से वह भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से तत्काल सहायता की उम्मीद कर रही हैं। चंदन गुप्ता को हिरासत में लिए जाने की परिस्थितियों और उनके खिलाफ स्थानीय स्तर पर की गई कार्रवाई को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। उनकी पत्नी ने रूसी सेना में भेजे जाने की आशंका भी जताई है, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। वहीं, रिपोर्टों के अनुसार भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और मामले में सहायता की कोशिश की जा रही है। परिवार की सबसे बड़ी चिंता चंदन गुप्ता की स्थिति और उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर है। स्नेहा का कहना है कि वह अपने बेटे के साथ मॉस्को में हैं और चाहती हैं कि भारतीय अधिकारी मामले में हस्तक्षेप कर जल्द समाधान निकालें।








