Jammu and Kashmir के डोडा जिले में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। भद्रवाह क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक पाकिस्तानी आतंकी को मार गिराया गया। कार्रवाई के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में अपनी निगरानी और बढ़ा दी है। सुरक्षाबलों को भद्रवाह के सेओजधार इलाके के जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके आधार पर SOG डोडा, राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF की संयुक्त टीमों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। जवानों ने जंगल के अलग-अलग हिस्सों में संदिग्ध ठिकानों को खंगालना शुरू किया। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों का सामना आतंकियों से हो गया। इसके बाद दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हुई और मुठभेड़ की स्थिति बन गई। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के एक पाकिस्तानी आतंकी को मार गिराया। ऑपरेशन के बाद जवानों ने मुठभेड़ स्थल की भी गहन जांच की। मुठभेड़ खत्म होने के बाद सुरक्षाबलों ने मारे गए आतंकी का शव बरामद कर लिया। उसकी पहचान और उससे जुड़े अन्य विवरण जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आतंकी क्षेत्र में कब से सक्रिय था और उसके संपर्क किन लोगों या नेटवर्क से थे। ऑपरेशन के दौरान मौके से अमेरिकी निर्मित M4 राइफल भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। हथियार की बरामदगी को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां हथियार के स्रोत और आतंकी तक उसके पहुंचने से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं। मुठभेड़ खत्म होने के बाद भी सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान को रोकने का फैसला नहीं किया है। जंगल और आसपास के इलाकों में लगातार सर्च किया जा रहा है। सुरक्षा बल यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि मुठभेड़ स्थल के आसपास कोई दूसरा आतंकी या संदिग्ध व्यक्ति छिपा न हो। पहाड़ी और घने जंगल वाले इस इलाके में तलाशी अभियान को बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। जवान संभावित ठिकानों और आने-जाने वाले रास्तों की भी जांच कर रहे हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की आशंका को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मारा गया आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा पाकिस्तानी कमांडर बताया जा रहा है। उसके मारे जाने से इलाके में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को झटका लगने की संभावना जताई जा रही है। सुरक्षा बल अब उसके सहयोगियों और संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाने पर भी ध्यान दे रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से आतंकी नेटवर्क और घुसपैठ से जुड़ी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। डोडा जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती है। ऐसे में भद्रवाह में हुई यह कार्रवाई आतंकवाद विरोधी अभियान के लिहाज से अहम मानी जा रही है। सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी है और पूरे इलाके में सघन तलाशी की जा रही है। बरामद हथियार और मारे गए आतंकी से जुड़ी सामग्री को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। आगे की जांच में आतंकी के नेटवर्क, उसकी गतिविधियों और क्षेत्र में मौजूद अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

डोडा के भद्रवाह इलाके में मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने कार्रवाई से जुड़े सभी अहम सबूत अपने कब्जे में ले लिए हैं। मारे गए आतंकी के शव के साथ मौके से बरामद हथियार और अन्य सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित किया गया है। अब सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान इस ऑपरेशन से जुड़े दूसरे पहलुओं की जानकारी जुटाने पर है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मारा गया आतंकी जम्मू-कश्मीर में किस नेटवर्क के जरिए सक्रिय था। उसके स्थानीय संपर्कों और संभावित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह जानना अहम है कि वह इलाके में अकेले काम कर रहा था या उसके साथ अन्य आतंकी भी मौजूद थे। मुठभेड़ स्थल से मिली M4 राइफल भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सुरक्षाबल इस हथियार से जुड़े स्रोत और उसकी सप्लाई चेन की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि आतंकी के पास मौजूद हथियार किसी बड़े नेटवर्क या संभावित साजिश से जुड़ा था या नहीं। ऑपरेशन खत्म होने के बाद भी भद्रवाह के जंगलों में तलाशी अभियान जारी रखा गया है। सुरक्षा बल आसपास के इलाकों और संभावित ठिकानों को बारीकी से खंगाल रहे हैं। इसका मकसद किसी अन्य संदिग्ध या आतंकी की मौजूदगी की संभावना को पूरी तरह खत्म करना है। सुरक्षा एजेंसियां मारे गए आतंकी की गतिविधियों और उसके जम्मू-कश्मीर में पहुंचने से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही हैं। उसके ठिकानों, संपर्कों और आवाजाही से जुड़ी जानकारी को आपस में जोड़ा जा रहा है। इससे क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है। डोडा में हुई यह कार्रवाई आतंकवाद विरोधी अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पाकिस्तानी आतंकी के मारे जाने के बाद सुरक्षा बल अब उसके नेटवर्क की संभावित कड़ियों तक पहुंचने पर जोर दे रहे हैं। आने वाली जांच से इस आतंकी की भूमिका और उसके पीछे मौजूद नेटवर्क को लेकर और जानकारी सामने आ सकती है। भद्रवाह और आसपास के जंगलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। जवान लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षाबलों का फोकस इलाके को पूरी तरह सुरक्षित करने के साथ-साथ किसी संभावित आतंकी साजिश की कड़ियों का पता लगाने पर भी है। इस पूरे ऑपरेशन के बाद अब जांच का अगला चरण आतंकी के नेटवर्क और उसके संपर्कों पर केंद्रित है। सुरक्षा एजेंसियां बरामद हथियार और अन्य सुरागों की मदद से मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही इस कार्रवाई से जुड़े अन्य पहलुओं की तस्वीर साफ हो सकेगी। भद्रवाह में हुई इस कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक विदेशी आतंकी कमांडर के मारे जाने से उसके नेटवर्क को झटका लगने की संभावना है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों के लिए अब यह पता लगाना भी अहम होगा कि उसके पीछे कौन-कौन से सहयोगी या संपर्क सक्रिय थे। सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान जारी है और इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। मारे गए आतंकी के शव और बरामद M4 राइफल समेत अन्य सामग्री को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। आने वाली जांच में आतंकी की पहचान, उसके नेटवर्क और जम्मू-कश्मीर में उसकी गतिविधियों से जुड़े कई अहम पहलुओं का खुलासा होने की उम्मीद है।









