ग्रेटर नोएडा वेस्ट में iPhone 18 Pro चोरी होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक युवती सुबह ऑफिस जाने के लिए ई-रिक्शा में सवार हुई थी। मूर्ति गोल चक्कर के पास जब उसने ई-रिक्शा का किराया चुकाने के लिए अपना फोन निकाला, तभी बाइक सवार दो युवक उसके पास पहुंचे। दोनों युवकों ने हेलमेट पहन रखा था। उन्होंने पहले युवती से उसके फोन के बारे में सवाल किया और पूछा कि क्या यह नया iPhone 18 Pro है। युवती के जवाब देने के बाद आरोपियों ने मौका पाकर उसके हाथ से मोबाइल झपटा और बाइक से फरार हो गए। चोरी हुआ iPhone 18 Pro महज तीन दिन पहले ही खरीदा गया था। नया फोन इतनी जल्दी चोरी हो जाने से पीड़िता और उसके परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। वारदात उस समय हुई जब युवती UPI के जरिए ई-रिक्शा का पेमेंट करने के लिए फोन इस्तेमाल कर रही थी। इसी दौरान पीछे से आए बाइक सवार युवकों ने उसे निशाना बनाया। घटना के बाद आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन सकती है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों तक पहुंचने के लिए आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। बाइक सवार दोनों युवकों ने हेलमेट पहना हुआ था, इसलिए पुलिस फुटेज के जरिए उनकी पहचान और वारदात में इस्तेमाल बाइक से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। अगर किसी का iPhone इसी तरह चोरी या गुम हो जाए, तो Apple के Find My फीचर की मदद से डिवाइस की लोकेशन देखने की कोशिश की जा सकती है। इसके लिए दूसरे फोन या कंप्यूटर से अपने Apple Account में लॉगिन करके Find My सेवा का इस्तेमाल किया जा सकता है। चोरी की स्थिति में फोन की लोकेशन मिलने पर खुद आरोपी के पास जाने के बजाय पुलिस को इसकी जानकारी देना सुरक्षित रहता है।
थे न्यू iPhone 18 Pro है
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में iPhone 18 Pro झपटमारी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि बाइक सवार दो युवकों ने पहले युवती से उसके हाथ में मौजूद फोन के बारे में पूछा। उन्होंने कथित तौर पर यह जानना चाहा कि क्या वह नया iPhone 18 Pro है। युवती के हां कहने के बाद दोनों ने अचानक उसके हाथ से मोबाइल छीन लिया और मौके से फरार हो गए। यह वारदात उस समय हुई जब युवती ई-रिक्शा से सफर कर रही थी। फोन चोरी होने के बाद उसने घटना की जानकारी अपने परिवार को दी। मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, चोरी हुआ iPhone 18 Pro करीब तीन दिन पहले ही खरीदा गया था, जिसके चलते परिवार के लिए यह घटना और भी परेशान करने वाली रही। पीड़िता के पति साकेत गुप्ता ने बताया कि उनकी पत्नी ने यह iPhone 18 Pro घटना से सिर्फ तीन दिन पहले खरीदा था। नया फोन खरीदने के कुछ ही समय बाद उसके चोरी हो जाने से परिवार को काफी नुकसान हुआ। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई। बिसरख थाना प्रभारी रणजीत सिंह के मुताबिक, पीड़िता के पिता की ओर से ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई गई है। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया है। पुलिस अब वारदात के तरीके और आरोपियों की पहचान से संबंधित जानकारी जुटा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि घटनास्थल और आसपास के कैमरों से मिले फुटेज के जरिए बाइक सवार युवकों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। पुलिस आरोपियों के भागने वाले रास्ते और इस्तेमाल की गई बाइक से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। घटना ने एक बार फिर सड़क पर मोबाइल फोन इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है।

कैसे खोजें पुराना iPhone?
अगर आपका iPhone कहीं गुम हो गया है या चोरी हो गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। Apple के Find My फीचर की मदद से डिवाइस की लोकेशन पता करने की कोशिश की जा सकती है। इसके लिए किसी दूसरे स्मार्टफोन, टैबलेट या कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे पहले दूसरे डिवाइस में ब्राउजर खोलकर Apple की Find My सेवा पर जाएं और उसी Apple Account से साइन इन करें, जो गुम हुए iPhone में इस्तेमाल किया गया था। लॉगिन करने के बाद उपलब्ध डिवाइस की जानकारी और उसकी लोकेशन मैप पर देखी जा सकती है। यह सुविधा तभी मदद करेगी जब फोन Find My के लिए पहले से सेटअप हो और जरूरी स्थिति में लोकेशन उपलब्ध हो। अगर मैप पर फोन की लोकेशन घर या किसी आसपास की जगह दिखाई दे रही है, तो Play Sound विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे iPhone पर आवाज बजाई जा सकती है, जिससे नजदीक होने पर उसे ढूंढने में आसानी हो सकती है। अगर लोकेशन किसी अनजान या संदिग्ध जगह पर दिखाई दे, तो खुद वहां जाने के बजाय पुलिस की मदद लेना बेहतर है।
चोरी होने पर Lost Mode करें एक्टिवेट
अगर आपका iPhone चोरी हो गया है, तो सबसे पहले घबराने के बजाय उसे Lost Mode में डालना चाहिए। Apple के Find My फीचर की मदद से यह काम किसी दूसरे डिवाइस से किया जा सकता है। Lost Mode एक्टिवेट होने के बाद चोरी हुए iPhone को लॉक किया जा सकता है, जिससे उसमें मौजूद निजी जानकारी तक किसी अनजान व्यक्ति की पहुंच मुश्किल हो जाती है। Lost Mode के दौरान यूजर लॉक स्क्रीन पर अपना संपर्क नंबर या कोई जरूरी संदेश भी प्रदर्शित कर सकता है। अगर फोन किसी ईमानदार व्यक्ति के हाथ लग जाता है, तो वह स्क्रीन पर दिए गए संपर्क विवरण के जरिए मालिक से संपर्क करने की कोशिश कर सकता है। यह सुविधा गुम हुए फोन को वापस पाने की संभावना में मदद कर सकती है। इस फीचर को एक्टिवेट करने के लिए Find My में अपने गुम या चोरी हुए iPhone को चुनना होता है। इसके बाद Lost Mode या Mark as Lost विकल्प को चुनकर स्क्रीन पर दिखने वाले निर्देशों का पालन किया जा सकता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिवाइस लॉक हो जाता है। Lost Mode एक्टिवेट करने का एक और फायदा यह है कि iPhone से जुड़े Apple Pay कार्ड और पास निलंबित किए जा सकते हैं। इससे फोन किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ में पहुंचने की स्थिति में उससे जुड़े भुगतान साधनों की सुरक्षा बढ़ जाती है। अगर चोरी हुआ iPhone वापस मिलने की उम्मीद हो, तो उसे Find My से अपने अकाउंट में बनाए रखना जरूरी है। वहीं, अगर फोन की लोकेशन किसी संदिग्ध जगह पर दिखाई देती है, तो उसे खुद जाकर हासिल करने की कोशिश करने के बजाय पुलिस को जानकारी देना सुरक्षित विकल्प है। साथ ही किसी अनजान व्यक्ति के साथ Apple Account का पासवर्ड, OTP या अन्य सुरक्षा जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
फोन न मिले तो डेटा को करें रिमोटली डिलीट
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में iPhone 18 Pro चोरी होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक युवती सुबह ऑफिस जाने के लिए ई-रिक्शा में सवार हुई थी। मूर्ति गोल चक्कर के पास जब उसने ऑनलाइन पेमेंट के लिए अपना फोन निकाला, तभी बाइक सवार दो युवक उसके पास पहुंचे और मोबाइल झपटकर मौके से फरार हो गए। बाइक सवार युवकों ने पहले उससे फोन के बारे में सवाल किया। उन्होंने कथित तौर पर पूछा कि क्या उसके हाथ में नया iPhone 18 Pro है। युवती के जवाब देने के तुरंत बाद आरोपियों ने उसके हाथ से मोबाइल छीन लिया। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। चोरी हुआ iPhone 18 Pro महज तीन दिन पहले ही खरीदा गया था। पीड़िता के पति साकेत गुप्ता के अनुसार, नया फोन खरीदने के कुछ समय बाद ही यह वारदात हो गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बिसरख थाना प्रभारी रणजीत सिंह के मुताबिक, पीड़िता के पिता की ओर से ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। कैमरों में कैद तस्वीरों के आधार पर बाइक सवार आरोपियों की पहचान करने और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अगर किसी का iPhone गुम या चोरी हो जाता है, तो Apple के Find My फीचर की मदद से उसे ट्रैक करने की कोशिश की जा सकती है। इसके लिए दूसरे स्मार्टफोन या कंप्यूटर के ब्राउजर से Find My सेवा में उसी Apple Account से साइन इन करना होगा, जो गुम हुए iPhone में इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद उपलब्ध होने पर डिवाइस की लोकेशन मैप पर देखी जा सकती है। अगर iPhone की लोकेशन घर, ऑफिस या किसी आसपास की जगह पर दिखाई दे रही है, तो Play Sound विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे फोन में आवाज बजाकर उसे आसपास खोजने में मदद मिल सकती है। वहीं, अगर चोरी हुआ फोन किसी अनजान जगह पर दिखाई दे, तो खुद वहां जाने के बजाय पुलिस को लोकेशन की जानकारी देना सुरक्षित रहेगा। फोन चोरी होने की स्थिति में Mark as Lost या Lost Mode भी एक्टिवेट किया जा सकता है। इससे iPhone को लॉक करने और लॉक स्क्रीन पर संपर्क नंबर या संदेश दिखाने में मदद मिलती है। Lost Mode एक्टिवेट होने पर Apple Pay से जुड़े कार्ड और पास भी निलंबित किए जा सकते हैं। अगर लंबे समय तक फोन वापस मिलने की संभावना न हो, तो Find My के जरिए Erase This Device का विकल्प इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे डिवाइस में मौजूद निजी डेटा को दूर से मिटाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। चोरी हुए iPhone को Find My अकाउंट से तुरंत हटाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे Activation Lock जैसी सुरक्षा सुविधा प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, चोरी हुए iPhone के मामले में Apple Account का पासवर्ड, OTP या सिक्योरिटी कोड किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। अगर कोई फोन वापस करने के नाम पर ऐसी जानकारी मांगता है, तो सावधानी बरतना जरूरी है। पुलिस शिकायत, सीसीटीवी फुटेज और Find My से मिली जानकारी को सुरक्षित रखना जांच में मददगार हो सकता है।









