पंजाब के अमृतसर से एक बेहद गंभीर वारदात सामने आई है। गेट हकीमा पुलिस स्टेशन के इलाके में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है।
पेट्रोलिंग के दौरान पुलिसकर्मी पर फायरिंग
जानकारी के मुताबिक, घटना देर रात की बताई जा रही है। पुलिसकर्मी इलाके में पेट्रोलिंग ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने अचानक उस पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घायल पुलिसकर्मी को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी हालत गंभीर होने के कारण जान नहीं बचाई जा सकी।
हमलावरों ने पुलिसकर्मी को क्यों बनाया निशाना?
इस वारदात के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर पेट्रोलिंग कर रहे पुलिसकर्मी को किसने निशाना बनाया और इसके पीछे क्या मकसद था?पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हमलावर कितने थे और क्या उन्होंने पहले से पुलिसकर्मी को टारगेट किया था। इसके अलावा वारदात के बाद आरोपी किस रास्ते से फरार हुए, इसकी भी जांच की जा रही है।
CCTV फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस
वारदात की जांच में आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज अहम साबित हो सकती है। पुलिस घटना के समय इलाके में मौजूद लोगों से भी पूछताछ कर सकती है। इसके साथ ही हमलावरों के आने-जाने के रास्ते और वारदात से जुड़े अन्य सुरागों की जांच की जा रही है।
फिलहाल सामने आई शुरुआती जानकारी के आधार पर घटना की पूरी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। पंजाब पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान आने के बाद ही वारदात से जुड़ी और जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।
तरुण चुघ ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना
इस घटना को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ ने दुख जताया है। उन्होंने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए हैं।
तरुण चुघ ने अपने बयान में पंजाब में पुलिस थानों पर हुए ग्रेनेड हमलों, बीजेपी कार्यालय पर हुए हमले और पंजाब पुलिस मुख्यालय पर रॉकेट लॉन्चर से किए गए हमले का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर फायरिंग की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।उन्होंने पंजाब में ड्रग माफिया, जबरन वसूली और गैंगस्टर गतिविधियों को गंभीर चुनौती बताते हुए सरकार पर निशाना साधा।हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और इन पर सरकार या संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
जांच के बाद सामने आएगी वारदात की पूरी सच्चाई
अमृतसर में पुलिसकर्मी की हत्या के बाद अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती हमलावरों तक पहुंचना है। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ और घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों के आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ा सकती है।इस घटना ने ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है कि आखिर इस हमले के पीछे कौन लोग थे और पुलिसकर्मी को निशाना बनाने की वजह क्या थी।










