फरीदाबाद में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। क्राइम ब्रांच एनआईटी और एनसीबी दिल्ली की संयुक्त टीम ने सूरजकुंड थाना क्षेत्र के लक्कड़पुर इलाके में एक मकान पर छापा मारकर करोड़ों रुपये की कीमत के मादक पदार्थ बरामद किए हैं। कार्रवाई के दौरान तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में नाइजीरिया के दो नागरिक और कैमरून का एक नागरिक शामिल है। इनके कब्जे से करीब 2.337 किलोग्राम कोकीन, 26 ग्राम एम्फेटामाइन, 1.378 किलोग्राम संदिग्ध मादक पदार्थ और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बरामद मादक पदार्थों की कीमत करीब 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है।बताया जा रहा है कि क्राइम ब्रांच एनआईटी को सूचना मिली थी कि लक्कड़पुर इलाके में कुछ विदेशी नागरिकों के पास नशीले पदार्थों की खेप मौजूद है। सूचना के आधार पर 15 सितंबर की रात क्राइम ब्रांच एनआईटी और एनसीबी दिल्ली की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।टीम ने शिव दुर्गा विहार, लक्कड़पुर स्थित एक मकान की दूसरी मंजिल पर छापा मारा। तलाशी के दौरान पुलिस को कोकीन समेत अन्य मादक पदार्थ मिले, जिसके बाद मौके से तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया गया।


पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान नाइजीरिया निवासी इफेयानी इमैनुएल, बेल जॉन उर्फ एनुडुन इमैनुएल और कैमरून निवासी रेमी उर्फ अमोस ओवी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी इसी मकान में किराये पर रह रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों आरोपी वर्ष 2018 में भारत आए थे और करीब तीन साल से फरीदाबाद में किराये पर रह रहे थे। पुलिस अब उनके पासपोर्ट, वीजा और दूसरे दस्तावेजों की जांच कर रही है। पुलिस को इनके दस्तावेजों में गड़बड़ी होने की आशंका है।मामले में सूरजकुंड थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अब जांच एजेंसियां आरोपियों से यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में कोकीन और अन्य मादक पदार्थ कहां से लाए गए थे और इन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।वहीं, इस कार्रवाई के दौरान पुलिस को मकान में रहने वाले करीब दस अन्य विदेशी नागरिकों के बारे में भी जानकारी मिली। पुलिस ने उनके दस्तावेजों की जांच की, लेकिन पुलिस के मुताबिक वे दस्तावेजों को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।इसके बाद पुलिस ने इन विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की पुष्टि के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय यानी FRRO, दिल्ली से संपर्क किया है। दस्तावेजों की जांच के बाद अगर किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य फोकस गिरफ्तार तीनों आरोपियों के ड्रग सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने पर है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद कोकीन और अन्य मादक पदार्थ फरीदाबाद में किस नेटवर्क के जरिए पहुंचाए गए और इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।यानी फरीदाबाद में क्राइम ब्रांच और एनसीबी की इस संयुक्त कार्रवाई में करीब 15 करोड़ रुपये कीमत के मादक पदार्थों की बरामदगी और तीन विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच सप्लाई नेटवर्क और आरोपियों के दस्तावेजों की जांच पर आगे बढ़ रही है।









