अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर की आंतरिक व्यवस्था को और ज्यादा अनुशासित, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा में कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। अब मंदिर में तैनात कर्मचारियों की ड्यूटी, तैनाती, जिम्मेदारी और उपस्थिति से जुड़ी जानकारी को डिजिटल सिस्टम में दर्ज करने की तैयारी है। इसके लिए प्रत्येक कर्मचारी का डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया जाएगा।मंदिर की व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। ट्रस्ट के स्तर पर एक सॉफ्टवेयर विकसित कराया जा रहा है, जिसमें कर्मचारियों से जुड़ा जरूरी रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा।
कर्मचारियों की बनेगी डिजिटल प्रोफाइल
नई व्यवस्था के तहत मंदिर में काम करने वाले प्रत्येक कर्मचारी का डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया जाएगा। इसमें कर्मचारी की नियुक्ति, पद, तैनाती, ड्यूटी, उपस्थिति और उसे सौंपी गई जिम्मेदारियों की जानकारी दर्ज होगी।इसका उद्देश्य यह है कि जरूरत पड़ने पर किसी भी कर्मचारी की तैनाती और उसके काम से जुड़ी जानकारी तुरंत सामने लाई जा सके। इससे मैनुअल रिकॉर्ड पर निर्भरता कम करने और जिम्मेदारी तय करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
ड्यूटी के दौरान गतिविधियों पर भी नजर
नई व्यवस्था सिर्फ डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगी। कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान उनकी मौजूदगी और जिम्मेदारियों पर भी निगरानी रखने की व्यवस्था की जा रही है।अधिकारियों को यह पता चल सकेगा कि कर्मचारी निर्धारित स्थान पर मौजूद है या नहीं और उसे जो जिम्मेदारी दी गई है, वह उसके मुताबिक काम कर रहा है या नहीं।राम मंदिर परिसर की संवेदनशीलता को देखते हुए आंतरिक सुरक्षा और गोपनीयता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कर्मचारियों के मोबाइल की भी जांच की योजना
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों के मोबाइल फोन की समय-समय पर जांच किए जाने की भी योजना बताई गई है। इसका उद्देश्य मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
पुलिस वेरिफिकेशन और कैरेक्टर सर्टिफिकेट अनिवार्य
मंदिर में तैनात स्टाफ के लिए पुलिस वेरिफिकेशन और कैरेक्टर सर्टिफिकेट अनिवार्य किया गया है। कर्मचारियों को अपने परिवार और रिश्तेदारों से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी।बिना वेरिफिकेशन के किसी कर्मचारी को मंदिर सेवा में रखने की अनुमति नहीं होगी।इसके अलावा मंदिर के अलग-अलग विभागों के लिए अलग-अलग SOP यानी Standard Operating Procedure तैयार करने की व्यवस्था भी की जा रही है।
करीब 40 नए स्थानों पर लगेंगे CCTV कैमरे
मंदिर परिसर की निगरानी को और मजबूत करने के लिए करीब 40 नए स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए जाने की तैयारी है।इसके साथ ही मंदिर परिसर में तैनात करीब 450 निजी सुरक्षा कर्मियों के ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर रोक है। इनकी उपस्थिति फेस रीडिंग के जरिए दर्ज की जाएगी।
कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली ड्रेस
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली ड्रेस का नियम भी रखा गया है।SBI स्टाफ: आसमानी शर्ट और काली पैंट एजेंसी स्टाफ: भगवा शर्ट और काली पैंट ट्रस्ट स्टाफ: सफेद शर्ट और काली पैंट पुजारी, भंडारी और कोठारी: पीतांबरी रेशमी धोतीइस व्यवस्था का उद्देश्य ड्रेस के जरिए अलग-अलग श्रेणी के कर्मचारियों की पहचान को आसान बनाना और मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखना है।
प्रवेश और निकासी पर भी निगरानी
मंदिर में प्रवेश और निकासी की प्रक्रिया पर वीडियो निगरानी और नियमित तलाशी की व्यवस्था भी लागू है। इससे परिसर में आने-जाने वाले लोगों और कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।मंदिर में चढ़ावे की नकदी की गिनती अब केवल SBI की टीम द्वारा किए जाने की व्यवस्था है। यह काम दो शिफ्ट में किया जाएगा।मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी चोरी की घटना के बाद आंतरिक सुरक्षा और कर्मचारियों की निगरानी को लेकर सख्ती बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।राम मंदिर में किए जा रहे इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य आंतरिक व्यवस्था को ज्यादा व्यवस्थित, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना है।डिजिटल कर्मचारी प्रोफाइल से लेकर फेस रीडिंग, CCTV निगरानी, पुलिस वेरिफिकेशन और ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर रोक तक कई स्तरों पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी है।
अयोध्या के राम मंदिर में अब व्यवस्था को सिर्फ पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और सख्त प्रशासनिक निगरानी के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। कर्मचारियों की तैनाती, जिम्मेदारी और उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से मंदिर की आंतरिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।डिजिटल कुंडली से लेकर फेस रीडिंग तक और CCTV निगरानी से लेकर मोबाइल इस्तेमाल पर रोक तक—राम मंदिर की व्यवस्था में अब तकनीक और अनुशासन पर खास जोर दिया जा रहा है।













