गुजरात के भरूच जिले के सायखा स्थित गुजरात औद्योगिक विकास निगम (GIDC) क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक दवा फैक्टरी में भीषण हादसा हुआ। फैक्टरी के अंदर चल रहे बॉयलर के अचानक फटने के बाद आग लग गई, जिसमें दो कर्मचारियों की जलकर मौके पर ही मौत हो गई और लगभग 20 अन्य कर्मचारी घायल हो गए। घटना के बाद फैक्टरी की इमारत लगभग पूरी तरह से ढह गई।विस्फोट के बाद ज्यादातर कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।दो मजदूर अंदर फंस गए और उनकी जिंदा जलकर मौत हो गई।
राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंची। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। घायल कर्मचारियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें अधिकतर को मामूली जलन और चोटें आई हैं। सभी घायलों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।साथ ही, कुछ कर्मचारियों ने दावा किया है कि विस्फोट के बाद एक व्यक्ति अभी भी लापता है और संभवतः इमारत के अंदर फंसा हुआ है। इसके चलते बचाव और तलाशी अभियान जारी है, और मलबा हटाने का कार्य भी चल रहा है।बताया जा रहा है कि एक कर्मचारी का शव अभी भी मलबे में दबा हुआ है।
आर्थिक और औद्योगिक नुकसान
विस्फोट के प्रभाव से केवल यह दवा फैक्टरी ही नहीं, बल्कि आसपास की 4-5 अन्य कंपनियों को भी भारी नुकसान हुआ। गांव के सरपंच ने आरोप लगाया कि यह खतरनाक फैक्टरी बिना उचित लाइसेंस और अनुमतियों के संचालित हो रही थी। उन्होंने कहा कि न प्रशासन और न ही GPCB ने इस ओर ध्यान दिया।
जांच की प्रक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय (DISH) के अधिकारी भी घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंचे। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि फैक्टरी के पास सभी आवश्यक सुरक्षा लाइसेंस और अनुमतियां थीं या नहीं हैं। प्रारंभिक जांच में बॉयलर की तकनीकी खराबी या ओवरप्रेशर के कारण विस्फोट होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन सटीक कारण फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है और मुआवजा राशि निर्धारित करने पर विचार किया जा रहा है।
