पंजाब कांग्रेस के ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ अभियान के आखिरी दिन शनिवार को मलेरकोटला में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब पार्टी के दो गुटों के समर्थक आपस में भिड़ गए। कार्यक्रम के दौरान मंच पर जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गया। पूर्व विधायक जसवीर सिंह जस्सी उर्फ जस्सी खंगूड़ा जब मंच पर जाने की कोशिश कर रहे थे, तभी पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना के पक्ष के कुछ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर विवाद बढ़ गया। कुछ ही देर में दोनों गुटों के समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, करीब पांच मिनट तक दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। स्थिति बिगड़ती देख पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश की। पुलिस को कार्यकर्ताओं को शांत कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ समय के लिए कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामले को बढ़ता देख पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग खुद मंच से नीचे उतर आए। उन्होंने दोनों पक्षों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उन्हें शांत रहने की अपील की। इसके बाद पुलिस ने दोनों गुटों के बीच दूरी बनाए रखने के लिए सुरक्षा घेरा बना दिया। हालात सामान्य होने के बाद भी किसी तरह का दोबारा विवाद न हो, इसके लिए पुलिसकर्मी दोनों पक्षों के बीच खड़े रहे। राजा वड़िंग भी समर्थकों के बीच जमीन पर बैठ गए। उन्होंने अपना संबोधन भी मंच से बजाय जमीन पर खड़े होकर दिया। इस कार्यक्रम में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल भी मौजूद थे। उनका पंजाब दौरा करीब 10 दिनों का रहा और शनिवार को इसका अंतिम दिन बताया गया। इस दौरान उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संगठन को मजबूत करने को लेकर कई बैठकें कीं। भूपेश बघेल के पंजाब दौरे का अंतिम कार्यक्रम शाम को खन्ना में होना है। इस कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। खन्ना में अलग-अलग गुटों की ओर से बड़े स्तर पर होर्डिंग्स भी लगाए गए हैं। पार्टी की ओर से कार्यकर्ताओं से अपील की गई है कि वे खन्ना में होने वाली बैठक में बड़ी संख्या में शामिल हों। हालांकि, मलेरकोटला में सामने आई गुटबाजी ने एक बार फिर पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान को चर्चा में ला दिया है। कार्यक्रम में हुई हाथापाई के बाद स्थिति नियंत्रण में है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर संगठनात्मक गतिविधियों पर ध्यान दिया जाए और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के अभियान को आगे बढ़ाया जाए।
जस्सी व रजिया ग्रुप में पुरानी अनबन
मलेरकोटला में कांग्रेस के भीतर गुटबाजी कोई नई बात नहीं है। पूर्व विधायक जसवीर सिंह जस्सी खंगूड़ा और पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना के बीच मतभेद की चर्चा पहले से ही होती रही है। दोनों नेताओं के समर्थक भी कई मौकों पर अलग-अलग नजर आते हैं। दोनों नेताओं के बीच चल रही खींचतान एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद फिर चर्चा में आ गई। मलेरकोटला हाउस नाम के फेसबुक पेज पर एक तस्वीर साझा की गई थी, जिसमें जस्सी खंगूड़ा और रजिया सुल्ताना को एक साथ दिखाया गया था। तस्वीर सामने आने के बाद जस्सी खंगूड़ा ने सोशल मीडिया के जरिए इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ साझा की गई तस्वीर असली नहीं है और इसे एडिट करके या किसी अन्य तरीके से तैयार किया गया है। जस्सी खंगूड़ा ने इसके साथ एक दूसरी तस्वीर भी साझा की, जिसे उन्होंने मूल तस्वीर बताया। उनका कहना था कि सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीर को सही संदर्भ में पेश नहीं किया गया है। इस घटना के बाद दोनों नेताओं के बीच पहले से मौजूद मतभेदों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भी इन दोनों नेताओं के समर्थकों की अलग-अलग पहचान देखने को मिलती है। मलेरकोटला में कांग्रेस संगठन से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान भी कई बार अलग-अलग गुटों की सक्रियता नजर आती रही है। पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं में नेतृत्व और संगठन से जुड़े मुद्दों को लेकर अलग-अलग राय सामने आती रही है। शनिवार को कांग्रेस के ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ अभियान के दौरान हुई घटना ने इन मतभेदों को फिर से सामने ला दिया। मंच पर जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। घटना के दौरान पार्टी नेताओं और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने भी दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की और कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। अब इस घटना के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि मलेरकोटला में कांग्रेस के अलग-अलग गुटों के बीच मतभेद पार्टी के संगठनात्मक कामकाज को किस तरह प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व लगातार कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेद भुलाकर संगठन को मजबूत करने की अपील करता रहा है। आने वाले दिनों में पार्टी के लिए चुनौती यही होगी कि स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाए, ताकि गुटबाजी से अलग हटकर संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी राजनीतिक तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।

दूसरे चरण में दोआबा के जिलों में बैठकें
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने पार्टी के ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ अभियान को लेकर संगठन की आगे की रणनीति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत पार्टी की ओर से अलग-अलग जिलों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। अभियान के पहले चरण में मालवा क्षेत्र के जिलों पर फोकस किया गया। इस दौरान पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर जमीनी स्तर पर संगठन की स्थिति को समझने की कोशिश की गई। इन बैठकों का मकसद सिर्फ कार्यकर्ताओं से मुलाकात करना नहीं है, बल्कि बूथ स्तर पर पार्टी की मौजूदगी को मजबूत करना भी है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं और कार्यकर्ताओं की राय को भी सुना जा रहा है। मालवा क्षेत्र में अभियान के पहले चरण की बैठकों के बाद अब खन्ना में होने वाला कार्यक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भूपेश बघेल ने कहा कि खन्ना की बैठक के साथ मालवा के सभी जिलों में पहले चरण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी अब अभियान के अगले चरण की तैयारियों में जुटेगी। दूसरे चरण में दोआबा क्षेत्र के जिलों में बैठकें आयोजित की जाएंगी और वहां संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। भूपेश बघेल ने बताया कि दोआबा में अभियान की शुरुआत हो चुकी है। नवांशहर में एक कार्यक्रम आयोजित किया जा चुका है, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के साथ संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। अब दोआबा के बाकी जिलों में भी इसी तरह की बैठकें आयोजित करने की तैयारी है। पार्टी नेतृत्व का प्रयास है कि स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर संगठन की कमियों को समझा जाए और उन्हें दूर करने की दिशा में काम किया जाए। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर मजबूत संगठन किसी भी राजनीतिक दल के लिए बेहद जरूरी होता है। इसी सोच के साथ कांग्रेस इस अभियान के जरिए जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करने की कोशिश कर रही है। बैठकों के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से उनकी स्थानीय समस्याओं, संगठन की स्थिति और आने वाली राजनीतिक चुनौतियों को लेकर भी चर्चा की जा रही है। नेतृत्व का कहना है कि कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से ही संगठन को मजबूती मिल सकती है। मालवा में अभियान का पहला चरण पूरा होने की ओर है, जबकि दोआबा में दूसरे चरण की गतिविधियां आगे बढ़ाई जा रही हैं। आने वाले दिनों में इन बैठकों का सिलसिला पंजाब के अन्य जिलों तक भी पहुंचने की उम्मीद है।
विधानसभा स्तर पर करेंगे बैठक
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ अभियान को लेकर पार्टी की तैयारियों और आगे की रणनीति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी की ओर से जिला स्तर पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद किया जा रहा है। इन बैठकों के जरिए कांग्रेस संगठन की जमीनी स्थिति को समझने की कोशिश कर रही है। कार्यकर्ताओं से उनकी समस्याएं, स्थानीय मुद्दे और संगठन को मजबूत करने के सुझाव लिए जा रहे हैं, ताकि आने वाले समय में पार्टी की रणनीति को उसी के अनुसार तैयार किया जा सके। भूपेश बघेल ने बताया कि अभियान का अगला चरण दोआबा और माझा क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। इन इलाकों में जिला स्तर की बैठकों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों के लिए सक्रिय करने पर जोर रहेगा। जिला स्तर की बैठकों का सिलसिला पूरा होने के बाद अभियान को विधानसभा स्तर तक ले जाया जाएगा। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में भी इसी तरह बैठकें आयोजित की जाएंगी और स्थानीय संगठन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। विधानसभा स्तर की बैठकों में बूथ कमेटियों की सक्रियता, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पार्टी का प्रयास रहेगा कि संगठन की गतिविधियां केवल बड़े नेताओं तक सीमित न रहें, बल्कि हर बूथ तक पहुंचें। भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस इस बार पंजाब में अपनी चुनावी रणनीति को नए तरीके से तैयार करेगी। पार्टी पुराने तौर-तरीकों के बजाय जमीनी स्तर पर लगातार काम करने और कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर तालमेल बनाने पर जोर देगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी पूरी तैयारी के साथ मैदान में जुटने की अपील की। उनका कहना है कि किसी भी चुनाव में संगठन की मजबूती सबसे महत्वपूर्ण होती है और इसके लिए बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद अहम रहती है। कांग्रेस प्रभारी ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर गंभीरता से तैयारी कर रही है। पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि मजबूत प्रदर्शन करते हुए सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है। इसके लिए कांग्रेस स्थानीय मुद्दों को समझने और जनता से जुड़े सवालों को अपनी रणनीति में शामिल करने पर भी ध्यान देगी। पार्टी नेताओं का मानना है कि जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़कर ही संगठन को दोबारा मजबूत स्थिति में लाया जा सकता है। ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ अभियान के जरिए कांग्रेस पंजाब में अपने संगठन को सक्रिय करने में जुटी है। जिला स्तर से शुरू हुई यह कवायद अब दोआबा और माझा के बाद विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगी। आने वाले दिनों में इन बैठकों के जरिए पार्टी की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों को और स्पष्ट रूप दिया जाएगा।rajawarring
बैठकों की समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी
खन्ना में ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ अभियान के कार्यक्रम के बाद पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के चंडीगढ़ रवाना होने की तैयारी है। खन्ना का कार्यक्रम इस अभियान के मौजूदा चरण का एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। कार्यक्रम खत्म होने के बाद दोनों नेता चंडीगढ़ पहुंचेंगे। यहां पार्टी के संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के साथ रात में बैठक प्रस्तावित है। बैठक में पिछले कई दिनों के दौरान हुए कार्यक्रमों और बैठकों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पिछले नौ दिनों में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित बैठकों में सामने आए मुद्दों को इस बैठक में रखा जाएगा। नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक को भी समीक्षा का हिस्सा बनाया जाएगा। इस दौरान जिला स्तर पर संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और बूथ स्तर पर पार्टी की तैयारियों को लेकर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्रों में सामने आई संगठनात्मक चुनौतियों पर भी विचार किया जाएगा। भूपेश बघेल और राजा वड़िंग की मौजूदगी में बैठक के दौरान सभी बैठकों से मिली जानकारी को एक रिपोर्ट के रूप में तैयार किया जाएगा। इस रिपोर्ट में पार्टी की जमीनी स्थिति और आगे की रणनीति से जुड़े सुझाव शामिल किए जा सकते हैं। कांग्रेस नेतृत्व के लिए यह समीक्षा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ अभियान के जरिए पार्टी ने सीधे जिला स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद किया है। इस दौरान संगठन को लेकर कई तरह के सुझाव और फीडबैक सामने आए हैं। तैयार होने के बाद इसे अगले दिन दिल्ली में कांग्रेस संगठन के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल के सामने पेश किया जाएगा। दोनों नेता पंजाब में अभियान के दौरान मिले फीडबैक और पार्टी की स्थिति की जानकारी उनके साथ साझा करेंगे। दिल्ली में होने वाली बैठक के दौरान पंजाब कांग्रेस की आगामी रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है। खास तौर पर बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की गतिविधियों को बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। अभियान के दौरान मिले फीडबैक को केवल समीक्षा तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसके आधार पर आगे की संगठनात्मक गतिविधियों की योजना तैयार की जाए। स्थानीय स्तर पर जिन समस्याओं की पहचान हुई है, उन्हें दूर करने के लिए भी कदम उठाए जा सकते हैं। खन्ना के कार्यक्रम के बाद चंडीगढ़ में होने वाली बैठक और उसके बाद दिल्ली में नेतृत्व के साथ होने वाली चर्चा को पंजाब कांग्रेस की आगे की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इन बैठकों के बाद पार्टी संगठन को लेकर कुछ नए फैसले सामने आने की उम्मीद है।










