साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) के मोहाली ब्लॉक के गांव कलोली जट्टां और कलोली में श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों और युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, उनके सामाजिक योगदान और समानता के संदेश से परिचित कराने के लिए विशेष डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं, मानवता, भाईचारे और सामाजिक समरसता के संदेश को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। उपस्थित लोगों ने इस प्रस्तुति को ध्यानपूर्वक देखा और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि गुरु रविदास जी की वाणी आज भी समाज को एकजुट करने और भेदभाव से ऊपर उठकर जीवन जीने की प्रेरणा देती है। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपने महान संतों और गुरुओं के इतिहास से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गुरु रविदास जी के बताए सत्य, समानता और सेवा के मार्ग को अपने जीवन में अपनाएं तथा सामाजिक सौहार्द को मजबूत बनाने में योगदान दें। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की डॉक्यूमेंट्री और जागरूकता गतिविधियां गांव स्तर पर आयोजित होने से लोगों को धार्मिक और सामाजिक विरासत को समझने का अवसर मिलता है। विशेष रूप से युवा वर्ग ने कार्यक्रम में रुचि दिखाई और गुरु रविदास जी के विचारों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया। कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित लोगों को सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और मानव सेवा के मूल्यों को अपनाने का संदेश देने के साथ हुआ। आयोजकों ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज में सकारात्मक सोच, समानता और सद्भावना के संदेश को और अधिक व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा सके।

साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर, 6 अगस्त
डॉक्यूमेंट्री में श्री गुरु रविदास जी के जीवन के विभिन्न प्रेरक प्रसंगों के साथ उनकी वाणी, आध्यात्मिक विचारधारा और सामाजिक समानता के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसमें बताया गया कि गुरु जी ने अपने जीवनभर जात-पात, ऊंच-नीच और सामाजिक भेदभाव का विरोध करते हुए मानवता, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया, जो आज भी समाज के लिए उतना ही प्रासंगिक है। इस अवसर पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य गुरु रविदास जी के आदर्शों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि समाज में जागरूकता, सामाजिक समरसता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का भी एक प्रभावी माध्यम हैं। युवाओं को गुरु जी की शिक्षाओं से जोड़ना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम में शामिल ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि इस तरह की डॉक्यूमेंट्री लोगों को अपने महान संतों के जीवन और उनके विचारों को सरल भाषा में समझने का अवसर देती है। कई लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी सम्मान और एकता की भावना को और अधिक मजबूत बनाते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने श्री गुरु रविदास जी के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में समानता, सद्भाव और मानव सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस दौरान गांव के गणमान्य नागरिक, पंचायत सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद रहे, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया।










