रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पश्चिमी यूक्रेन के शांत माने जाने वाले टर्नोपिल शहर में रूस ने देर रात ड्रोन और मिसाइलों का भीषण हमला कर दिया, जिसमें 3 बच्चों समेत 25 लोगों की मौत हो गई। हमले में 73 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें 15 बच्चे शामिल हैं।फरवरी 2022 में युद्ध की शुरुआत के बाद पश्चिमी यूक्रेन पर हुआ यह सबसे घातक हमला माना जा रहा है।जिसमें बच्चों और बुजुर्गों को भी निशाना बनाया गया।यूक्रेन के गृह मंत्री ने बताया कि रूसी सेना ने टर्नोपिल की दो नौ मंजिला आवासीय इमारतों को निशाना बनाया।हमले के समय ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे, जिसके कारण मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ी।मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है और रेस्क्यू टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

यूक्रेनी एयरफोर्स के अनुसार, रूस ने बीती रात 476 स्ट्राइक और डिकॉय ड्रोन तथा 48 तरह की मिसाइलें दागीं।इनमें से 47 क्रूज मिसाइलें थीं। एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश मिसाइलों को रोक लिया, लेकिन 6 मिसाइलें अपने लक्ष्य पर लगीं और भारी तबाही का कारण बनीं।राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि आम नागरिकों पर हमला इस बात का सबूत है कि रूस पर युद्ध रोकने के लिए जो अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाया जा रहा है, वह अभी भी पर्याप्त नहीं है।टर्नोपिल के अलावा रूस ने खार्किव और अन्य पश्चिमी क्षेत्रों में भी ड्रोन हमले किए।इन हमलों में करीब 50 लोग घायल हुए।खार्किव में हुए हमले में 46 लोग घायल बताए गए हैं, जिनमें दो छोटी लड़कियां भी शामिल हैं।ड्रोन ने कई स्कूलों, एम्बुलेंस स्टेशनों, आवासीय भवनों और नागरिक संरचनाओं को नुकसान पहुंचाया है।
यूक्रेन का जवाबी हमला
रूस के डिफेंस मिनिस्ट्री ने दावा किया कि यूक्रेन ने अमेरिकी हथियारों से लैस चार ATACMS मिसाइलें रूस के वोरोजनेज शहर पर दागीं।रूस ने सभी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया, लेकिन इनके मलबे के गिरने से एक अनाथालय और जेरेनोलॉजी सेंटर को नुकसान पहुंचा।हालांकि, कोई भी रूसी नागरिक हताहत नहीं हुआ।इसी बीच, रूसी हमलों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की तुर्की पहुंचे हैं, जहां वे राष्ट्रपति रजब तैय्यप एर्दोगन से मुलाकात कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि “यूक्रेन पर हर नया हमला यह साबित करता है कि रूस के खिलाफ दबाव बढ़ाना बेहद जरूरी है।”
रोमानिया और पोलैंड ने भी उठाए कदम
रूस के हमलों के बढ़ते खतरे के कारण रोमानिया और पोलैंड ने अपने-अपने हवाई क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। रोमानिया ने दो यूरोफाइटर टाइफून और दो F-16 फाइटर जेट्स को उड़ान भरने के आदेश दिए।पोलैंड ने रात में कई एयरपोर्ट बंद कर दिए और हवाई निगरानी बढ़ा दी।दोनों देश नाटो के सदस्य होने के कारण सतर्क हैं कि रूस के ड्रोन उनके क्षेत्र में न घुसें।
टर्नोपिल पर हमला रूस की हालिया सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है और यह संकेत देता है कि युद्ध आने वाले दिनों में और आक्रामक रूप ले सकता है।कॉम्बैट ड्रोन, क्रूज मिसाइलें, और ATACMS जैसे हमलों ने संघर्ष को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।