रूस में सप्लाई ट्रेन में भीषण ध.माका टैम्बोव में फ्यूल वैगन ब्ला.स्ट, आसमान तक आ.ग

रूस के टैम्बोव क्षेत्र में एक रेल हादसा हो गया जो यूक्रेन युद्ध के बीच रूस की आंतरिक सुरक्षा और सप्लाई नेटवर्क पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। मॉस्को-वोरोनेज-रोस्तोव रूट पर चल रही एक रूसी मालगाड़ी, जो भारी मात्रा में ईंधन लेकर दक्षिणी रूस की ओर जा रही थी, टैम्बोव इलाके के कोचेतोवका-2 रेलवे स्टेशन के पास अचानक पटरी से उतर गई। ट्रेन के पटरी से उतरते ही एक फ्यूल वैगन में भीषण विस्फोट हो गया, जिसने कुछ ही सेकंड में पूरे इलाके को आग और धुएं की चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाका इतना शक्तिशाली था कि उसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और आग की लपटें आसमान में करीब 1,000 फीट तक उठती दिखाई दीं। घटनास्थल से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में देखा जा सकता है कि किस तरह रेलवे ट्रैक के आसपास आग का विशाल गोला बन गया और काले धुएं का घना गुबार पूरे आसमान में फैल गया।

इस भयानक विस्फोट के कारण ट्रेन के कम से कम 30 रेल वैगन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिनमें ज्यादातर फ्यूल और सप्लाई से जुड़े वैगन बताए जा रहे हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह किसी बड़े हादसे से कम नहीं था। अगर ट्रेन किसी आबादी वाले क्षेत्र के पास पटरी से उतरती, तो जान-माल का नुकसान बेहद भयावह हो सकता था। धमाके के तुरंत बाद पूरे इलाके में आपातकाल घोषित कर दिया गया और फायर ब्रिगेड, रेलवे प्रशासन, स्थानीय पुलिस और आपदा राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने में कई घंटे लगे, क्योंकि फ्यूल वैगनों में लगी आग को बुझाना बेहद मुश्किल होता है।

 

इस विस्फोट का असर केवल घटनास्थल तक सीमित नहीं रहा। रूस की रेल व्यवस्था पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा और इस रूट से गुजरने वाली कम से कम आठ इंटर-सिटी ट्रेनें घंटों तक लेट हो गईं। कई ट्रेनों को बीच रास्ते में रोकना पड़ा, जबकि कुछ को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और माल ढुलाई की सप्लाई चेन भी अस्थायी रूप से बाधित हो गई। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक और सिग्नल सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है और मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, ताकि इस अहम रूट को जल्द से जल्द फिर से चालू किया जा सके।

सबसे बड़ा सवाल अब यह उठ रहा है कि आखिर यह विस्फोट एक तकनीकी दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी। कुछ रूसी और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि यह घटना यूक्रेन युद्ध से जुड़ी संभावित तोड़फोड़ का नतीजा हो सकती है। गौर करने वाली बात यह है कि मॉस्को-वोरोनेज-रोस्तोव रेलवे लाइन रूस के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जाती है। इसी रूट के जरिए रूस के दक्षिणी हिस्सों और सैन्य ठिकानों तक बड़ी मात्रा में ईंधन, सैन्य उपकरण, हथियार और अन्य जरूरी सप्लाई पहुंचाई जाती है। ऐसे में इस लाइन पर हुआ यह विस्फोट केवल एक हादसा नहीं, बल्कि रूस की लॉजिस्टिक क्षमता पर सीधा हमला भी माना जा रहा है।

हालांकि रूसी अधिकारियों ने फिलहाल किसी भी तरह की तोड़फोड़ या हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि घटना की गहन जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ट्रेन के पटरी से उतरने की असली वजह क्या थी—क्या ट्रैक में तकनीकी खराबी थी, क्या ट्रेन की स्पीड ज्यादा थी, या फिर किसी बाहरी हस्तक्षेप के कारण यह हादसा हुआ। सुरक्षा एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं ट्रैक पर कोई विस्फोटक या साजिशन छेड़छाड़ तो नहीं की गई थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह घटना तोड़फोड़ साबित होती है, तो यह यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में रूस के भीतर बढ़ते सुरक्षा खतरों का एक बड़ा संकेत होगा। पिछले कुछ महीनों में रूस के अंदर कई रेलवे लाइनों, तेल डिपो और सप्लाई ठिकानों पर रहस्यमय आग और विस्फोट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। टैम्बोव की यह घटना उसी कड़ी का हिस्सा है या नहीं, यह आने वाली जांच रिपोर्ट ही साफ करेगी। फिलहाल इतना तय है कि इस विस्फोट ने रूस की आंतरिक सुरक्षा, रेलवे सुरक्षा और सैन्य सप्लाई नेटवर्क को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

इस बीच स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। रेलवे लाइन की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं आने वाले समय में रूस की रणनीति और सुरक्षा नीति को प्रभावित कर सकती हैं। टैम्बोव में हुआ यह धमाका सिर्फ एक रेल हादसा नहीं, बल्कि यूक्रेन युद्ध की छाया में रूस के भीतर उभरते नए खतरे की एक बड़ी चेतावनी भी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है, जिन पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।

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