रूस के करेलिया क्षेत्र में देर रात एक रूसी Su-30 लड़ाकू विमान प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई। यह हादसा फिनलैंड की सीमा के पास प्रियोनेज़्स्की जिले में घने जंगलों वाले क्षेत्र में हुआ, जिससे जमीन पर किसी भी प्रकार की क्षति या आम जनता को कोई खतरा नहीं हुआ।रूसी रक्षा मंत्रालय ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान एक निर्धारित प्रशिक्षण मिशन पर उड़ान भर रहा था और इस दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि उड़ान के समय विमान बिना किसी हथियार या गोला-बारूद के उड़ान भर रहा था। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना की वजह का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच आयोग का गठन किया गया है।

क्षेत्रीय गवर्नर आर्टुर परफेनचिकोव ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्हें प्रियोनेज़्स्की जिले में सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली थी। उन्होंने कहा कि करेलिया के अधिकारियों ने तुरंत आपातकालीन सेवाओं को दुर्घटनास्थल पर भेजा। गवर्नर ने यह भी पुष्टि की कि विमान घने जंगल वाले इलाके में गिरा, जिससे आसपास के क्षेत्र में किसी भी तरह की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ।रूस में हाल के वर्षों में सैन्य विमान हादसों की घटनाएँ बढ़ रही हैं, और Su-30 दुर्घटना के साथ यह सिलसिला जारी है। Su-30 एक बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है, जो रूसी वायु सेना में विभिन्न प्रशिक्षण और युद्ध अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।इस हादसे के बाद, रूसी रक्षा मंत्रालय ने हादसे की गहन जांच करने और संभावित तकनीकी या मानव त्रुटियों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंत्रालय ने कहा कि यह सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है कि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
साथ ही, यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब रूस के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं। करेलिया क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, जो फिनलैंड सीमा के साथ लगती है, इसे रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती है। इस क्षेत्र में नियमित प्रशिक्षण उड़ानों का उद्देश्य पायलटों को कठिन परिस्थितियों में उड़ान और युद्धाभ्यास की तैयारी कराना है।