चंड़ीगढ़ में मंहगी हुई बिजली , 1 नवंबर से शुरू होगी नई बिजली की दर्रें,प्रति यूनिट 5 से 10 पैसे की हुई बढ़ोतरी

चंडीगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए महंगाई का झटका जारी है। जॉइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (JERC) ने शहर के बिजली दरों में 0.94 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस बढ़ोतरी के तहत आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 5 से 10 पैसे तक की बढ़ोतरी होगी। नए रेट 1 नवंबर 2025 से लागू होंगे।इस बार स्लैब प्रणाली में भी बदलाव किया गया है। पहले तीन स्लैब (0–150, 151–400 और 400 यूनिट से ऊपर) थे, अब इसे पांच स्लैब में बांटा गया है। प्रत्येक स्लैब में 100 यूनिट शामिल होंगी, जिससे बिलिंग अधिक पारदर्शी और चरणबद्ध होगी।

 

BPL और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बदलाव

नए टैरिफ ढांचे में BPL परिवारों के लिए विशेष श्रेणी बनाई गई है। इसके तहत 250 वॉट लोड पर हर महीने 100 यूनिट तक बिजली सस्ती दर पर उपलब्ध होगी। वहीं, ‘स्मॉल पावर इंडस्ट्रियल’ कैटेगरी को समाप्त कर दिया गया है। अब केवल 85 किलोवॉट तक के लोड वाली ‘सिंगल एलटी इंडस्ट्री’ के लिए तीन बिलिंग स्लैब तय किए गए हैं।नॉन-डोमेस्टिक टू-फेज उपभोक्ताओं के लिए नई दरें 0–100 यूनिट ₹4.55 प्रति यूनिट,101–200 यूनिट-₹4.65 प्रति यूनिट ,200 यूनिट से ऊपर-₹5.55 प्रति यूनिट
तीन-फेज उपभोक्ताओं के लिए फ्लैट दर ₹6.60 प्रति यूनिट रखी गई है।

अगले पांच सालों में वृद्धि की रूपरेखा

JERC ने अगले पांच वित्तीय वर्षों (2025–26 से 2029–30) तक बिजली दरों में क्रमिक बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। पहले CPDL ने 7.57 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन आयोग ने इसे सीमित करते हुए औसतन 2 प्रतिशत हर साल बढ़ोतरी तय की है।इस योजना के तहत फिक्स्ड चार्ज में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। वर्तमान में यह ₹30 प्रति किलोवॉट है, जो 2027–28 में बढ़कर ₹40 प्रति किलोवॉट हो जाएगा।

जनता और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रि या

इस साल की शुरुआत में हुई सार्वजनिक सुनवाई में शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने दरों में बढ़ोतरी का विरोध जताया था। हालांकि, आयोग ने बिजली विभाग की वित्तीय स्थिति और वितरण सुधारों को देखते हुए सीमित बढ़ोतरी को आवश्यक बताया।निजीकरण के बाद यह पहला टैरिफ आदेश है और कंपनी अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह समझती है। उन्होंने कहा कि CPDL, UT प्रशासन और JERC के सहयोग से सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ाने, तकनीकी नुकसान कम करने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने के लिए पूरी तरह समर्पित है।

शहर के 2.5 लाख उपभोक्ताओं पर असर

चंडीगढ़ में लगभग 2 लाख 50 हजार बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी महत्वपूर्ण है। हालांकि हर यूनिट पर केवल 5 पैसे की वृद्धि हुई है, लेकिन बड़े बिलों पर इसका असर महसूस किया जा सकता है।चंडीगढ़ में बिजली महंगी हुई है, लेकिन JERC का दावा है कि यह बढ़ोतरी संतुलित और क्रमिक है। स्लैब प्रणाली में बदलाव और बीपीएल परिवारों के लिए विशेष प्रावधान इसे उपभोक्ता-केंद्रित बनाने का प्रयास हैं। अगले पांच साल में बिजली की दरों में यह क्रमिक बढ़ोतरी उपभोक्ताओं को अचानक वित्तीय दबाव से बचाएगी और साथ ही वितरण प्रणाली में सुधार की दिशा में मददगार साबित होगी।

 

Exit mobile version