Chandigarh नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स में दी जा रही छूट योजना को समाप्त कर दिया है, जिसके बाद अब टैक्स न भरने वाले संपत्ति मालिकों पर सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 31 मई तक लागू रही यह राहत योजना अब खत्म हो चुकी है और नए नियम 1 जून से प्रभावी हो गए हैं। नए प्रावधानों के अनुसार अब डिफॉल्टरों को बकाया टैक्स पर 25 प्रतिशत पेनल्टी और 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। इससे उन संपत्ति मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है, जिन्होंने समय पर टैक्स का भुगतान नहीं किया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि लगातार टैक्स न भरने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इनमें पानी के कनेक्शन काटना, संपत्ति को सील करना और आवश्यकता पड़ने पर अटैचमेंट जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। शहर में लगभग 65 हजार संपत्ति मालिक अब निगम के निशाने पर हैं, जिन पर टैक्स बकाया है। निगम का कहना है कि इन डिफॉल्टरों से वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स शहर की आय का प्रमुख स्रोत है, और इसके बिना विकास कार्यों पर असर पड़ सकता है। इसलिए बकायेदारों से वसूली को प्राथमिकता दी जा रही है और जल्द ही बड़े स्तर पर नोटिस और कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
आधिकारिक वेबसाइट पर करें भुगतान
प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए नगर निगम ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं, ताकि नागरिक बिना किसी परेशानी के अपना टैक्स समय पर जमा कर सकें। लोग घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से सुरक्षित तरीके से अपना प्रॉपर्टी टैक्स भर सकते हैं, जहां कुछ आसान चरणों में आवश्यक जानकारी भरकर डिजिटल भुगतान किया जा सकता है। होम पेज पर प्रॉपर्टी टैक्स के कॉलम में जानकारी भरने के बाद पेमेंट का विकल्प दिया जाएगा। दूसरा विकल्प संपर्क केंद्र जाकर नकद, चेक या डिमांड ड्राफ्ट (DD) से जमा करना है। संपर्क केंद्र सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक खुलता है। चंडीगढ़ नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित छूट योजना समाप्त कर दी है, जिसके चलते अब टैक्स न चुकाने वाले संपत्ति मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। 31 मई तक चली राहत अवधि के बाद 1 जून से नए नियम लागू हो गए हैं, जिनमें डिफॉल्टरों पर उच्च पेनल्टी और ब्याज शामिल है। नए नियमों के अनुसार, बकाया टैक्स पर 25 प्रतिशत पेनल्टी और 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। इससे उन हजारों संपत्ति मालिकों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने अभी तक अपना टैक्स नहीं भरा है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि नियमित रूप से टैक्स न चुकाने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे, जिसमें पानी के कनेक्शन काटना, संपत्ति सील करना और जरूरत पड़ने पर अटachment शामिल हैं। शहर में लगभग 65 हजार प्रॉपर्टी मालिक अब निगम की निगरानी में हैं, जो टैक्स डिफॉल्टर माने जाते हैं। निगम का कहना है कि इस बार वसूली अभियान को और तेज किया जाएगा ताकि राजस्व लक्ष्य हासिल किया जा सके। इस वित्तीय वर्ष के लिए नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स से लगभग 90 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का मानना है कि पुराने बकाए में कमी के चलते इस लक्ष्य को हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
नगर निगम के अनुसार इस समय में लगभग 65 हजार करदाताओं ने अपना टैक्स चुकता किया, जिससे करीब 50 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह हुआ। फिर भी, अभी भी अनेक बकाया भुगतान बाकी हैं। निगम ने पहले ही लगभग 1.20 लाख संपत्ति मालिकों को नोटिस भेज दिए हैं। इनमें आवासीय और वाणिज्यिक दोनों प्रकार की संपत्तियां शामिल हैं, जिन पर टैक्स बकाया है। अधिकारियों ने बताया है कि सबसे पहले बड़े डिफॉल्टरों पर कार्रवाई की जाएगी, जिनका बकाया 50 हजार रुपये से ज्यादा है। उसके बाद क्रमशः अन्य बकायेदारों पर भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। नगर निगम ने यह भी कहा है कि प्रॉपर्टी टैक्स उसकी आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अवश्य होगी। ऐसे में आने वाले समय में शहर में वसूली अभियान और भी तेज होने की उम्मीद है।
टैक्स भरने में दिक्कत तो यहां संपर्क करे
यदि प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या आती है, तो नागरिक चंडीगढ़ नगर निगम के सेक्टर-17 स्थित एमसीसी कार्यालय के ग्राउंड फ्लोर पर जाकर व्यक्तिगत रूप से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, किसी भी जानकारी या मार्गदर्शन के लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-5021618 पर संपर्क करके भी आवश्यक सहायता ली जा सकती है।

छूट योजना के अंतिम दिन रविवार होने के बावजूद नगर निगम कार्यालयों और संपर्क केंद्रों पर भारी भीड़ देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोग पेनल्टी और ब्याज से बचने के उद्देश्य से अंतिम समय में अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने पहुंचे। नगर निगम के अनुसार 1 अप्रैल से 31 मई के बीच लगभग 65 हजार करदाताओं ने अपना टैक्स भुगतान किया, जिससे निगम को करीब 50 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
90 करोड़ के टारगेट से अभी दूर निगम
1.20 लाख प्रॉपर्टी मालिकों को भेजे गए नोटिस
टैक्स वसूली में वृद्धि के लिए नगर निगम ने पहले ही लगभग 1.20 लाख संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। शहर में कुल 1.42 लाख टैक्सदाता हैं, जिनमें लगभग 1.12 लाख आवासीय और 30 हजार व्यवसायिक प्रॉपर्टी मालिक शामिल हैं। नगर निगम ने कार्रवाई की पूरी योजना तैयार की है। पहले 50 हजार रुपए से अधिक टैक्स बकाया रखने वालों को नोटिस भेजे जाएंगे। इसके बाद 30 हजार और फिर 20 हजार रुपए से अधिक बकाया वाले डिफॉल्टरों पर कार्रवाई होगी। पिछले साल भी नगर निगम ने कई डिफॉल्टरों के पानी के कनेक्शन काटे थे और संपत्तियां अटैच की थीं। इस बार भी टैक्स वसूली के लिए इसी तरह के सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स नगर निगम की आय का प्रमुख स्रोत है और बकायेदाताओं के खिलाफ नियमों के तहत सख्ती की जाएगी।
निगम कमिश्नर बोले- टैक्स न चुकाने पर डिफॉल्टरों को नोटिस भेजा जाता
निगम कमिश्नर अमित कुमार के अनुसार, नगर निगम बकाया टैक्स न देने पर डिफॉल्टरों को नोटिस भेजता है। यदि फिर भी टैक्स जमा नहीं किया जाता, तो पंजाब नगर निगम अधिनियम, 1976 (जो चंडीगढ़ में लागू है) के तहत संपत्ति को सील करने या कुर्क करने की विधिक प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।