BREAKING

IndiaPunjab

Phagwara में DSP की गोली से मौत जांच जारी

पंजाब के फगवाड़ा से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) में तैनात डीएसपी योगेश कुमार शर्मा की गोली लगने से मौत हो गई। यह घटना मंगलवार सुबह उनके सरकारी आवास पर हुई, जिसने पूरे पुलिस महकमे और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब डीएसपी योगेश कुमार शर्मा अपने सर्विस रिवॉल्वर की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक गोली चल गई और सीधे उनके सीने में जा लगी। गोली लगने के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई और परिजन तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना सुबह करीब साढ़े 7 बजे की बताई जा रही है। उस समय डीएसपी अपने सरकारी आवास पर ही मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, वह हाल ही में अपने ट्रांसफर के चलते अपने हथियार को जमा करने की तैयारी कर रहे थे और उसी के तहत उसकी सफाई कर रहे थे। इसी प्रक्रिया के दौरान यह हादसा हो गया। हालांकि, पुलिस इस मामले को केवल एक हादसा मानकर बंद नहीं कर रही है। जांच एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखते हुए यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह वास्तव में एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी हो सकता है। आत्महत्या की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है, लेकिन फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगा।

कपूरथला की एसपी माधवी शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला अनजाने में गोली चलने का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि आगे की कार्रवाई परिवार के सदस्यों के बयान और फॉरेंसिक जांच के आधार पर की जाएगी। पुलिस ने घटना स्थल से हथियार को कब्जे में ले लिया है और तकनीकी जांच भी शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि डीएसपी योगेश कुमार शर्मा का तीन दिन पहले ही चंडीगढ़ में ट्रांसफर हुआ था। वह पहले एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स में कार्यरत थे और नई पोस्टिंग के तहत उन्हें अपना सर्विस हथियार जमा करना था। इसी कारण वह उसे साफ कर रहे थे। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में गहरा शोक है। उनके सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस घटना को बेहद दुखद बताया है। विभाग ने परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया है। फिलहाल, पूरे मामले की जांच जारी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था या इसके पीछे कोई और कारण छिपा हुआ है।

पिता ने ये मुद्दे साझा किए…

अपनी पोती को स्कूल छोड़ने आए थे: पिता राम कुमार शर्मा ने बताया कि वह सुबह अपनी पोती को स्कूल छोड़ने आए थे। स्कूल बस सुबह साढ़े 7 बजे आती है, लेकिन आज बस देर से आई। उन्होंने फोन किया तो शुरू में ऐसा लगा कि शायद एक दिन पहले लड़की स्कूल नहीं गई थी, इसलिए बस नहीं आई होगी। बाद में मालिक से चर्चा हुई तो पता चला कि वह खुद लड़की को लेने आया था और उसे स्कूल ले गया। बहू गुरुनानक कॉलेज में लेक्चरर है: उन्होंने बताया कि उनकी बहू मोनिका शर्मा गुरुनानक कॉलेज में लेक्चरर हैं और उनकी कार का उपयोग करती हैं। इसी वजह से वह कार देने के लिए घर आए थे। राम कुमार शर्मा के अनुसार, जैसे ही उन्होंने घर की बेल बजाई, तो पता चला कि फायरिंग हो चुकी है। 3 दिन पहले ही चंडीगढ़ में ट्रांसफर हुआ: उन्होंने कहा कि उनकी बहू पुलिस कॉलोनी में निवास करती हैं। उनके बेटे का 3 दिन पहले चंडीगढ़ में ट्रांसफर हुआ था। इससे पहले वह STF में पोस्टेड था। उनके पास एक बेटा और एक बेटी है। एक पोता कनाडा में स्टडी वीजा पर है। सोफे पर बैठे पिस्तौल की सफाई कर रहे थे: राम कुमार शर्मा ने कहा कि गोली चलने का कारण नहीं पता चल सका। बताया जा रहा है कि उनका बेटा सोफे पर बैठकर पिस्तौल साफ कर रहा था, क्योंकि उसे पिस्तौल लौटानी थी। इसी बीच गोली चल गई। उन्होंने कहा कि जब वह गेट पर कार देने पहुंचे, तब तक गोली चल चुकी थी। कपूरथला की एसपी माधवी शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला दुर्घटनावश गोली चलने का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि आगे की कार्रवाई परिवार के बयानों के आधार पर की जाएगी। वहीं, कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि डीएसपी का हाल ही में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स से चंडीगढ़ के ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन में ट्रांसफर हुआ था।

घर में परिवार के साथ मौजूद थे डीएसपी

यह घटना मंगलवार सुबह लगभग साढ़े 7 बजे की बताई जा रही है, जब योगेश कुमार शर्मा अपने सरकारी आवास पर परिवार के साथ मौजूद थे। उस समय घर में उनकी पत्नी, माता-पिता, बेटा और बेटी सभी मौजूद थे, और सुबह का सामान्य पारिवारिक माहौल अचानक इस दर्दनाक हादसे में बदल गया। बताया जा रहा है कि गोली चलने की आवाज सुनते ही घर में अफरा-तफरी मच गई। परिवार के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे और देखा कि डीएसपी योगेश कुमार शर्मा गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। बिना समय गंवाए उन्हें तुरंत जालंधर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। रास्ते भर परिवार और साथ मौजूद लोगों ने उनकी हालत संभालने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बेहद गंभीर बनी रही। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उनका इलाज शुरू करने की कोशिश की, लेकिन जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, गोली सीधे सीने में लगने के कारण अंदरूनी चोट काफी गंभीर थी, जिससे उनकी जान बचाना संभव नहीं हो सका। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जो सुबह सामान्य रूप से शुरू हुई थी, वह कुछ ही पलों में मातम में बदल गई। आसपास के लोगों और पुलिस विभाग के अधिकारियों को जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली, वे भी अस्पताल और आवास पर पहुंचने लगे। घटना ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे पुलिस विभाग को झकझोर कर रख दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी का इस तरह अचानक चले जाना सभी के लिए गहरा सदमा है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह महज एक हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी हो सकती है।

SSP ने घटना की पुष्टि की

कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा ने इस दर्दनाक घटना की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि डीएसपी योगेश कुमार शर्मा का हाल ही में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) से चंडीगढ़ स्थित ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (BOI) में स्थानांतरण किया गया था। यह ट्रांसफर महज तीन दिन पहले ही हुआ था, जिसके चलते वह नई जिम्मेदारियों के लिए तैयारी कर रहे थे। एसएसपी के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी और परिवार के बयान से यह सामने आया है कि डीएसपी अपने सर्विस हथियार की सफाई कर रहे थे। चूंकि नई पोस्टिंग के बाद उन्हें हथियार जमा कराना था, इसलिए वह नियमित प्रक्रिया के तहत उसे साफ कर रहे थे। इसी दौरान अचानक गोली चल गई, जो सीधे उनके सीने में जा लगी। उन्होंने बताया कि घटना पूरी तरह अप्रत्याशित थी और मौके पर मौजूद किसी भी व्यक्ति को इस बात का अंदाजा नहीं था कि ऐसा हादसा हो सकता है। गोली चलने के बाद घर में मौजूद लोगों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और बिना समय गंवाए उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। एसएसपी गौरव तूरा ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल मामले को एक दुर्घटनावश हुई घटना के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन पुलिस किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही है। जांच के तहत सभी पहलुओं—तकनीकी, फॉरेंसिक और परिस्थितिजन्य—की गहन जांच की जा रही है, ताकि घटना की सटीक वजह सामने आ सके। उन्होंने कहा कि विभाग इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, पुलिस विभाग इस कठिन समय में मृतक अधिकारी के परिवार के साथ खड़ा है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि हथियारों की हैंडलिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का कितना ध्यान रखा जाता है। फिलहाल सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस पूरे घटनाक्रम की असल तस्वीर सामने लाएगी।

SP ने कहा- डॉक्टरों का पैनल शव परीक्षा करेगा।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया और मौके पर तुरंत पहुंचीं कपूरथला की एसपी माधवी शर्मा ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने मीडिया को बताया कि फगवाड़ा के सदर थाना क्षेत्र में स्थित पुलिस क्वार्टर में यह बेहद दुखद घटना घटी, जिसमें डीएसपी योगेश कुमार शर्मा की जान चली गई। उन्होंने बताया कि मृतक अधिकारी हाल ही में चंडीगढ़ में नई तैनाती पर भेजे गए थे और उनका स्थानांतरण एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) से हुआ था। एसपी के अनुसार, डीएसपी योगेश कुमार शर्मा अपनी नई पोस्टिंग के चलते अपने सर्विस हथियार को जमा करने की तैयारी कर रहे थे। मंगलवार सुबह उन्होंने रोज़मर्रा की तरह उठकर चाय-नाश्ता किया और इसके बाद अपने हथियार की सफाई करने लगे। इसी दौरान अचानक अनजाने में फायर हो गया, और गोली सीधे उनके सीने में जा लगी। घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। उन्होंने बताया कि क्वार्टर में मौजूद कर्मचारियों और परिवार के लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के सामने आते ही पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई और अधिकारी बड़ी संख्या में मौके और अस्पताल पहुंचे। एसपी माधवी शर्मा ने आगे कहा कि फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और आगे की कार्रवाई परिवार के सदस्यों के बयान के आधार पर की जाएगी। पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि हर पहलू की निष्पक्ष जांच हो, ताकि घटना के पीछे की सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके। उन्होंने यह भी बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया है, जहां डॉक्टरों का एक विशेष पैनल विस्तृत जांच करेगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो पाएगी। इस बीच, पुलिस विभाग ने मृतक अधिकारी के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और उन्हें हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र के लिए एक बड़ा आघात है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

Subscribe to Our Newsletter!

This will close in 0 seconds