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Owaisi का सूरत में बयान विपक्ष को दी बीजेपी को हराने की चुनौती

जबान चाकू की तरह है, अगर हिम्मत है तो बीजेपी को हराने की कोशिश करो… ओवैसी ने बंगाल का उल्लेख करते हुए किसे चुनौती दी?

असदुद्दीन ओवैसी का सूरत में बयान: “अगर हिम्मत है तो बीजेपी को हराकर दिखाओ”

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान सूरत में एक जनसभा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने विपक्षी पार्टियों और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ तीखे शब्दों में अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का प्रतिवाद किया, साथ ही राजनीतिक दलों को सीधी चुनौती भी दी। ओवैसी का यह बयान अब राजनीतिक सर्कलों में चर्चित हो गया है।

Owaisi ने किस बारे में बात की

सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि उन पर अक्सर यह आरोप लगता है कि वे चुनाव लड़कर बीजेपी को लाभ पहुंचाते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि यह आरोप पूरी तरह निराधार है और स्थिति इससे भिन्न है। उन्होंने विपक्षी दलों को आंकड़ों के साथ उत्तर देते हुए कहा कि बंगाल में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दल बड़ी संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि उनकी पार्टी केवल सीमित सीटों पर ही चुनाव में शामिल होती है।

BJP के प्रति सीधा चुनौती

ओवैसी ने अपने भाषण में विपक्षी पार्टियों को चुनौती दी कि अगर उनमें शक्ति है तो वे एक जुट होकर बीजेपी को हरा कर दिखाएं। उन्होंने कहा:
“अगर ताकत है तो बीजेपी को हराकर दिखाओ, आरोप लगाने से कुछ नहीं बनेगा।”
उन्होंने कहा कि वे इसलिए लक्ष्य बनते हैं क्योंकि वे अपनी राय बेबाकी से व्यक्त करते हैं और उनकी शैली सीधी एवं स्पष्ट होती है।

“लिडरशिप का मुद्दा” उठाया

ओवैसी ने अपने भाषण में कहा कि भारत में कुछ समुदायों की राजनीतिक लीडरशिप को मान्यता दी जाती है, जबकि मुसलमानों के नेतृत्व पर प्रश्न उठाए जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों की राजनीतिक पहचान मजबूत है, लेकिन मुस्लिम समुदाय को नेतृत्व के मामले में कमजोर दर्शाने का प्रयास किया जाता है।

सूरत रैली में किया गया वक्तव्य

यह पूरा वक्तव्य गुजरात के सूरत में आयोजना की गई एक रैली के दौरान दिया गया, जहां ओवैसी स्थानीय निकाय मतदान के संबंध में आए थे। फिर भी उनका ध्यान बंगाल चुनावों पर अधिक केंद्रित था, जहां उन्होंने राजनीतिक समीकरणों और चुनावी रणनीतियों पर स्पष्टता से अपनी राय व्यक्त की।

राजनीतिक प्रतिक्रिया का संभावना

ओवैसी के इस वक्तव्य के बाद राजनीतिक सर्कलों में प्रतिक्रियाएँ तेज होने की उम्मीद है। उनके बयान को उनके समर्थक “स्पष्ट और सीधी राजनीति” कह रहे हैं, जबकि प्रतिकूल दल इसे “राजनीतिक ध्रुवीकरण” के रूप में देख सकते हैं।

ओवैसी पश्चिम भारत में रैली के लिए सूरत पहुंचे, लेकिन बंगाल चुनाव पर महत्वपूर्ण टिप्पणी कर दी। ओवैसी ने भाजपा को लाभ पहुंचाने के आरोपों पर कहा कि यदि ये सच हैं, तो भाजपा को हराकर दिखाओ। आगे कहा कि ये (विपक्षी दल) स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि यह कौन है, जिसकी बातें तलवार जैसी कुशलता से चलती हैं.

पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने अपने खिलाफ लगने वाले सबसे गंभीर आरोप का उत्तर दिया है। कांग्रेस, टीएमसी, और लेफ्ट पर हमला करते हुए चुनौती दी कि अगर हिम्मत है तो भाजपा को हराकर दिखाओ।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग मुझ पर आरोप लगाते हैं कि ओवैसी चुनाव लड़ता है, तो बीजेपी को लाभ मिलता है। अरे, बंगाल में जाओ और देखो। 294 सीटों पर कांग्रेस चुनाव कर रही है, टीएमसी 250 सीटों पर, लेफ्ट फ्रंट मुकाबला कर रहा है और ओवैसी की पार्टी मात्र 11 सीटों पर लड़ाई कर रही है. एक पर्चे पर ओवैसी ने यह संख्या नोट की थी। सूरत की रैली में भाषण देते हुए वह इस में नंबर गेम को समझा रहे थे.

असल में, बंगाल विधानसभा चुनावों के बीच ओवैसी गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए सूरत में रैली करने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि सभी को यह चिंता है कि यह कौन है जिसके सिर पर टोपी है, चेहरे पर मूंछें हैं, जिसकी जुबान धारदार तलवार की तरह चलती है। ये 11 सीटों पर चुनाव लड़ता है, तो इन्हें दर्द शुरू हो जाता है। इनका मानना है कि भाजपा सफल हो जाती है।

ओवैसी की चुनौती, हिम्मत है तो भाजपा को मात दो

आगे ओवैसी ने गैर-भाजपा पार्टियों को चुनौती देते हुए कहा कि आप 11 को छोड़कर, 270 पर जीत जाओ और बीजेपी को हराओ, अगर तुममें ताकत है तो मुझे बताओ. उन्होंने कहा कि तुम कब तक इस समाज को रोकते रहोगे कि इसकी नेतृत्वता ना हो सके। मजलिस से भय इसीलिए है क्योंकि वहां सभी की नेतृत्व क्षमता होती है। ओबीसी, दलितों का नेतृत्व करता है, भारत में यदि किसी का नेतृत्व संभव नहीं है, तो क्रूर लोग कहते हैं कि मुसलमान का नहीं हो सकता है।

ओवैसी ने यहां भी बंगाल का मुद्दा दोहराया। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपनी स्वतंत्र राजनीतिक अगुवाई विकसित करने और ‘पतंग’ (चुनाव चिह्न) के लिए वोट डालने का आग्रह किया।

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