Nitin Gadkari का नया नियम 100% जमीन के बाद ही बनेगा हाइवे

नितिन गडकरी ने बदला हाईवे बनाने का न‍ियम, सरकार ने क्योंह क‍िया बदलाव; नए न‍ियम से क्यार-क्या  बदलेगा? राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के नए नियम: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि नए नियमों के अनुसार हाईवे का निर्माण तभी प्रारंभ होगा जब भूमि अधिग्रहण और विभिन्न विभागों से स्वीकृति की सभी प्रक्रियाएँ पूरी कर ली जाएँगी। Nitin Gadkari ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बताया: देश में हाल के वर्षों में तेज़ी से हाइवे और एक्सप्रेस-वे का निर्माण हुआ है। इससे जाम से छुटकारा मिलने के साथ ही यात्रा में भी सहूलियत हुई है. लेकिन अब सरकार ने हाइवे निर्माण से संबंधित नियमों में संशोधन कर दिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि नए राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को स्वीकृति देने से पहले 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पूर्ण होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हाईवे निर्माण के वक्त जमीन अधिग्रहण में समस्या होने पर इससे काफी मुश्किलें आती हैं।

न‍ियमों में बदलाव क्‍यों किया गया

गडकरी ने एक कार्यक्रम में बताया कि हाईवे मंत्रालय के पास 15 लाख करोड़ रुपये के हाईवे संपत्तियां हैं। इन एसेट्स को कैश में परिवर्तित करके अच्छा फंड इकट्ठा किया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण, वन विभाग की स्वीकृति और पर्यावरण Clearance से जुड़ी सबसे बड़ी चुनौतियाँ होती हैं। किसी भी परियोजना में ऐसी बाधाएँ आने पर कार्य पूरा होने में समय लगता है। पहले सरकार ने यह नियम बनाया था कि नए प्रोजेक्ट का आरंभ तब ही किया जाए जब 90 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो चुका हो। लेकिन इस नियम के बावजूद कार्य पूरा करने में परेशानी आ रही थी।

व‍िवादों में आएगी कमी

गडकरी ने कहा कि 100 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण न किए जाने तक ‘अपॉइंटेड डेट’ यानी निर्माण आरंभ करने की औपचारिक तिथि नहीं घोषित की जानी चाहिए। ‘अपॉइंटेड डेट’ का साधारण अर्थ हाइवे निर्माण के लिए भूमि और सभी प्रकार की स्वीकृति की प्रक्रिया का पूर्ण होना है। सभी अनुमतियाँ मिलने पर निर्माण प्रारंभ होने से विवाद कम होंगे और हाईवे निर्माण को निर्धारित समय में पूरा किया जा सकेगा।

डीपीआर बनाने वाली कंपनियों की शुरुआत करें

गडकरी ने कहा कि हाईवे की घटिया गुणवत्ता के लिए वे कंसल्टेंट जिम्मेदार हैं जो डीपीआर (DPR) बनाते हैं। उन्होंनें सुझाव दिया कि रिटायर NHAI अधिकारियों को अपने अनुभव का उपयोग करते हुए डीपीआर (DPR) बनाने वाली कंपनियों को प्रारंभ किया जाना चाहिए। डीपीआर (DPR) किसी भी सड़क परियोजना का संपूर्ण खाका होता है। इसमें टेक्‍निकल, फाइनेंशियल और लॉजिस्टिक्स सभी प्रकार की जानकारी दी जाती है।

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