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LPG सप्लाई के लिए नया नियम: PNG कनेक्शन अनिवार्य, नहीं तो तीन महीने में रोक

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने नया आदेश जारी किया है कि जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) उपलब्ध है, वहां अगर लोग PNG कनेक्शन नहीं लेते हैं तो उन्हें तीन महीने के भीतर एलपीजी गैस की सप्लाई रोक दी जाएगी। यह कदम घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को सुरक्षित करने और एलपीजी की कमी से निपटने के लिए उठाया गया है।

नया आदेश क्यों आया

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण भारत में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 24 मार्च को ‘प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026’ अधिसूचित किया।

इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि:

  • एलपीजी आपूर्ति उन क्षेत्रों में उपलब्ध हो जहां पाइपलाइन नहीं है।
  • घरों में PNG कनेक्शन अपनाने को बढ़ावा दिया जाए।
  • ईंधन के विकल्प बढ़ाकर ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो।

पाइपलाइन बुनियादी ढांचे के लिए सख्त नियम

सरकार ने पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया तेज करने के लिए कुछ आसान नियम बनाए हैं:

  • त्वरित मंजूरी: सार्वजनिक संस्थाओं को तय समय में अनुमति देनी होगी, नहीं तो स्वतः मंजूरी मान ली जाएगी।
  • अतिरिक्त शुल्क पर रोक: कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जा सकेगा।
  • हाउसिंग सोसायटियों के लिए नियम: 3 कार्य दिवस में अनुमति देनी होगी और 48 घंटे में PNG कनेक्शन लगाना होगा।

अनुपालन की जिम्मेदारी

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) को निगरानी एजेंसी बनाया गया है।
गैस कंपनियों को चार महीने के भीतर पाइपलाइन बिछानी होगी।
अगर कोई हाउसिंग कॉम्प्लेक्स अनुमति नहीं देता, तो नोटिस जारी होगा और तीन महीने बाद एलपीजी सप्लाई रोक दी जाएगी।छूट कब मिलेगीकेवल एक स्थिति में एलपीजी सप्लाई जारी रहेगी – अगर कंपनी यह प्रमाणित करे कि PNG कनेक्शन तकनीकी कारणों से संभव नहीं है।इस स्थिति में एनओसी (No Objection Certificate) जारी किया जाएगा, लेकिन भविष्य में PNG लगना संभव होने पर यह वापस ले लिया जाएगा।

PNG कनेक्शन का फायदा

PNG के इस्तेमाल से:

  • एलपीजी रिफिल बुक करने की जरूरत खत्म होगी।
  • रसोई में गैस लगातार उपलब्ध रहेगी।
  • एलपीजी का सीमित भंडार उन क्षेत्रों के लिए बचाया जा सकेगा जहां पाइपलाइन नहीं है।

सरकार का यह आदेश घरेलू ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और एकल ईंधन पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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