कॉकरोच जनता पार्टी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की मांग खारिज: CJI बोले- ‘इतने भावुक मत बनिए’


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) से जुड़े लोगों की गतिविधियों की CBI जांच कराने की मांग पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले को जरूरत से ज्यादा भावुक होकर देखने की आवश्यकता नहीं है।
यह मामला उस समय चर्चा में आया जब याचिकाकर्ता के वकील एनके गोस्वामी ने अदालत में कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी सोशल मीडिया के जरिए न्यायपालिका की छवि खराब कर रही है। इस पर चीफ जस्टिस Surya Kant की अगुवाई वाली बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा, “इतने भावुक मत बनिए।”
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई CJP
कॉकरोच जनता पार्टी एक सोशल मीडिया आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसे 16 मई को अभिजीत दीपके ने शुरू किया था। यह प्लेटफॉर्म हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। सोमवार दोपहर तक इसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 2.29 करोड़ फॉलोअर्स हो चुके थे।
CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी कई वीडियो और पोस्ट शेयर किए, जिनमें लोगों से पार्टी से जुड़ने की अपील की गई।
याचिका में क्या मांग की गई थी?
याचिका एडवोकेट राजा चौधरी द्वारा दायर की गई थी। इसमें मांग की गई थी कि:
- CJP से जुड़े लोगों की CBI जांच कराई जाए।
- आंदोलन से जुड़े कथित फर्जी वकीलों और फर्जी लॉ डिग्रियों की जांच हो।
- अदालत की मौखिक टिप्पणियों के कमर्शियल इस्तेमाल पर कार्रवाई की जाए।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।
फाउंडर के घर के बाहर पुलिस तैनात
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में CJP फाउंडर अभिजीत दीपके के घर के बाहर एहतियातन पुलिस तैनात की गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सोशल मीडिया पर बढ़ती चर्चा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि किसी तरह की भीड़ या अव्यवस्था न हो।
X अकाउंट ब्लॉक होने के बाद नया अकाउंट बनाया
21 मई को CJP का पुराना X अकाउंट ब्लॉक हो गया था। इसके बाद संगठन ने नया अकाउंट “Cockroach Is Back” नाम से बनाया। अकाउंट के बायो में लिखा गया — “Cockroach Don’t Die” यानी कॉकरोच मरते नहीं।
नए अकाउंट पर भी कुछ ही दिनों में लाखों फॉलोअर्स जुड़ गए।
वेबसाइट अभी भी बंद
CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने दावा किया कि उनकी वेबसाइट बंद कर दी गई है। उनके मुताबिक वेबसाइट पर करीब 10 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था और लाखों लोगों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग वाली ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर किए थे।
फिलहाल वेबसाइट खोलने पर “This Site Can’t Be Reached” का मैसेज दिखाई दे रहा है।










