अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 की भव्य शुरुआत सोमवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पवित्र ब्रह्म सरोवर आगमन से हुई। इस अवसर पर उन्होंने मंत्रोच्चारण और शंखनाद के बीच तीर्थ पूजन किया और भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया।सुबह कुरुक्षेत्र पहुंचने के बाद राजनाथ सिंह सीधे ब्रह्म सरोवर (परम सरोवर) के तट पर पहुंचे, जहाँ वैदिक मंत्रों की गूंज और शंखनाद के बीच उन्होंने पूजन-अर्चना की।यह अनुष्ठान गीता महोत्सव के आधिकारिक शुभारंभ का प्रतीक बना।इसके बाद उन्होंने हवन यज्ञ में भी आहुति दी। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु, संत, विद्वान और भक्त मौजूद रहे।रक्षा मंत्री ने कहा कि “भगवद गीता की शिक्षाएं न केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन देती हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला भी हैं। युवाओं को गीता से प्रेरणा लेकर देश की सेवा में योगदान देना चाहिए।”
हरियाणा पवेलियन का औपचारिक उद्घाटन
पूजन के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हरियाणा पवेलियन का औपचारिक उद्घाटन किया। यह पवेलियन इस बार महोत्सव का विशेष आकर्षण है।यहाँ हरियाणा कि सांस्कृतिक विरासत,कृषि और ग्रामीण समृद्धि व उद्योग और तकनीक और पर्यटन स्थलों की अनोखी झलक प्रस्तुत की गई है।पवेलियन में लगे स्टॉल्स पर राज्य की हस्तकला व पारंपरिक व्यंजन ,लोक कलाकारों की प्रस्तुतियाँ और गीता पर आधारित प्रदर्शनी आए हुए लोगों को आकर्षित कर रही हैं।
अंबाला में हुआ स्वागत
रक्षा मंत्री सोमवार सुबह दिल्ली से विशेष विमान द्वारा अंबाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे।यहाँ हरियाणा सरकार के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।इसके बाद दोनों नेता भारतीय वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टर से कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुए।कुरुक्षेत्र पहुँचने पर राजनाथ सिंह ने पुरुषोत्तमपुरा बाग स्थित निम्न प्रदर्शनियों और कार्यक्रमों का उद्घाटन किया।जहाँ मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, कला और पर्यटन की झलक दिखाई गई है।स्टेट लेवल हाई-टेक प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक, विज्ञान, कृषि नवाचार और सरकारी उपलब्धियों को प्रदर्शित करती है।
इंटरनेशनल गीता सेमिनार
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के श्रीमद् भगवद गीता सदन में तीन दिन का इंटरनेशनल सेमिनार भी शुरू किया गया।इसमें देश-विदेश से आए विद्वान, शोधकर्ता और आध्यात्मिक गुरु गीता के वैश्विक महत्व पर विचार-विमर्श करेंगे।द्रौपदी कूप इलाके में बनाए गए हरियाणा पवेलियन में युवा कलाकारों ने हरियाणवी लोक नृत्य व रागिनी प्रस्तुतियाँ, पारंपरिक वेशभूषा और मिट्टी कला और बुनाई को प्रदर्शित करते हुए राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत किया।
महोत्सव में जनभागीदारी बढ़ी
सोमवार सुबह से ही ब्रह्म सरोवर क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे।राजनाथ सिंह के आगमन के बाद आयोजन स्थल में उत्साह और भी बढ़ गया।महोत्सव में बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी, स्वयंसेवक और आम लोग शामिल हो रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव हर वर्ष कुरुक्षेत्र में आयोजित होता है।इस बार आयोजन में आध्यात्मिक कार्यक्रम व कलात्मक प्रस्तुतियाँ और पवेलियन प्रदर्शनियाँ, सेमिनार ,सांस्कृतिक झांकियों का अनूठा संगम बन गया है।
