1 अप्रैल से हिमाचल प्रदेश में टोल टैक्स की नई कीमतें लागू हो गई हैं। इसके बाद पंजाब और हरियाणा की सीमाओं पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग सड़क पर उतर आए।सोलन के परवाणू, मैहतपुर और बिलासपुर के गड़ामोड़ा में लोग सड़क रोककर विरोध कर रहे थे। परवाणू में सुबह 11 बजे से फ्री एंट्री दी गई, जिससे जाम खुल गया। ऊना में भी दोपहर 12 बजे ट्रैफिक बहाल हुआ।
प्रदर्शन और चक्का जाम:
पांवटा साहिब और बहराल टोल पर ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने 3 बजे चक्का जाम का ऐलान किया। लोग विरोध कर रहे हैं क्योंकि सरकार सीएम की घोषणा के बावजूद ज्यादा टोल वसूल रही है।
सीएम की घोषणा vs. वास्तविकता:
मुख्यमंत्री ने कहा था कि छोटे वाहनों से सिर्फ 70 रुपये लिया जाएगा। लेकिन कई टोल पर 100 से 170 रुपये लिए जा रहे हैं, यही लोगों को गुस्सा दिला रहा है।
ट्रैफिक जाम:
कालका-पिंजौर, मढ़ावाला-बरोटीवाला, बद्दी और नालागढ़ में भारी जाम।धर्मशाला-चंडीगढ़ हाईवे दोपहर 12 बजे तक बंद रहा।ऊना और नंगल के वाहन डायवर्ट किए गए।बघेरी टोल पर 5-6 किलोमीटर लंबी कतारें।
भविष्य और पर्यटन पर असर:
धरने वाले नेताओं ने कहा कि अगर सरकार नहीं मानी, तो लोग हिमाचल की बजाय दूसरे राज्यों में घूमेंगे।इससे पर्यटन और व्यापार प्रभावित हो सकता है।
प्रशासन का कदम:
परवाणू में फ्री एंट्री से जाम खुल गया।ऊना और मैहतपुर में भी ट्रैफिक बहाल हुआ।बाकी जगहों पर विरोध अभी भी जारी है।टोल टैक्स बढ़ने से हिमाचल प्रदेश में पंजाब और हरियाणा की सीमा पर भारी परेशानी और विरोध देखने को मिला।लोग कह रहे हैं कि जब तक टोल खत्म नहीं होगा, उनका धरना और चक्का जाम जारी रहेगा।