Rahul Gandhi पर कटाक्ष करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वो रांची जाना चाहिए था, न कि प्रयागराज। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि बड़ी गलती हो गई। राहुल गांधी के प्रयागराज जाने के बाद रिजिजू ने अपने ट्वीट में इस पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि गलतियां इंसान से ही होती हैं। यह पहले से ही जाना जा रहा था कि राहुल गांधी और रिजिजू के बीच तीखी बहस हो सकती है। शनिवार को महिला आरक्षण विधेयक को लेकर दोनों के बीच बहस हुई। यह बहस देश के विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच चल रहे गतिरोध के बीच हुई। रिजिजू ने राहुल गांधी के एक वीडियो पर टिप्पणी की और उनसे महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने को कहा। राहुल गांधी ने जवाब में पूछा कि ऐसा करने की जरूरत क्यों है? राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज पहुंचे। वहां आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के युवा अब बेहाल हैं क्योंकि केंद्र की नीतियां उनके लिए नुकसानदायक हैं।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि वे मुख्य रूप से तीन चीजों पर बात करना चाहते हैं – दर्द, डेटा, और दौलत. उन्होंने बताया कि वे युवाओं के दर्द और उनके द्वारा पैदा किए जाने वाले डेटा की बात कर रहे हैं, लेकिन आज असल समस्या यह है कि जो धन युवाओं की होनी चाहिए, वह केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण उनके पास नहीं पहुंच रही है. प्रयागराज के कार्यक्रम में राहुल गांधी ने युवाओं के सामने आ रहे गंभीर संकटों पर भी बात की. उन्होंने युवाओं से कहा कि आज इंस्टाग्राम और फेसबुक रील्स देखना एक नए तरह का ‘इक्कीसवीं सदी का नशा’ बन चुका है. पढ़ाई और लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी जब युवाओं को नौकरी नहीं मिलती, तो उन्हें मजबूरी में ब्लिंकिट और उबर जैसी कंपनियों में दस-दस घंटे दिहाड़ी मजदूरों की तरह काम करना पड़ता है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तंज कसा है। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को प्रयागराज जाने के बजाय रांची जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह राहुल गांधी की “बड़ी गलती” है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि गलतियां इंसान से होती हैं। राहुल गांधी शनिवार, 8 अगस्त को प्रयागराज पहुंचे थे और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। उन्होंने युवाओं से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी और केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश का युवा इस समय कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहा है। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में तीन शब्दों से शुरुआत की – दर्द, डेटा और दौलत। उन्होंने कहा कि युवाओं के दर्द और उनके द्वारा तैयार किए जा रहे डेटा को समझने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि युवाओं की मेहनत से पैदा होने वाली दौलत का फायदा उन्हें उस तरह नहीं मिल रहा, जैसा मिलना चाहिए। राहुल गांधी ने रोजगार के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि युवा पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल पर भी चिंता जताई और कहा कि इंस्टाग्राम और फेसबुक रील्स युवाओं के लिए “21वीं सदी का नशा” है। राहुल गांधी के इस बयान के बाद किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि उन्हें प्रयागराज की जगह रांची जाना चाहिए था। दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी फिर चर्चा में आ गई। दरअसल, इससे एक दिन पहले ही राहुल गांधी और किरेन रिजिजू के बीच महिला आरक्षण को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस हुई थी। महिला आरक्षण का मुद्दा फिलहाल केंद्र और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है। परिसीमन के साथ महिला आरक्षण को लागू करने को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अलग रुख रखा गया है। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर हुई बहस ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया। राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे और रिजिजू की टिप्पणी को इसी राजनीतिक खींचतान की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। एक तरफ राहुल गांधी युवाओं, रोजगार और आर्थिक अवसरों को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ सत्ता पक्ष उनके बयानों और राजनीतिक कार्यक्रमों पर पलटवार कर रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर और ज्यादा चर्चा में आ सकता है।










