वैश्विक तनाव से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1342 अंक टूटा, निफ्टी 23900 के नीचे

नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। बुधवार को शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ।कारोबार के अंत में BSE Sensex 1342.27 अंक गिरकर 76,863.71 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं NSE Nifty 50 394.75 अंक की गिरावट के साथ 23,866.85 पर आकर बंद हुआ।विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है। इसी वजह से बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।

निवेशकों में सतर्कता का माहौल

ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक कंपनी Enrich Money के सीईओ Ponmudi R के मुताबिक, हाल ही में बाजार में तकनीकी सुधार जरूर देखा गया था, लेकिन निवेशकों के बीच अभी भी सावधानी का माहौल बना हुआ है।उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संकट का असर धीरे-धीरे वैश्विक वित्तीय बाजारों पर पड़ने लगा है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें, अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों में बाधा और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में कमी जैसे कारण बाजार को प्रभावित कर रहे हैं।

भू-राजनीतिक तनाव से बढ़ती अस्थिरता

जब भी दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तब बाजार में अस्थिरता तेज हो जाती है। ऐसे समय में निवेशक आम तौर पर जोखिम वाले निवेश से दूर होकर सुरक्षित विकल्पों की तरफ रुख करते हैं।इस कारण शेयर बाजार में बिकवाली बढ़ जाती है और सूचकांकों में गिरावट देखने को मिलती है।इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली।

Multi Commodity Exchange यानी एमसीएक्स पर वायदा कारोबार में कच्चे तेल की कीमत 460 रुपये बढ़कर 7,881 रुपये प्रति बैरल तक पहुंच गई।

मार्च डिलीवरी वाले अनुबंध में लगभग 6.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं अप्रैल डिलीवरी वाले अनुबंध में भी करीब 6.3 प्रतिशत की तेजी आई और कीमत 7,815 रुपये प्रति बैरल तक पहुंच गई।

निवेशक कर रहे हालात पर नजर

Livelong Wealth के रिसर्च एनालिस्ट और संस्थापक Hariprasad K का कहना है कि वैश्विक संकेत फिलहाल मिले-जुले बने हुए हैं।निवेशक खासतौर पर पश्चिम एशिया में हो रही घटनाओं और कच्चे तेल की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए हुए हैं।

तीसरे कारोबारी दिन बड़ी गिरावट

हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन यानी बुधवार को शेयर बाजार में करीब दो प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

यह गिरावट निवेशकों की चिंता और वैश्विक बाजारों में चल रही अनिश्चितता को दिखाती है।

आगे क्या हो सकता है?

जब तक अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य नहीं होते और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है

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