कांग्रेस हाईकमान में आने वाले कुछ सालों में खुशी की लहर दौड़ सकती है। इसकी संभावना जरूर है। देखिए, हमारी टीम ने ग्राउंड ज़ीरो पर जाकर राजनीतिक माहौल को समझने की कोशिश की। इस पड़ताल के दौरान सामने आया कि आने वाले समय में कांग्रेस को प्रधानमंत्री पद का एक नया चेहरा मिल सकता है। इस संभावित चेहरे में नंबर-1 पर प्रियंका गांधी का नाम सामने आ रहा है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि आने वाले समय में युवाओं की भूमिका भारतीय राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है। आज की युवा पीढ़ी सिर्फ चुनाव के समय वोट देने तक सीमित नहीं है। युवा सोशल मीडिया से लेकर ग्राउंड लेवल तक राजनीति को प्रभावित कर रहे हैं और अपने मुद्दों को खुलकर उठा रहे हैं। शिक्षा, रोजगार, महंगाई, प्रतियोगी परीक्षाएं और बेहतर भविष्य—ये ऐसे मुद्दे हैं, जो आने वाले समय में युवाओं के राजनीतिक फैसलों पर बड़ा असर डाल सकते हैं। यही वजह है कि राजनीतिक दल भी युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
ये जेनरेशन ऐसी है अगर प्रधानमंत्री बना सकती तो हटा भी सकती है..
अगर केंद्र सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो हिंदुस्तान की राजनीति और देश में बड़ा बदलाव जरूर आ सकता है। यह बदलाव ऐसा होगा कि आने वाले समय में राजनीति करने वालों को भी अपनी कार्यशैली बदलने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसलिए सरकार को बदले की राजनीति छोड़कर देश और जनता के हित में काम करना होगा। लेकिन अफसोस की बात है कि ऐसे मुद्दों को शायद ही कोई चैनल प्रमुखता से उठाता है। कई बार मीडिया का एक हिस्सा सरकार के पक्ष में खड़ा दिखाई देता है और सरकार का पक्ष मजबूती से रखने में लगा रहता है। इसकी वजह से आम जनता और जरूरतमंद युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान उन युवाओं को होता है, जो मेहनत करके आगे बढ़ना चाहते हैं और अपने बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

हमारी टीम का किसी भी राजनीतिक पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है
हमारा उद्देश्य किसी पार्टी का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि सच्ची, निष्पक्ष और जिम्मेदार जानकारी आप तक पहुंचाना है। हमारा चैनल यह वादा करता है कि हम ऐसे किसी भी राजनीतिक व्यक्ति या नेता की खबर को केवल प्रचार के लिए नहीं चलाएंगे, जो जनता के मुद्दों के बजाय सिर्फ पर्चे बांटने या दिखावटी राजनीति के जरिए सुर्खियां बटोरने की कोशिश करते हैं। इसी तरह, हम तथाकथित ढोंगी बाबाओं के अंधाधुंध प्रचार से भी दूरी बनाए रखेंगे। अगर देश के लोग अंधविश्वास और झूठे दावों से दूर रहकर शिक्षा, मेहनत और वैज्ञानिक सोच को अपनाएं, तो देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। देश की समस्याओं के लिए किसी एक वर्ग या व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने के बजाय जरूरी है कि भ्रष्टाचार, अंधविश्वास और गलत व्यवस्था के खिलाफ तथ्यों और सबूतों के आधार पर आवाज उठाई जाए। हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को बदनाम करना नहीं, बल्कि जनता तक सही सवाल और जिम्मेदार जानकारी पहुंचाना है।
देखिए पिछली हिस्ट्री भी चेक कर लीजिए।
देश की व्यवस्था को कमजोर करने में भ्रष्टाचार की भी बड़ी भूमिका रही है। सवाल यह भी उठता है कि क्या कुछ अधिकारी अपने निजी फायदे के लिए सत्ता में मौजूद नेताओं के साथ नजदीकियां बढ़ाते हैं? सरकार बदलने के बाद क्या वही अधिकारी नई सरकार के साथ भी उसी तरह काम करने लगते हैं? आरोप यह भी लगते रहे हैं कि कुछ भ्रष्ट अधिकारी अपने निजी स्वार्थ के लिए सत्ता में रहने वाली सरकार के साथ करीबी बनाए रखते हैं। जब तक मौजूदा सरकार के पास सत्ता होती है, तब तक वे उसके पक्ष में काम करते नजर आते हैं। लेकिन पांच साल बाद सरकार बदलने पर वही अधिकारी नई सरकार के साथ भी उसी तरह तालमेल बिठाने की कोशिश करते हैं। सवाल यह है कि क्या कुछ अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों और नियमों से ज्यादा राजनीतिक सत्ता के साथ अपने संबंधों को महत्व देते हैं? अगर ऐसा है, तो यह व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सरकारों को चाहिए कि भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
अकसर देखा होगा आपनें..
अगर ऐसा कहीं होता है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल है, क्योंकि सत्ता और पद हमेशा किसी के पास नहीं रहते। खैर, परमात्मा के घर देर है, अंधेर नहीं। वहीं दूसरी ओर, ये युवा हैं, जो अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। उन्हें कई बार अलग-अलग तरह के दबाव और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कुछ मामलों में युवाओं के साथ गलत व्यवहार करने या उन्हें अनुचित गतिविधियों में शामिल होने के लिए दबाव बनाए जाने के आरोप भी सामने आते हैं, ताकि वे आगे न बढ़ सकें। आपने देखा होगा कि कुछ युवाओं को सीनियर नेताओं की रैलियों में ले जाया जाता है और कथित तौर पर आपत्तिजनक या अनुचित गतिविधियां करने के लिए मजबूर किए जाने के आरोप भी लगते हैं। ऐसी परिस्थितियों का उद्देश्य कथित तौर पर युवाओं का मनोबल तोड़ना और उन्हें आगे बढ़ने से रोकना हो सकता है। लेकिन युवाओं को डरने की जरूरत नहीं है। अपने भविष्य पर ध्यान दें, मेहनत करें और हमेशा सच्चाई के रास्ते पर चलें। हमारा वादा है कि अगर आप डरेंगे नहीं और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएंगे, तो आपकी बात को सामने लाने की पूरी कोशिश की जाएगी। अगर आपके पास भ्रष्टाचार, अन्याय या किसी गंभीर सार्वजनिक समस्या से जुड़ी कोई विश्वसनीय जानकारी है, तो आप उसे हमारे साथ साझा कर सकते हैं। आपकी पहचान और जानकारी की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, तथ्यों की जांच करने के बाद ही उसे सार्वजनिक करने का प्रयास किया जाएगा। क्योंकि बदलाव तभी आएगा, जब हम गलत के खिलाफ आवाज उठाने से डरेंगे नहीं। हमारा चैनल आपसे यह वादा करता है कि हम निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ पत्रकारिता करेंगे। हमारे चैनल का कोई भी पत्रकार न किसी से कोई तोहफा लेगा, न किसी तरह का अनुचित विज्ञापन या लाभ स्वीकार करेगा और न ही किसी को ब्लैकमेल करेगा। हमारे चैनल का मकसद लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत करना और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को जिम्मेदारी के साथ सामने लाना है।










