Celebrities Citizenship Controversy: मनोरंजन जगत में एक बार फिर सितारों की नागरिकता और भारत में रहने की कानूनी स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अभिनेता इमरान खान को मुंबई पुलिस की ओर से भारत छोड़ने का नोटिस दिए जाने की खबर सामने आने के बाद अक्षय कुमार, अदनान सामी और चेतन कुमार अहिंसा जैसे कलाकारों से जुड़े पुराने मामले भी सुर्खियों में आ गए हैं। हालांकि, इन सभी मामलों की परिस्थितियां अलग-अलग रही हैं। कहीं भारतीय नागरिकता हासिल करने का मामला था, तो कहीं विदेशी नागरिकता, वीजा और ओसीआई कार्ड से जुड़े सवाल उठे थे।
इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस
अभिनेता इमरान खान हाल ही में मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए थे। खबरों के मुताबिक, इस दौरान मुंबई पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें भारत छोड़ने का नोटिस दिए जाने की बात सामने आई है।इस मामले में नोटिस जारी करने का आधिकारिक आधार और अभिनेता की नागरिकता से जुड़ी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। फिलहाल इस घटनाक्रम ने नागरिकता और भारत में विदेशी नागरिकों के रहने से जुड़े नियमों पर नई चर्चा शुरू कर दी है।
अक्षय कुमार: कनाडा की नागरिकता छोड़कर बने भारतीय नागरिक
बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की नागरिकता का मुद्दा साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान काफी चर्चा में रहा था। अमृतसर में जन्मे अक्षय कुमार के पास कनाडा की नागरिकता थी। उस समय उनके भारतीय चुनाव में मतदान नहीं करने को लेकर भी सवाल उठे थे।15 अगस्त 2023 को अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया के जरिए भारतीय नागरिकता मिलने की जानकारी साझा की। इसके साथ ही उन्होंने कनाडा की नागरिकता छोड़ दी। इसके बाद उनकी नागरिकता को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगा।
दिलजीत दोसांझ की नागरिकता को लेकर क्या है सच्चाई?
पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ भी इस चर्चा में शामिल किए जा रहे हैं। हालांकि, उनकी अमेरिकी नागरिकता और अमेरिकी पासपोर्ट से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। विश्वसनीय दस्तावेजों या आधिकारिक बयान के बिना इन दावों को स्थापित तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा
अदनान सामी: पाकिस्तानी नागरिकता छोड़कर बने भारतीय नागरिक
गायक अदनान सामी का जन्म लंदन में हुआ था। वह पहले पाकिस्तानी नागरिक थे और साल 2001 में भारत आए थे। भारत में रहने और काम करने के दौरान उनकी नागरिकता का मामला चर्चा में रहा।आखिरकार, 1 जनवरी 2016 को अदनान सामी को भारतीय नागरिकता मिल गई। इसके बाद वह आधिकारिक तौर पर भारतीय नागरिक बन गए। उनका मामला विदेशी नागरिकता छोड़कर भारतीय नागरिकता हासिल करने के उदाहरणों में शामिल है।
चेतन कुमार अहिंसा के OCI कार्ड पर विवाद
कन्नड़ अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता चेतन कुमार अहिंसा अमेरिकी नागरिक हैं। वह ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड के जरिए भारत में रहकर फिल्मों और सामाजिक मुद्दों पर काम करते रहे हैं।
साल 2023 में उनके सोशल मीडिया बयानों के बाद उनका OCI कार्ड विवादों में आ गया। मार्च 2023 में केंद्र सरकार ने उनकी OCI सुविधा रद्द करने का फैसला लिया। चेतन कुमार ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी थी। अप्रैल 2023 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने कार्ड रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी थी।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि OCI कार्ड भारतीय नागरिकता नहीं है। यह पात्र विदेशी नागरिकों को भारत में रहने और कुछ निर्धारित सुविधाएं प्राप्त करने की अनुमति देता है।
फिरदौस अहमद को भारत छोड़ने का नोटिस
बांग्लादेशी अभिनेता फिरदौस अहमद साल 2019 में पश्चिम बंगाल के लोकसभा चुनाव के दौरान विवादों में आए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें रायगंज लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार कन्हैया लाल अग्रवाल के समर्थन में रोड शो और चुनाव प्रचार करते देखा गया था।इसके बाद भाजपा ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी। मामले के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनका बिजनेस वीजा रद्द कर दिया और उन्हें भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया गया था और इसके बाद वह भारत छोड़कर चले गए।
गाजी अब्दुल नूर के वीजा पर उठा था सवाल
बांग्लादेशी अभिनेता गाजी अब्दुल नूर भी साल 2019 में पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रचार से जुड़े मामले में चर्चा में आए थे। वह बंगाली टीवी शो ‘रानी रश्मोनी’ में अपने अभिनय के लिए पहचाने जाते थे।रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें दमदम लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार सौगत रॉय के समर्थन में एक रैली में प्रचार करते देखा गया था। इस मामले को भाजपा ने चुनाव आयोग के सामने उठाया था।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका वीजा 6 जुलाई 2018 को समाप्त हो गया था, लेकिन इसके बाद भी वह करीब नौ महीने तक भारत में रहे। अधिकारियों ने इसे वीजा नियमों का उल्लंघन माना और उन्हें बांग्लादेश लौटकर नए वीजा के लिए आवेदन करने को कहा।
भारतीय नागरिकता, विदेशी पासपोर्ट और OCI कार्ड में क्या है अंतर?
इन मामलों को समझने के लिए नागरिकता और भारत में रहने की अनुमति के बीच अंतर जानना जरूरी है।
भारतीय नागरिकता: भारतीय नागरिकों को देश के कानूनों के तहत नागरिकता से जुड़े अधिकार प्राप्त होते हैं।
विदेशी नागरिकता: किसी दूसरे देश का नागरिक होने पर व्यक्ति उस देश का पासपोर्ट रख सकता है। भारत में दोहरी नागरिकता का प्रावधान नहीं है।
वीजा: विदेशी नागरिकों को भारत में प्रवेश और निर्धारित अवधि तक रहने के लिए वीजा की जरूरत हो सकती है। इसकी शर्तों का पालन करना जरूरी है।
OCI कार्ड: यह भारतीय नागरिकता नहीं है, बल्कि पात्र विदेशी नागरिकों को भारत में रहने और कुछ निर्धारित सुविधाएं प्राप्त करने का अधिकार देता है।
इमरान खान को नोटिस दिए जाने की खबर के बाद एक बार फिर सितारों की नागरिकता से जुड़े पुराने मामले चर्चा में हैं। अक्षय कुमार ने कनाडा की नागरिकता छोड़कर भारतीय नागरिकता हासिल की, अदनान सामी पाकिस्तानी नागरिकता छोड़कर भारतीय नागरिक बने, जबकि चेतन कुमार का मामला OCI कार्ड से जुड़ा था। वहीं, फिरदौस अहमद और गाजी अब्दुल नूर के मामले वीजा और चुनाव प्रचार से संबंधित थे
















