शिमला: हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HPNLU) के बीए एलएलबी थर्ड ईयर के एक छात्र ने मंगलवार रात हॉस्टल में आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के बाद छात्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। बुधवार शाम उपचार के बाद छात्र को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।जानकारी के अनुसार, दिल्ली के लक्ष्मीनगर निवासी छात्र निखिल प्रकाश ने मंगलवार रात करीब 9 बजे हॉस्टल के कमरे में एक वीडियो बनाने के बाद अपनी जान लेने का प्रयास किया। समय रहते घटना की जानकारी मिलने पर विश्वविद्यालय प्रबंधन और साथी छात्रों की मदद से उसे धामी सामुदायिक अस्पताल पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे आईजीएमसी रेफर किया गया।
वीडियो में प्रबंधन पर लगाए प्रताड़ना के आरोप
घटना से पहले बनाए गए वीडियो में छात्र ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर उसे प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। निखिल का कहना है कि उसके खिलाफ झूठी एफआईआर और रैगिंग की शिकायतें की जा रही थीं। उसका आरोप है कि वह अपनी बात विश्वविद्यालय प्रबंधन के सामने रख रहा था, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही थी।छात्र ने यह भी दावा किया कि कुछ सीनियर और अन्य छात्रों की ओर से पहले उसके साथ मारपीट और रैगिंग की गई थी, लेकिन उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पिता ने भी प्रबंधन पर लगाए आरोप
निखिल के पिता वेदप्रकाश ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर बेटे को झूठे आरोपों के जरिए परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने घटना की जानकारी देने में देरी पर भी सवाल उठाए।पिता के मुताबिक, घटना के बाद सबसे पहले उनके बेटे के दोस्तों ने उन्हें सूचना दी, जबकि विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से उन्हें रात करीब 3:30 बजे जानकारी दी गई। उन्होंने सवाल किया कि घटना के तुरंत बाद परिवार को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई।
यूनिवर्सिटी ने कहा- छात्र के खिलाफ मिली थी रैगिंग की शिकायत
वहीं, विश्वविद्यालय प्रबंधन ने छात्र के आरोपों से अलग अपना पक्ष रखा है। HPNLU की वीसी डॉ. प्रीति सक्सेना के मुताबिक निखिल और अन्य छात्रों के खिलाफ रैगिंग की शिकायत प्राप्त हुई थी।प्रबंधन के अनुसार, मामला विश्वविद्यालय के सक्षम अधिकारियों के विचाराधीन है और इसकी जांच प्रक्रिया चल रही है। विश्वविद्यालय ने यह भी बताया कि एक शिकायतकर्ता ने अर्की पुलिस थाने में निखिल और अन्य छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।प्रबंधन का आरोप है कि इसी मामले को लेकर विश्वविद्यालय पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एएसपी शिमला गौरवजीत सिंह ने बताया कि पुलिस मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है।
फिलहाल इस पूरे मामले में छात्र और विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। छात्र और उसके परिवार ने प्रबंधन पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं, जबकि विश्वविद्यालय ने छात्र के खिलाफ रैगिंग की शिकायत और एफआईआर का हवाला दिया है।
अब पुलिस और विश्वविद्यालय की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति क्या है और छात्र द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।छात्र ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर क्या आरोप लगाए?रैगिंग की शिकायत में क्या तथ्य सामने आते हैं?परिवार को घटना की सूचना देर से मिलने का आरोप क्यों लगाया गया?पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं?











