संगरूर: पंजाब के संगरूर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में रविवार को डीसी ऑफिस के बाहर एक व्यक्ति ने कथित तौर पर फिनायल पीकर जान देने की कोशिश की। व्यक्ति का आरोप है कि उसके गांव में कुछ लोग अवैध शराब और नशे का कारोबार कर रहे हैं और इस संबंध में शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित की पहचान गांव नमोल निवासी जगसीर सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तुरंत संभाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, उसकी हालत गंभीर थी और उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। शुरुआती इलाज के बाद उसे पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया गया।
नशे के कारोबार को लेकर शिकायत करने का दावा
जगसीर सिंह के दोस्त मनजिंदर सिंह के मुताबिक, गांव में कथित तौर पर अवैध शराब और नशे का कारोबार करने वाले कुछ लोगों के खिलाफ शिकायत की गई थी। उनका कहना है कि इस मामले को लेकर गांव के मौजूदा सरपंच और पुलिस प्रशासन को लिखित शिकायत भी दी गई थी।मनजिंदर सिंह के अनुसार, जगसीर के पास कथित नशे के कारोबार से जुड़े कुछ वीडियो भी मौजूद थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
शिकायत के बाद घर में तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप
जगसीर के दोस्त ने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद कुछ लोगों ने उसके घर के सीसीटीवी कैमरे और गेट तोड़ दिए। इसके अलावा घर में घुसकर परिवार के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है।हालांकि, इन आरोपों की सच्चाई क्या है और घटना के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
रविवार को बंद था DC ऑफिस
बताया जा रहा है कि घटना रविवार की है, जिसके कारण डीसी ऑफिस बंद था। इसी दौरान जगसीर ने कथित तौर पर फिनायल पी लिया। वहां मौजूद लोगों ने जब उसे ऐसा करते देखा तो तुरंत उसे संभाला और अस्पताल पहुंचाया।
सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई। उसे सांस लेने में काफी परेशानी हो रही थी और वह बोलने की स्थिति में भी नहीं था। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए उसे पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया।
नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना ने पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे अभियानों के बीच शिकायतों पर प्रशासनिक कार्रवाई और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।जगसीर के मामले में जहां एक तरफ नशे और अवैध शराब के कारोबार को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ उसके द्वारा उठाए गए कदम ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि शिकायतकर्ता खुद को कितना सुरक्षित और सुना हुआ महसूस कर रहा था।हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
अब पुलिस जांच पर नजर
फिलहाल जगसीर सिंह का इलाज जारी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में गांव में कथित अवैध शराब और नशे के कारोबार को लेकर लगाए गए आरोपों की क्या सच्चाई सामने आती है और शिकायत के संबंध में पहले क्या कार्रवाई की गई थी।मामले में जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










