पाकिस्तान में एक बार फिर बवाल मचा है। लाहौर की सड़कों पर खून खराबा देखने को मिला है। यहीं तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के कट्टरपंथी समर्थकों और पंजाब पुलिस के बीच भयानक झड़पें हुईं। शुक्रवार को हुई इस हिंसा में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं।
पाकिस्तान के लाहौर शहर में शुक्रवार को तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के कट्टरपंथी समर्थकों और पंजाब पुलिस के बीच भयानक झड़पें हुईं । TLP के मुखिया साद रिजवी ने पंजाब पुलिस पर उनके कार्यकर्ताओं के ऊपर गोली चलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि झड़पों के दौरान गोलीबारी में दो दर्जन से ज्यादा पार्टी कार्यकर्ता घायल हुए हैं। साथ ही यह भी कहा कि पुलिस ने घायल कार्यर्ताओं को इलाज भी नहीं कराने दिया। पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए रिजवी ने सवाल उठाया और कहा, किसके कहने पर गोली चला रहे हो?

हिंसा की शुरुआत और कारण
झड़पों की जड़ शुक्रवार को लाहौर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर TLP के प्रदर्शन में निहित है। TLP ने इस प्रदर्शन का आह्वान इजरायल-गाजा युद्धविराम समझौते के खिलाफ किया था। पार्टी का आरोप है कि यह समझौता पश्चिमी शक्तियों, खासकर अमेरिका और इजरायल, के पक्ष में है और फिलिस्तीन के हितों के खिलाफ है।TLP समर्थकों ने जुमे की नमाज के बाद इस्लामाबाद तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। पंजाब पुलिस ने इसे रोकने के लिए लाहौर में व्यापक सुरक्षा बल तैनात किए। हालांकि, प्रदर्शनकारी पुलिस के सामने खड़े होकर अमेरिकी दूतावास की ओर बढ़ते रहे।
पुलिस और TLP के बीच झड़प
पुलिस और TLP समर्थकों के बीच संघर्ष के दौरान कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए। पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “शुक्रवार की नमाज के बाद मुल्तान रोड टीएलपी समर्थकों और पुलिस के बीच रणक्षेत्र बन गया।” पुलिस ने कहा कि झड़पों में कम से कम 15 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि TLP के समर्थकों ने भी भारी नुकसान उठाया।इसी दौरान, TLP प्रमुख साद रिजवी के घर पर पुलिस ने छापा मारा और उनकी पत्नी, मां और बच्चों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद TLP ने पंजाब और अन्य प्रांतों से हजारों लोगों को राजधानी में बड़े धरने में शामिल होने का आह्वान किया।
परिवहन और संचार प्रभावित
TLP के विरोध प्रदर्शन के कारण लाहौर और आसपास के क्षेत्रों में सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। लाहौर-इस्लामाबाद-पेशावर राजमार्ग बंद कर दिया गया है, जबकि लाहौर, रावलपिंडी, इस्लामाबाद और पंजाब के अन्य प्रमुख शहरों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। इस्लामाबाद और रावलपिंडी में लॉकडाउन जैसे हालात बने हुए हैं।स्थानीय गैर-सरकारी संगठन ईधी ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। संगठन के प्रवक्ता ने बताया कि घायल पुलिसकर्मी और TLP कार्यकर्ताओं को शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
गिरफ्तारी और कार्रवाई
पुलिस ने अब तक लाहौर और पंजाब के अन्य हिस्सों में 200 से अधिक TLP कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। साद रिजवी के वरिष्ठ सहयोगियों और नेताओं को भी विभिन्न स्थानों पर हिरासत में लिया गया है।TLP ने अपने विरोध का कारण स्पष्ट करते हुए कहा है कि इजरायल-गाजा डील फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ है और इसे रोकने के लिए सभी प्रांतों से लोगों को राजधानी में धरने में शामिल होने का आह्वान किया गया है।इस हिंसा ने पंजाब और पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में सुरक्षा और प्रशासन पर गंभीर दबाव डाल दिया है। नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।










