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मानसा झोटा हत्याकांड में बड़ा खुलासा, दो साल से रंजिश पाल रहा था आरोपी

मानसा झोटा हत्याकांड: पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह ‘झोटा’ की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई अहम खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, हत्या का आरोपी केमिस्ट अश्वनी कुमार करीब दो साल से झोटा के प्रति रंजिश पाले हुए था। आरोप है कि साल 2023 में हुई एक घटना के बाद से वह खुद को अपमानित महसूस कर रहा था और झोटा को मारने की साजिश रच रहा था। इस मामले में आरोपी की पत्नी नीलम रानी की भूमिका भी जांच के दायरे में है। वहीं, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने झोटा के साथ घायल हुए युवाओं को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।

दो साल से हत्या की साजिश रचने का आरोप

पुलिस जांच के अनुसार, केमिस्ट अश्वनी कुमार लंबे समय से परविंदर सिंह ‘झोटा’ के प्रति नाराजगी रखता था। मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने बताया कि आरोपी अपनी पत्नी से कहता था कि झोटा ने उसे बहुत परेशान किया है और अब वह उसे और बर्दाश्त नहीं कर सकता।पुलिस के मुताबिक, आरोपी के मन में यह रंजिश साल 2023 में हुई एक घटना के बाद पैदा हुई थी। उस समय परविंदर सिंह झोटा ने कथित तौर पर अश्वनी कुमार को जूतों की माला पहनाकर पूरे शहर में घुमाया था। इसके बाद आरोपी खुद को अपमानित महसूस कर रहा था।जांच में सामने आए इन तथ्यों के आधार पर पुलिस हत्या के पीछे की वजह और घटना से पहले रची गई कथित साजिश की पड़ताल कर रही है।

पत्नी नीलम रानी भी मामले में नामजद

झोटा हत्याकांड में आरोपी अश्वनी कुमार की पत्नी नीलम रानी की भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, नीलम को कथित तौर पर अपने पति की साजिश की जानकारी थी। आरोप है कि उसने न तो पुलिस को इसकी सूचना दी और न ही अपने पति को रोकने का प्रयास किया।इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस ने नीलम रानी को भी हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में मामले में नामजद किया है। मामले में उसकी भूमिका और आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

पांच आपराधिक मामले दर्ज, फिर कैसे मिला हथियार का लाइसेंस?

इस हत्याकांड में हथियार के लाइसेंस को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस जांच कर रही है कि अश्वनी कुमार के खिलाफ पांच आपराधिक मामले दर्ज होने के बावजूद उसे हथियार का लाइसेंस कैसे मिला।

एसएसपी वैभव चौधरी के मुताबिक, पुलिस यह पता लगाएगी कि लाइसेंस किसके नाम पर जारी किया गया था, इसे जारी करने की प्रक्रिया क्या थी और इसके लिए किसने सिफारिश की थी। यह भी जांच का विषय है कि लाइसेंस अश्वनी कुमार के नाम पर था या उसकी पत्नी नीलम रानी के नाम पर।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल स्टोरों पर नशीले पदार्थों की बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग

इस बीच, परविंदर सिंह ‘झोटा इंसाफ कमेटी’ ने मानसा के विभिन्न मेडिकल स्टोरों पर नशीले पदार्थों की कथित बिक्री से जुड़े अन्य मामलों में भी कार्रवाई की मांग उठाई है। पुलिस अधिकारियों ने कमेटी को इस संबंध में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।झोटा नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता के रूप में पहचाने जाते थे। उनकी हत्या के बाद नशे के कारोबार और युवाओं को नशे से बचाने के मुद्दे पर भी चर्चा तेज हो गई है।

केंद्रीय सिख संग्रहालय में लगाया जाएगा झोटा का चित्र

परविंदर सिंह ‘झोटा’ के निधन पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी संवेदना व्यक्त की है। SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने झोटा के पिता भीम सिंह से मुलाकात की।

इस दौरान एडवोकेट धामी ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा ने पंजाब के युवाओं को नशे के घातक जाल से बचाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि उनके योगदान और नशे के खिलाफ शुरू किए गए संघर्ष को आगे बढ़ाना जरूरी है।SGPC अध्यक्ष ने घोषणा की कि परविंदर सिंह झोटा की स्मृति को सम्मान देने के लिए उनका चित्र श्री हरिमंदिर साहिब परिसर स्थित केंद्रीय सिख संग्रहालय में लगाया जाएगा। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि इस दुख की घड़ी में SGPC उनके साथ खड़ी है और परिवार की मांगों का सम्मान किया जाएगा।

घायलों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता

SGPC ने झोटा के साथ घायल हुए युवाओं की मदद के लिए भी आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने घोषणा की कि प्रत्येक घायल युवा को पांच लाख रुपये दिए जाएंगे।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर घायलों के इलाज की व्यवस्था श्री अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी मेडिकल कॉलेज में कराने के लिए SGPC तैयार है। कमेटी यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि घायलों को इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।इसके साथ ही न्याय की मांग कर रही संगत के लिए लंगर सेवा जारी रखने और विश्राम स्थल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई है।

झोटा हत्याकांड में अब आगे क्या?

मानसा के इस हत्याकांड में अब पुलिस जांच के कई पहलू महत्वपूर्ण हैं। इनमें हत्या के पीछे की कथित रंजिश, पत्नी की भूमिका, हथियार के लाइसेंस की प्रक्रिया और नशे की बिक्री से जुड़े मामलों में कार्रवाई शामिल है।पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है। वहीं, SGPC की ओर से परिवार और घायलों की मदद के ऐलान के बाद अब सभी की नजरें मामले में आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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