BREAKING

AmritsarIndiaPunjab

गोल्डन जीत के बाद घर लौटे हॉकी चैंपियन

जापान की धरती पर तिरंगा लहराने के बाद गले में गोल्ड मेडल और दिल में देश का गर्व लेकर भारतीय हॉकी टीम अब अपने घर, अपनी धरती पंजाब पहुंच चुकी है। ये सिर्फ एक जीत नहीं है ये उन लाखों भारतीयों के सपनों की जीत है, जिन्होंने हर मैच में टीम इंडिया के लिए दुआ की ये उन परिवारों की जीत है, जिन्होंने अपने बच्चों को मैदान तक पहुंचाने के लिए वर्षों तक मेहनत की और ये पंजाब के लिए भी गर्व का वो पल है, जब उसकी धरती के खिलाड़ियों ने देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है।एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम करने वाली भारतीय हॉकी टीम आज अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची।टीम के पहुंचते ही एयरपोर्ट पर जश्न का माहौल देखने को मिला।खिलाड़ियों के स्वागत के लिए खास तैयारियां की गई थीं और हर किसी के चेहरे पर भारतीय टीम की जीत की खुशी साफ दिखाई दे रही थी।कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय टीम ने जिस तरह मुकाबले में अपना दम दिखाया, उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय हॉकी का जुनून आज भी कायम है।हरमनप्रीत सिंह ने टीम की जीत के बाद कहा कि अब टीम के पास आने वाले बड़े मुकाबलों की तैयारी के लिए करीब दो साल का समय है।यानी गोल्ड जीतने के बाद अब नजर अगले बड़े लक्ष्य पर है।कप्तान के मुताबिक टीम को पता है कि किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।इन दो वर्षों में उन कमियों पर काम किया जाएगा और कोशिश होगी कि आने वाले बड़े टूर्नामेंट में टीम इससे भी बेहतर प्रदर्शन करे।जिस मुकाबले में भारत ने गोल्ड अपने नाम किया…उसमें टीम का पहले हाफ में दबदबा देखने को मिला।हालांकि दूसरे हाफ में कुछ छोटी गलतियां हुईं, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव में अपना धैर्य नहीं खोया।टीम ने शानदार वापसी की…मौके बनाए…गोल किए…और आखिरकार मुकाबला अपने नाम कर लिया।सबसे खास बात ये रही कि टीम में कई ऐसे युवा खिलाड़ी भी थे, जिनके लिए ये पहला बड़ा टूर्नामेंट था।
लेकिन दबाव के बावजूद इन खिलाड़ियों ने जिस आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया, उसने आने वाले समय के लिए भारतीय हॉकी की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।और सिर्फ पुरुष टीम ही नहीं…
भारतीय महिला हॉकी टीम की सफलता को भी टीम ने देश के लिए गर्व का पल बताया।यानी जापान से भारत तक…हॉकी के मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों ने एक के बाद एक शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है।लेकिन इस पूरी कहानी का एक बेहद भावुक हिस्सा पंजाब के गांवों और उन घरों में भी देखने को मिल रहा है…जहां इन खिलाड़ियों के परिवार अपने बच्चों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं।भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी दिलप्रीत सिंह के घर भी बेटे के स्वागत की खास तैयारियां की गई हैं।दिलप्रीत सिंह की मां के चेहरे पर बेटे की जीत की खुशी साफ दिखाई दे रही है।
एक मां के लिए इससे बड़ा गर्व का पल और क्या होगा कि उसका बेटा विदेश की धरती से खाली हाथ नहीं…बल्कि देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर घर वापस लौट रहा है।दिलप्रीत की मां ने बताया कि बेटे के स्वागत के लिए घर में उसके पसंदीदा राजमांह-चावल और खीर तैयार की गई है।सोचिए…जिस बेटे को परिवार ने मैदान में पसीना बहाते देखा…जिसकी जीत के लिए घरवालों ने न जाने कितनी बार दुआ की…आज वही बेटा देश के लिए गोल्ड जीतकर घर लौट रहा है।

पिता-मां के लिए इससे बड़ा गर्व शायद ही कोई हो सकता है।दिलप्रीत के परिवार के साथ-साथ गांव के लोग भी अपने चैंपियन का स्वागत करने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।कैंप…लगातार ट्रेनिंग…
एक के बाद एक मुकाबले…और महीनों तक परिवार से दूर रहने के बाद अब वो समय आया है जब पूरा परिवार एक साथ बैठकर इस जीत का जश्न मनाएगा।ये सिर्फ एक खिलाड़ी की घर वापसी नहीं है…ये एक पूरे परिवार के सपने की घर वापसी है।और इस जीत के पीछे सिर्फ मैदान पर खेलते 11 खिलाड़ी नहीं हैं।इसके पीछे उनके माता-पिता हैं…
कोच हैं…परिवार हैं…वो लोग हैं जिन्होंने मुश्किल वक्त में खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।कई बार खिलाड़ी मैदान पर सिर्फ कुछ मिनटों के लिए नजर आता है…
लेकिन उस एक मौके तक पहुंचने के पीछे वर्षों की मेहनत होती है।सुबह की ट्रेनिंग…
घंटों की प्रैक्टिस…हार के बाद दोबारा उठना…चोट के बावजूद वापसी करना…और सबसे बढ़कर देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा।यही जज्बा आज भारतीय हॉकी टीम को गोल्ड तक लेकर गया है।टीम के खिलाड़ियों ने अब अपना अगला लक्ष्य भी साफ कर दिया है।ओलंपिक के लिए क्वालीफिकेशन हो चुका है…और अब नजर ओलंपिक में भी मेडल जीतने पर है।यानी एशियन गेम्स का गोल्ड…
अब सिर्फ जश्न का अंत नहीं, बल्कि एक और बड़े सपने की शुरुआत है।भारतीय हॉकी टीम ने जापान में तिरंगा लहराया…
गोल्ड मेडल जीता…और अब वही चैंपियन जब पंजाब की धरती पर लौटे हैं तो पूरा पंजाब उनके स्वागत में खड़ा है। जीत हर उस बच्चे के लिए प्रेरणा है, जो हॉकी स्टिक हाथ में लेकर मैदान में उतरता है।ये जीत हर उस मां-बाप के लिए गर्व है, जो अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए उनका साथ देते हैं।और ये जीत पूरे देश को ये भरोसा देती है कि जब जज्बा हो…मेहनत हो…और तिरंगे के लिए कुछ कर गुजरने का जुनून हो…तो दुनिया के किसी भी मैदान में भारत जीत का परचम लहरा सकता है।जापान से पंजाब तक…गोल्ड से गौरव तक…भारतीय हॉकी टीम की ये जीत सिर्फ एक मेडल की कहानी नहीं…बल्कि मेहनत, परिवार, जुनून और देशभक्ति की वो कहानी है, जिसे आज पूरा देश गर्व के साथ सलाम कर रहा है।गोल्ड मेडल जीतकर लौटे इन चैंपियनों को…देश का सलाम…पंजाब का सलाम…और हर उस परिवार को सलाम, जिसने इन सितारों के सपनों को उड़ान दी।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

Subscribe to Our Newsletter!

This will close in 0 seconds