हरियाणा के सोनीपत से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है…रामपाल के सतलोक आश्रम में 11 साल के बच्चे से छेड़छाड़ के आरोप में एक सेवादार को गिरफ्तार किया गया है।आरोप है कि 23 सितंबर को धनाना गांव स्थित सतलोक आश्रम में यह घटना हुई।
बताया जा रहा है कि बच्चा अपने परिवार के साथ आश्रम में सेवा के लिए उत्तर प्रदेश से आया था, जबकि आरोपी सेवादार भी घटना से कुछ दिन पहले ही आश्रम पहुंचा था।मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस आश्रम पहुंची और बच्चे तथा उसके पिता को संरक्षण में लिया गया। इसके बाद मामला चाइल्ड वेलफेयर कमेटी यानी CWC तक पहुंचा।CWC की शिकायत के आधार पर 24 सितंबर को बरोदा थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने BNS की धारा 74 और पॉक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत केस दर्ज किया है।पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान सोनीपत के कासंडी गांव निवासी सचिन के तौर पर हुई है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।अब इस पूरे मामले में सबसे अहम बात बच्चे की सुरक्षा और जांच से जुड़ी है।पुलिस के आश्रम पहुंचने के बाद बच्चे और उसके पिता को बाल संरक्षण से जुड़े केंद्र ले जाया गया। वहां बच्चे की काउंसलिंग कराई गई। इसके बाद उसे मेडिकल जांच के लिए खानपुर PGI ले जाया गया।हालांकि, बच्चे के पिता ने मेडिकल कराने से इनकार कर दिया था। काउंसलिंग के बाद बच्चे के बयान भी दर्ज किए गए।CWC की ओर से कहा गया है कि मेडिकल रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है और रिपोर्ट आने के बाद ही मामले को लेकर आगे की जानकारी दी जा सकेगी

वही, जब CCTV फुटेज को लेकर सवाल किया गया कि क्या पुलिस ने आश्रम से CCTV फुटेज हासिल की है, तो CWC की ओर से कहा गया कि मामला अभी अंडर प्रोसेस है।यानी फिलहाल जांच जारी है और CCTV समेत दूसरे साक्ष्यों को लेकर आधिकारिक तौर पर पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।पुलिस के मुताबिक CWC की शिकायत और बच्चे के पिता के बयान के आधार पर FIR दर्ज की गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।वहीं, इस मामले में सतलोक आश्रम का पक्ष जानने की भी कोशिश की गई। रिपोर्ट के मुताबिक आश्रम में मीडिया का काम देखने वाले व्यक्ति से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन जवाब नहीं मिला। रामपाल के बेटे से भी WhatsApp के जरिए मामले पर पक्ष मांगा गया, लेकिन उनकी ओर से भी कोई जवाब नहीं आया।फिलहाल इस मामले में मेडिकल रिपोर्ट, CCTV फुटेज और पुलिस जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।सबसे जरूरी बात ये है कि यह मामला एक नाबालिग बच्चे से जुड़ा है, इसलिए आरोपों की पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आने तक किसी भी दावे को अंतिम सच मानना ठीक नहीं होगा।पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच आगे बढ़ रही है।









