Nitish Kumar का Delhi दौरा सियासी हलचल तेज PM बनने की चर्चा गर्म

Nitish Kumar का Delhi दौरा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है महागठबंधन में हलचल तेज हो गई है और विधायकों का कहना है कि नीतीश कुमार में प्रधानमंत्री बनने की पूरी क्षमता है बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत दे रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे ने न सिर्फ राज्य बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी सियासी हलचल तेज कर दी है। महागठबंधन में शामिल इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) के विधायक आईपी गुप्ता ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बड़ा बयान देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा है।

आईपी गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा नीतीश कुमार को दिल्ली बुलाना एक “बड़ी राजनीतिक चूक” हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार सिर्फ एक राज्य के नेता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं। गुप्ता ने यहां तक कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि नीतीश कुमार दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री पद तक पहुंचें और देश का नेतृत्व करें।

उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार दिल्ली में कई अहम नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं, जिनमें टीडीपी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के प्रमुख नेता शामिल हैं। गुप्ता के मुताबिक, ये मुलाकातें भविष्य की राजनीति की दिशा तय कर सकती हैं और एक नए सियासी समीकरण की शुरुआत हो सकती है।

गौरतलब है कि 10 अप्रैल 2026 को नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण किया। इसके बाद से ही उनके दिल्ली में सक्रिय रहने की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरे राजनीतिक संदेश छिपे हो सकते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच आईपी गुप्ता ने अपनी पार्टी इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के पहले स्थापना दिवस को लेकर भी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 12 अप्रैल को पटना के बापू सभागार में पार्टी का पहला स्थापना समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम में बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई गई है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और वामपंथी नेता दीपांकर भट्टाचार्य के शामिल होने की सहमति मिल चुकी है। इस आयोजन को महागठबंधन की एकजुटता दिखाने के रूप में भी देखा जा रहा है।

हालांकि, महागठबंधन के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं दिख रहा। आईपी गुप्ता ने सहयोगी दल के नेता मुकेश सहनी को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया है। उन्होंने साफ कहा कि सभी को बुलाना जरूरी नहीं है और आरोप लगाया कि सहनी ने गठबंधन को नुकसान पहुंचाया है। इस बयान के बाद महागठबंधन में अंदरूनी मतभेद भी खुलकर सामने आने लगे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीतीश कुमार का दिल्ली दौरा, विपक्षी नेताओं से संभावित मुलाकातें और महागठबंधन के भीतर उठ रहे सवाल आने वाले समय में बड़ी राजनीतिक तस्वीर बदल सकते हैं। खासकर 2026 और उससे आगे के चुनावी समीकरणों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

फिलहाल सभी की नजरें दिल्ली पर टिकी हैं, जहां नीतीश कुमार की गतिविधियां यह तय करेंगी कि यह दौरा सिर्फ एक औपचारिकता है या फिर देश की राजनीति में किसी बड़े बदलाव की शुरुआत।

 

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