बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए राजनीति का माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इस बीच, जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने गुरुवार को अपनी दूसरी उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। इस नई सूची में कुल 44 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इससे पहले बुधवार को पहली सूची में 57 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई थी। पार्टी इस बार कुल 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, और अब सभी सीटों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान पूरा हो गया है।
महिला उम्मीदवारों और अल्पसंख्यकों को मिला स्थान
JDU की कुल 101 उम्मीदवारों की सूची में कुल 13 महिलाओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा, चार मुस्लिम उम्मीदवारों को भी पार्टी ने टिकट दिया है। दूसरी सूची में 9 महिलाओं और 4 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट मिला है।
जातीय समीकरण का ध्यान रखते हुए सीट बंटवारा
JDU ने इस बार के टिकट बंटवारे में जातीय समीकरण का पूरा ख्याल रखा है। कुल सीटों का बंटवारे में पिछड़े वर्ग को 37 सीटें,अति पिछड़ा वर्ग को 22 सीटें व सामान्य वर्ग को 22 सीटें और अल्पसंख्यक को 4 सीटें व अनुसूचित जनजाति को 1 सीट मिली है।इस सूची में पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग से अधिकतम प्रतिनिधित्व दिया गया है, ताकि बिहार के सामाजिक-राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखा जा सके।
सिटिंग विधायकों और नेताओं पर भरोसा
JDU ने अपनी दूसरी सूची में सिटिंग विधायकों पर भरोसा जताया है। इस सूची में 19 सिटिंग विधायक फिर से चुनावी मैदान में उतारे गए हैं। इसके अलावा, मंत्री विजेंद्र यादव, लेशी सिंह, शीला मंडल, कलाधर मंडल, सुमित सिंह समेत कई दिग्गज नेताओं को भी टिकट मिला है।
प्रमुख चेहरे और नई टिकट
गुरुवार को जारी दूसरी सूची में कुछ प्रमुख नामों पर भी ध्यान दिया गया है।नवादा से विभा देवी, जो राजद छोड़कर JDU में शामिल हुई हैं, को उम्मीदवार बनाया गया।औरंगाबाद के नवीनगर से बाहुबली आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद को टिकट दिया गया है। चेतन आनंद 2020 में शिवहर से विधायक बने थे।बेलागंज से मनोरमा देवी को फिर से मौका मिला, जिन्होंने पिछले उपचुनाव में जीत हासिल की थी।कदवा सीट से पूर्व सांसद दुलाल चंद गोस्वामी को टिकट दिया गया।निर्दलीय और मंत्री सुमित सिंह को चकाई से उम्मीदवार बनाया गया।
OBC और पिछड़ा वर्ग पर विशेष जोर
JDU ने पिछड़ा वर्ग और OBC वर्ग पर विशेष जोर दिया है। सूची के अनुसार, 37 उम्मीदवार पिछड़ा वर्ग से हैं, 22 उम्मीदवार अतिपिछड़ा समाज से हैं, 22 उम्मीदवार सामान्य वर्ग से हैं, 15 उम्मीदवार अनुसूचित जाति से हैं, 4 मुस्लिम और 1 अनुसूचित जनजाति से उम्मीदवार हैं।
UP और छत्तीसगढ़ के CM का बिहार दौरा
इस बीच, बिहार में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दानापुर में BJP उम्मीदवार रामकृपाल यादव के समर्थन में जनसभा की। अपने भाषण में उन्होंने लालू-रबड़ी राज की आलोचना करते हुए कहा कि परिवारवाद और अपराध के कारण बिहार के युवाओं को पहचान का संकट झेलना पड़ा।
इसके अलावा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी बिहार पहुंचे और उन्होंने कहा कि NDA को बिहार में भारी सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य का विकास लगातार हुआ है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद भी बिहार को लगातार मिल रहा है।
JDU की इस बार की उम्मीदवार सूची ने साफ कर दिया है कि पार्टी ने सिटिंग विधायकों, महिलाओं और पिछड़ा वर्ग को प्राथमिकता दी है। वहीं, अन्य NDA सहयोगी दलों के समर्थन से पार्टी इस चुनाव में बड़े पैमाने पर सफलता हासिल करने की कोशिश कर रही है। बिहार की जनता के लिए आगामी चुनाव एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।
