बिहार के जमुई जिले में शनिवार देर रात एक बड़ा रेल हादसा हो गया। आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत लाहाबोन और सिमुलतला स्टेशनों के बीच सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे के बाद अप और डाउन दोनों लाइनों पर रेल परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया है।

रात 11:25 बजे हुआ हादसा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह दुर्घटना 27 दिसंबर की रात करीब 11:25 बजे हुई। मालगाड़ी जसीडीह से झाझा की ओर जा रही थी। जैसे ही ट्रेन सिमुलतला स्टेशन से सटे टेलवा हॉल्ट के पास बरुआ नदी पुल (पुल संख्या 676) पर पहुंची, अचानक तेज आवाज के साथ कई डिब्बे पटरी से उतर गए।
8 से 10 डिब्बे बेपटरी, कई नदी में गिरे
हादसे में मालगाड़ी के 8 से 10 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिनमें से कई डिब्बे सीधे पुल से नीचे नदी में जा गिरे। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार कुल करीब 19 डिब्बे प्रभावित हुए हैं। डिब्बों में लदा सीमेंट पुल और आसपास के इलाके में बिखर गया, जिससे रेलवे ट्रैक को भारी नुकसान पहुंचा।
रेल यातायात पूरी तरह प्रभावित
दुर्घटना के बाद किऊल–जसीडीह रेलखंड पर अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया। कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को रास्ते में ही अलग-अलग स्टेशनों पर रोक दिया गया, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग परिवर्तित किए गए हैं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया।आसनसोल, मधुपुर और झाझा से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ART), भारी मशीनरी और तकनीकी टीमों को मौके पर भेजा गया। रेल पुलिस, RPF और वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। बेपटरी डिब्बों को हटाने और ट्रैक की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है।
राहत की बात यह है कि इस भीषण हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इंजन दुर्घटनास्थल से करीब 400 मीटर आगे जाकर रुक गया था, जिसके बाद चालक और गार्ड ने तुरंत इसकी जानकारी स्टेशन प्रशासन को दी।
रेलवे का आधिकारिक बयान
पूर्व मध्य रेलवे के CPRO सरस्वती चंद्र ने बताया कि “आसनसोल मंडल (पूर्व रेलवे) के लाहाबन-सिमुलतला स्टेशनों के बीच किलोमीटर 344/05 के पास 27.12.2025 को रात 23:25 बजे एक मालगाड़ी के 8 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस कारण अप और डाउन दोनों लाइनों पर परिचालन प्रभावित हुआ है। बहाली कार्य युद्धस्तर पर जारी है।”
जांच जारी, जल्द बहाली की उम्मीद
फिलहाल रेलवे हादसे के कारणों की जांच कर रहा है। शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी या ट्रैक में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होते ही इस मार्ग पर रेल परिचालन बहाल कर दिया जाएगा।