पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना और पूर्णिया में दर्ज तीन अलग-अलग मामलों में जमानत मिल गई है। पटना के कोतवाली थाना, बुद्धा कॉलोनी थाना और पूर्णिया में दर्ज मामलों में राहत मिलने के बाद अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। फिलहाल वे बेउर जेल में बंद हैं, लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही उनकी रिहाई संभव है।
कार्यालय का बयान: “सत्यमेव जयते”
जमानत मिलने के बाद पप्पू यादव के कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की गई। पोस्ट में लिखा गया—“सत्यमेव जयते, सभी मुकदमों में जमानत हो गई है। सांसद पप्पू यादव शीघ्र आजाद होंगे। वह न्याय और इंसाफ के लिए सदैव लड़ेंगे, नाइंसाफी और अन्याय को न बर्दाश्त किया है, न करेंगे।” इस पोस्ट के बाद उनके समर्थकों में उत्साह देखा गया।

31 साल पुराने मामले में हुई थी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि पप्पू यादव को हाल ही में 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। यह मामला पटना के बुद्धा कॉलोनी क्षेत्र से जुड़ा बताया गया है। आरोप था कि उन्होंने एक मकान पर कब्जा किया और पुलिस के कार्य में बाधा डाली। इतने पुराने मामले में अचानक हुई गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई थी।
पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया था। हालांकि प्रशासन की ओर से इसे विधिसम्मत कार्रवाई बताया गया। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई, जहां उन्हें पुराने केस के साथ-साथ दो अन्य मामलों में भी जमानत दे दी गई।
कोर्ट को मिली धमकियों से प्रभावित हुई सुनवाई
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एक गंभीर पहलू यह भी सामने आया कि पटना सिविल कोर्ट को कई बार बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं। सुरक्षा कारणों से अदालत की कार्यवाही प्रभावित हुई और कई बार कामकाज ठप करना पड़ा। बताया जा रहा है कि इन कारणों से जमानत प्रक्रिया में भी देरी हुई।
इस मुद्दे पर पप्पू यादव की ओर से सवाल भी उठाए जाते रहे कि बार-बार मिल रही धमकियों के कारण न्यायिक प्रक्रिया क्यों बाधित हो रही है। प्रशासन ने अदालत परिसर की सुरक्षा बढ़ाई थी और जांच प्रक्रिया को सख्त किया गया।
आगे क्या?
तीनों मामलों में जमानत मिलने के बाद अब उनकी रिहाई की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रिहाई के बाद पप्पू यादव इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक मुद्दा बना सकते हैं। फिलहाल सबकी नजर उनकी जेल से रिहाई और आगे की रणनीति पर टिकी है।