Haryana के सिरसा में पंजाब के एक्साइज इंस्पेक्टर की रहस्यमयी मौत, कार में मिला शव, परिवार ने उठाए गंभीर सवाल हरियाणा के सिरसा जिले में एक बेहद रहस्यमयी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां पंजाब के एक्साइज विभाग में कार्यरत इंस्पेक्टर करमजीत सिंह का शव एक कार के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ है। यह कार अमृतसर-जामनगर भारतमाला रोड पर डबवाली के पास हाईवे किनारे खड़ी मिली। बताया जा रहा है कि देर रात राहगीरों ने जब कार को लंबे समय से एक ही जगह खड़ा देखा और अंदर कोई हलचल नहीं दिखाई दी, तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब वाहन की जांच की तो पाया कि इंस्पेक्टर का शव फ्रंट सीटों के बीच बुरी तरह फंसा हुआ था और उनके शरीर पर सीट बेल्ट कसी हुई थी। कार के अंदर से एक सरकारी पिस्टल भी बरामद हुई, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शव को बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए डबवाली के नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे हार्ट अटैक से हुई मौत का मामला बताया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जिसने कार और आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य एकत्र किए हैं। साथ ही मोबाइल फोन, लोकेशन डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स की भी गहन जांच शुरू कर दी गई है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय करमजीत सिंह के रूप में हुई है, जो लुधियाना जिले के चीमा गांव के निवासी थे। वे पंजाब के मोगा जिले में एक्साइज विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। उनकी अचानक और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे विभाग और परिवार को झकझोर कर रख दिया है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और शव की स्थिति देखकर सदमे में आ गए।
परिवार ने इस घटना पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि करमजीत सिंह की ड्यूटी मोगा में थी, जबकि डबवाली उनके कार्यस्थल से लगभग 200 किलोमीटर दूर है। ऐसे में वे बिना किसी सूचना या कारण के इतनी दूर अकेले कैसे पहुंचे, यह बड़ा सवाल है। परिवार ने यह भी कहा कि उन्होंने घर पर किसी यात्रा की जानकारी नहीं दी थी और न ही किसी तरह की असामान्य गतिविधि की सूचना थी। परिजनों का मानना है कि यह मामला सामान्य मौत से अधिक संदिग्ध प्रतीत होता है, जिसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू से जांच शुरू कर दी है। डबवाली पुलिस के एएसआई सुखदेव सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे हार्ट अटैक की संभावना जताई जा रही है, लेकिन फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस का कहना है कि कॉल डिटेल्स, मोबाइल लोकेशन, टोल प्लाजा रिकॉर्ड और आसपास के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इंस्पेक्टर कब और कैसे डबवाली पहुंचे। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या करमजीत सिंह किसी से मिलने आए थे या यात्रा के दौरान किसी घटना का शिकार हुए। पुलिस ने उनकी पिस्टल को भी कब्जे में लेकर बैलिस्टिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हथियार का किसी तरह से उपयोग हुआ था या नहीं।


हरियाणा में कार से मिला पंजाब के एक्साइज इंस्पेक्टर का शव, 200KM दूर पहुंचने पर उठे सवाल
हरियाणा के सिरसा जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पंजाब के एक्साइज विभाग में तैनात एक इंस्पेक्टर का शव कार के अंदर संदिग्ध हालत में मिला। वाहन अमृतसर-जामनगर भारतमाला रोड पर डबवाली के पास हाईवे किनारे खड़ा था। जब आसपास के लोगों ने लंबे समय तक कार में कोई हलचल नहीं देखी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि इंस्पेक्टर का शव कार की फ्रंट सीटों के बीच फंसा हुआ था और सीट बेल्ट भी बंधी हुई थी। पास में एक सरकारी पिस्टल भी बरामद हुई, जिससे मामला और अधिक संदिग्ध हो गया। पुलिस ने तुरंत शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और प्राथमिक जांच के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंचे और हालात देखकर हैरान रह गए। परिवार ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब इंस्पेक्टर की तैनाती मोगा में थी तो वे लगभग 200 किलोमीटर दूर डबवाली कैसे पहुंचे, इसकी कोई जानकारी उन्हें नहीं है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और कॉल डिटेल्स, लोकेशन डेटा तथा आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इंस्पेक्टर यहां तक कैसे पहुंचे और उनके साथ वास्तव में क्या हुआ।
हरियाणा में कार के अंदर मिला पंजाब इंस्पेक्टर का शव, 200KM दूर पहुंचने पर परिजनों ने उठाए सवाल
जब लंबे समय तक कार में कोई हरकत नहीं हुई, तो पास के लोगों ने जाकर देखा कि इंस्पेक्टर दोनों फ्रंट सीटों के बीच फंसे हुए थे। सीट बेल्ट उनके पेट पर कसी हुई थी। नजदीक ही एक सरकारी पिस्टल भी रखी थी। इसकी जानकारी मिलते ही डबवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और मोबाइल नंबर, आईडी कार्ड के आधार पर परिवार को सूचित किया। दूसरी ओर, परिवार ने घटना पर संदेह जताते हुए कहा कि तैनाती स्थल से 200 किलोमीटर दूर इंस्पेक्टर यहां कैसे पहुंचे, उन्हें इसका कोई अंदाजा नहीं है। वर्तमान में, पुलिस ने लाश को अपने अधिकार में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इसी के साथ इंस्पेक्टर की पिस्टल भी जब्त कर ली गई है और जांच प्रारंभ कर दी गई है। कॉल डिटेल्स और अन्य विवरणों से यह निर्धारित किया जा रहा है कि इंस्पेक्टर यहां किस तरह पहुंचे। विभाग से भी जानकारी इकट्ठा की जा रही है।
यहां क्रमबद्ध तरीके से जानिए पूरी स्थिति…
कालांवाली पुल के पास सड़क किनारे खड़ी एक कार में एक व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है मृतक की पहचान 45 वर्षीय करमजीत सिंह के रूप में हुई है जो पंजाब के लुधियाना जिले के चीमा गांव के रहने वाले थे और एक्साइज विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे स्थानीय लोगों ने जब लंबे समय तक कार को एक ही स्थान पर खड़ा देखा और कोई हलचल नहीं पाई तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद डबवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की पुलिस ने कार की तलाशी के दौरान शव को फ्रंट सीटों के बीच फंसा हुआ पाया और पास में एक सरकारी पिस्टल भी बरामद की गई घटना के बाद पुलिस ने तुरंत परिवार को सूचित किया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं से इस रहस्यमयी मौत की पड़ताल कर रही है | वे वर्तमान में मोगा में एक्साइज विभाग में इंस्पेक्टर के रूप में कार्यरत थे। राहगीरों ने शुक्रवार रात लगभग 12 बजे उनकी कार को कालांवाली पुल के समीप सड़क पर खड़ा देखकर पुलिस को सूचित किया था।
सूचना मिलने के बाद जब डबवाली पुलिस मौके पर पहुंची तो कार की जांच के दौरान एक चौंकाने वाली स्थिति सामने आई जिसमें इंस्पेक्टर का शव वाहन की फ्रंट सीटों के बीच फंसा हुआ पाया गया पुलिस ने तुरंत स्थिति को संभाला और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया जांच के दौरान यह भी देखा गया कि सीट बेल्ट लगी हुई थी और पास में एक सरकारी पिस्टल मौजूद थी जिसे कब्जे में ले लिया गया इसके बाद पुलिस ने मृतक की पहचान की पुष्टि की और परिजनों को सूचना देकर मामले की आगे की जांच शुरू कर दी फिलहाल पुलिस हर संभव एंगल से इस घटना की जांच कर रही है | सीट बेल्ट लगा हुआ था। पास में एक सरकारी पिस्टल पड़ी थी। पुलिस ने मृतक के फोन नंबर और आधार कार्ड के माध्यम से उनके परिवार वालों को सूचना दी। परिजनों के आने के बाद, पुलिस ने शव को डबवाली के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिवार ने सवाल उठाया, डबवाली किस प्रकार आया
परिवार ने करमजीत सिंह के डबवाली पहुंचने को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मोगा और डबवाली के बीच करीब 200 किलोमीटर की दूरी है, ऐसे में उनका बिना किसी जानकारी या सूचना के वहां अकेले पहुंचना समझ से परे है। परिजनों के अनुसार उन्होंने किसी भी यात्रा या ड्यूटी से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की थी, जिससे मामले पर संदेह और गहरा गया है। परिवार ने इस घटना को सामान्य नहीं मानते हुए इसकी गहराई से जांच की मांग की है। मृतक के पीछे दो बेटे हैं, और पूरे परिवार में इस अचानक हुई घटना से शोक और हैरानी का माहौल है।
पुलिस का मानना है कि यह हार्ट अटैक है, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
शहर थाना पुलिस के एएसआई सुखदेव सिंह के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि इंस्पेक्टर की मृत्यु हार्ट अटैक के कारण हुई हो सकती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उसी आधार पर आगे की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा ताकि पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो सके।










