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West Bengal Elections में सख्ती 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड SP को चेतावनी मतदान प्रतिशत 90 पार

West Bengal में 2026 विधानसभा चुनाव के पहले चरण के बाद चुनाव आयोग ने बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए 5 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव ड्यूटी के दौरान अपनी जिम्मेदारियों का निष्पक्ष रूप से पालन नहीं किया और कुछ मामलों में पक्षपातपूर्ण व्यवहार अपनाया, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे। चुनाव आयोग ने इस पूरे मामले को गंभीर अनुशासनहीनता और चुनावी नियमों के उल्लंघन के रूप में देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की है। आयोग का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात को स्वीकार नहीं किया जा सकता। जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, उनमें डायमंड हार्बर के एडिशनल एसपी, एसडीपीओ, और विभिन्न थानों के प्रभारी अधिकारी शामिल हैं। इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में निष्पक्षता नहीं दिखाई और चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में संलिप्त रहे। इसके साथ ही डायमंड हार्बर के पुलिस अधीक्षक (SP) को भी चुनाव आयोग की ओर से कड़ी चेतावनी जारी की गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के बीच अनुशासन और निष्पक्षता सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

5 अधिकारियों पर गिरी कार्रवाई

पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया के बीच चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य सचिव को भेजे गए निर्देश में आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि चुनाव ड्यूटी के दौरान निष्पक्षता और आचार संहिता का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी क्रम में डायमंड हार्बर क्षेत्र से जुड़े कई पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें एडिशनल SP संदीप गरई, SDPO सजल मंडल, डायमंड हार्बर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज मौसम चक्रवर्ती, फाल्टा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज अजय बाग और उस्ती पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज शुभेच्छा बाग शामिल हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया गया है। आयोग ने यह कदम चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी प्रकार के पक्षपात या अनुशासनहीनता को रोकने के उद्देश्य से उठाया है। इस कार्रवाई के साथ प्रशासन को यह भी निर्देश दिया गया है कि सभी अधिकारी अपने कर्तव्यों का पालन पूर्ण निष्पक्षता के साथ करें ताकि मतदान प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बना रहे।

क्यों उठाया गया कदम

आयोग ने कार्रवाई के लिए गंभीर गलतियों और निष्पक्ष रहने में विफलता को कारण बताया। सभी पांच अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। पोल पैनल ने डायमंड हार्बर SP इशानी पाल को चुनाव से संबंधित संवेदनशील मामलों में अपने अधीनस्थ अधिकारियों के बीच अनुशासन और निष्पक्षता बनाए रखने में कथित असफलता के लिए एक चेतावनी भी जारी की है। कमीशन ने आदेश दिया है कि कार्रवाई तुरंत शुरू की जाए और एक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए. पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव के पहले चरण के पश्चात चुनाव आयोग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच पुलिस अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने चुनावी ड्यूटी के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने में चूक की और पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया। आयोग ने इसे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए गंभीर मामला मानते हुए सख्त कदम उठाया है। जारी आदेश के अनुसार डायमंड हार्बर के अतिरिक्त एसपी संदीप गरई, SDPO सजल मंडल, डायमंड हार्बर थाने के इंस्पेक्टर इन चार्ज मौसम चक्रवर्ती, फाल्टा थाने के इंस्पेक्टर अजय बाग और उस्ती थाने की अधिकारी शुभेच्छा बाग को तात्कालिक निलंबन के निर्देश दिए गए हैं।

West Bengal Elections 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड SP को चेतावनी जारी

चुनाव आयोग ने अपने बयान में बताया है कि इन सभी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाए गए हैं, क्योंकि उन पर चुनावी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएँ और पक्षपात करने के आरोप लगे हैं। आयोग ने डायमंड हार्बर के पुलिस अधीक्षक इशानी पाल को भी चेतावनी दी है। उन पर यह आरोप है कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के बीच अनुशासन एवं निष्पक्षता बनाए रखने में असफल रहीं, जिससे यह परिस्थिति उत्पन्न हुई। आयोग ने आदेश दिया है कि इस कार्रवाई को तुरंत लागू किया जाए और जल्द से जल्द एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, जबकि कई जिलों में भारी मतदान का सामना किया गया। राज्य के दक्षिण दिनाजपुर जिले में सबसे अधिक लगभग 94.85 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि कूच बिहार में 94.54 प्रतिशत, बीरभूम में 93.70 प्रतिशत, जलपाईगुड़ी में 93.23 प्रतिशत और मुर्शिदाबाद में 92.93 प्रतिशत मतदान हुआ। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि राज्य में मतदाताओं की भागीदारी अत्यधिक उत्साहपूर्ण रही। हालांकि मतदान के समय सुरक्षा व्यवस्था पर निरंतर नजर रखी गई, और चुनाव आयोग द्वारा की गई इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह की अनदेखी या पक्षपात सहन नहीं किया जाएगा। आयोग ने संकेत दिया है कि आगे के चरणों में और अधिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हो सके।

पहले चरण में वोटिंग की संख्या कितनी रही।

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान में इस बार मतदाताओं की भागीदारी काफी उत्साहपूर्ण रही और कई जिलों में रिकॉर्ड स्तर की वोटिंग दर्ज की गई। राज्य के दक्षिण दिनाजपुर जिले में सबसे अधिक लगभग 94.85 प्रतिशत मतदान हुआ, जिससे यह जिला सबसे आगे रहा। इसके बाद कूच बिहार में 94.54 प्रतिशत, बीरभूम में 93.70 प्रतिशत, जलपाईगुड़ी में 93.23 प्रतिशत और मुर्शिदाबाद में 92.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पूरे राज्य में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली और लगभग सभी प्रमुख जिलों में मतदान का प्रतिशत 90 प्रतिशत से ऊपर रहा। चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा रखा गया, जिससे मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सका। उच्च मतदान प्रतिशत यह दर्शाता है कि लोगों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर जागरूकता और उत्साह लगातार बढ़ रहा है, साथ ही प्रशासन की तैयारियों ने भी मतदान को सुचारू बनाने में अहम भूमिका निभाई।

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