रूसी सेना ने शनिवार को यूक्रेन में एक पैसेंजर ट्रेन और पावर ग्रिड पर हमला कर दिया। इस हमले में करीब 30 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। रूस ने यह हमला रेलवे स्टेशन को बनाकर कीव जा रही एक ट्रेन को सीधा निशाना बनाया।यह हमला ऐसे समय में हुआ जब रूस ने शुक्रवार को यूक्रेन की गैस उत्पादन सुविधाओं पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। यूक्रेन की सरकारी तेल और गैस कंपनी ने बताया कि रूसी सेना ने 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे बड़ी स्ट्राइक की है, जिससे “गंभीर नुकसान” हुआ है। शनिवार तक रूसी सेना ने यूक्रेन पर 109 ड्रोन और तीन बैलिस्टिक मिसाइल दागीं. इनमें से 73 ड्रोन या तो मार गिराए गए या अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाए।

35 मिसाइलें और 60 ड्रोन दागे गए
यूक्रेन की सरकारी तेल व गैस कंपनी के खारकीव और पोलतावा क्षेत्रों पर 35 मिसाइलें और 60 ड्रोन दागे गए हैं। पिछले दो महीनों में रूस ने यूक्रेन की रेलवे नेटवर्क पर हमले तेज़ कर दिए हैं। यह नेटवर्क सैन्य परिवहन के लिए अहम माना जाता है। रूस ने लगभग हर दिन रेलवे ठिकानों को निशाना बनाया है। 2022 में शुरू हुए युद्ध के बाद से ही रूस ने यूक्रेन की बिजली व्यवस्था पर भी हमले बढ़ा दिए हैं। यूक्रेन सरकार का कहना है कि रूस का यह प्रयास सर्दियों को हथियार बनाने जैसा है, ताकि यूक्रेन के आम नागरिकों को गर्मी, रोशनी और पानी से वंचित किया जा सके।
पुतिन ने दी अमेरिका को चेतावनी
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका यूक्रेन को लंबी दूरी की टोमहॉक मिसाइलें देता है, तो इससे “तनाव का नया दौर” शुरू हो सकता है।सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रही जिसमें एक क्षतिग्रस्त ट्रेन का डिब्बा आग की लपटों में घिरा हुआ दिखाई दे रहा है, जिसमें मुड़ी हुई धातु और टूटी हुई खिड़कियां हैं।
यूक्रेन का पलटवार
यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई तेज की है। हाल के महीनों में कीव की सेना ने रूस के भीतर स्थित तेल रिफाइनरियों पर हमले बढ़ा दिए हैं। इससे रूस के कई इलाकों में ईंधन की कमी हो गई है। सिर्फ सितंबर में ही यूक्रेन ने रूस और उसके कब्जे वाले इलाकों में 19 तेल ठिकानों पर ड्रोन हमले किए थे।